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  • बीजापुर: सुरक्षा बलों और माओवादी के बीच मुठभेड़, दो माओवादी ढेर, हथियार बरामद

    बीजापुर: सुरक्षा बलों और माओवादी के बीच मुठभेड़, दो माओवादी ढेर, हथियार बरामद


    बीजापुर छत्तीसगढ़। आज इंद्रावती नदी के आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादी समूह के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई जिसमें दो वर्दीधारी माओवादी मारे गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान के तहत इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं जो सुरक्षा बलों की सफलता को और बढ़ाते हैं।

    पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के बारे में सटीक सूचना मिलने पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान शामिल थे जो इलाके में सक्रिय माओवादी गुटों की जानकारी और संभावित खतरों का जायजा लेने के लिए रवाना हुए।

    जैसे ही सुबह सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान शुरू किया माओवादी समूह ने अचानक हमला कर दिया। माओवादी अंधाधुंध फायरिंग करने लगे जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक चली यह मुठभेड़ इलाके में भारी तनाव पैदा कर गई। सुरक्षा बलों की सटीक कार्रवाई और प्रशिक्षण ने माओवादी समूह के दो सदस्यों को ढेर कर दिया जबकि बाकी माओवादी भागने में सफल रहे।

    मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए हथियारों और विस्फोटकों में असलहे कारतूस ग्रेनेड और शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी माओवादी गतिविधियों की गंभीरता और उनकी योजनाओं के खतरनाक स्वरूप को दर्शाती है। सुरक्षा बलों ने कहा कि बरामद हथियार और विस्फोटक आगे के हमलों को रोकने में मददगार साबित होंगे।

    डॉ. जितेन्द्र यादव ने आगे बताया कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल माओवादी तत्वों को निशाना बनाना था बल्कि इलाके में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नक्सली गतिविधियों को रोकना भी था। उन्होंने कहा कि बीजापुर जिले में नक्सलियों की सक्रियता पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल हर समय तैयार हैं।

    स्थानीय लोगों ने भी सुरक्षा बलों की तारीफ की और कहा कि इस अभियान से उन्हें राहत मिली है क्योंकि माओवादी हमलों से इलाके में दहशत का माहौल बना रहता था। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

    इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर क्षेत्र में सुरक्षा बल और माओवादी के बीच संघर्ष लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

  • सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ

    सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ


    झारखंड । झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित एशिया के सबसे घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत 47 घंटों तक चली इस भीषण मुठभेड़ में 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए इन नक्सलियों पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम घोषित था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमडीह और बहादा जंगल में चली इस गोलीबारी ने नक्सली संगठन की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार आईईडी और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    ऑपरेशन मेगाबुरु की बड़ी सफलताएं

    सुरक्षाबलों के लिए यह जीत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठन के कई बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं रापा मुंडा 35 लाख का इनामी जोनल कमांडर रापा मुंडा इस मुठभेड़ का सबसे बड़ा शिकार बना। वह अप्रैल 2025 में हुए उस घातक आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। मुवति होनहांगा 2 लाख की इनामी इस महिला नक्सली को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। बड़ी बरामदगी मुठभेड़ स्थल से एके-47 इंसास राइफलें और भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ है।

    दहशत के बीच भारी नाकेबंदी

    मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि इसका असर आसपास के गांवों में साफ देखा जा रहा है घरों में कैद ग्रामीण फायरिंग की गूंज से डरे हुए लगभग 20 परिवार अपने घरों में सिमटे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स घने जंगलों से नक्सलियों के शव बाहर निकालने के लिए प्रशासन को 6 ट्रैक्टरों और सुरक्षा के लिए 8 मजिस्ट्रेटों की तैनाती करनी पड़ी। सील इलाका: कुमडीह और सेडल नाका सहित पूरे इलाके को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने चारों तरफ से सील कर दिया है।

    सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

    हालांकि मुख्य मुठभेड़ थम गई है, लेकिन ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि घने बीहड़ों और गुफाओं में कुछ और हार्डकोर नक्सली छिपे हो सकते हैं। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है ताकि कोई भी अपराधी घेराबंदी तोड़कर ओडिशा की सीमा में न भाग सके।