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  • दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम

    दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार (Chief Electoral Officer Ashok Kumar) ने सोमवार को कहा कि एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) के दौरान मतदाता सूची से छूटे पात्र मतदाताओं के लिए 18 और 25 अक्तूबर को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें जवाब दाखिल कर निस्तारण करा सकेंगे, वहीं पात्र लोग फॉर्म-6 भरकर जमा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि फॉर्म-6 (Form-6) के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने वाले सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची (Voter List) में शामिल किए जाएंगे। कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं छूटेगा।

    दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के मुताबिक 33 लाख नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब 20 लाख मतदाताओं के नोटिस का निस्तारण किया जा चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में सभी एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्रों में जारी नोटिस के निस्तारित हो चुके मामलों की जानकारी दी।

    सीईओ कार्यालय का कहना है कि तार्किक विसंगतियों और नो-मैपिंग के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए थे, उनकी ओर से दस्तावेज जमा कराकर नोटिस का निस्तारण कराया जा रहा है। अब तक ऐसे चार विशेष कैंप लगाए जा चुके हैं।


    पिछले हफ्ते मिले थे विपक्षी दल

    इससे पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बीते बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की थी और एसआईआर को रद्द करने और राष्ट्रीय राजधानी की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख लोगों के नाम पुनः जोड़ने की मांग की थी। विपक्षी दलों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कश्मीरी गेट से दिल्ली निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकालने के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, माले और तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ अशोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।

    जानकारी के मुताबिक एसआईआर के दौरान तैयार की गई मसौदा सूची से 47 लाख से अधिक नाम बाहर कर दिए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में विसंगतियां होने के कारण 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने नोटिस वापस लेने और उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की मांग की, जिनके नाम हटा दिए गए हैं।