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  • कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आखिरी मौका: सीबीएसई री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए आज अंतिम दिन

    कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आखिरी मौका: सीबीएसई री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए आज अंतिम दिन

    नई दिल्ली । कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए सीबीएसई द्वारा री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन का आवेदन आज अंतिम दिन है। जिन छात्रों को अपने परीक्षा परिणाम पर आपत्ति है, उनके पास अब केवल कुछ घंटे बचे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की समय सीमा आज रात 11 बजकर 59 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल के माध्यम से छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराने का अवसर दिया है। पहले यह समय सीमा 6 जून तय की गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और उच्च मांग को देखते हुए इसे एक दिन बढ़ा दिया गया।

    छात्रों के लिए इस प्रक्रिया में सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद छात्र सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं या किसी विशेष प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन और सत्यापन की यह व्यवस्था मूल्यांकन की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

    इस वर्ष बोर्ड ने कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली का उपयोग किया है। कई छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधली तस्वीरें या अंकन न दिखने जैसी समस्याओं की शिकायत की थी। यही कारण है कि इस प्रक्रिया के लिए आवेदन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अब तक 70 हजार से अधिक आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं।

    छात्रों को सत्यापन के लिए निर्धारित शुल्क और पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न शुल्क जमा करना होता है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद जारी अंक अंतिम और बाध्यकारी होंगे। इसके बाद किसी अन्य स्तर पर अपील की अनुमति नहीं होगी। इसलिए जिन छात्रों को अपने परिणाम पर संदेह है, उनके लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे समय रहते पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। रात 11:59 के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और इसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कदम छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता का भरोसा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    छात्रों के लिए यह अवसर उनकी मेहनत और प्रयासों की सही पहचान सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। बोर्ड की यह व्यवस्था छात्रों और अभिभावकों के बीच भरोसे को बढ़ाने में सहायक साबित होगी।

    इसलिए कक्षा 12वीं के वे छात्र जिन्होंने अपने अंक या परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई है, उन्हें तुरंत री-इवैल्यूएशन और सत्यापन के लिए आवेदन करना चाहिए। समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला

    CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला


    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों के उत्तर लिखने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को अलग-अलग सेक्शनों में बांटकर लिखना अनिवार्य होगा।

    तीन हिस्सों में विज्ञान का प्रश्नपत्र

    CBSE के अनुसार विज्ञान का प्रश्नपत्र तीन हिस्सों में विभाजित होगा:

    सेक्शन A: बायोलॉजी

    सेक्शन B: केमिस्ट्री

    सेक्शन C: फिजिक्स

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी इसी क्रम में तीन अलग-अलग सेक्शन बनाकर अपने उत्तर लिखने होंगे। अगर किसी छात्र ने फिजिक्स का उत्तर गलती से बायोलॉजी वाले सेक्शन में लिखा, तो उस प्रश्न के अंक नहीं मिलेंगे।

    चार हिस्सों में सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र

    सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र को चार सेक्शनों में बांटा गया है:

    सेक्शन A: इतिहास

    सेक्शन B: भूगोल

    सेक्शन C: राजनीति विज्ञान

    सेक्शन D: अर्थशास्त्र

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी चार स्पष्ट सेक्शन बनाकर ही उत्तर लिखना होगा। किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में लिखने पर उसे मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

    CBSE के मुख्य निर्देश

    विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में तीन सेक्शन, और सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में चार सेक्शन बनाना अनिवार्य है।

    किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में नहीं लिखा जा सकता।

    अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उस उत्तर का मूल्यांकन नहीं होगा, और री-चेकिंग या री-इवैल्युएशन में भी इसे सही नहीं किया जा सकेगा।

    बोर्ड ने साफ किया है कि यह बदलाव उत्तर पुस्तिका को व्यवस्थित और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। छात्रों को समय रहते इन नई गाइडलाइन्स को समझकर अभ्यास करना जरूरी होगा।