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  • रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    नई दिल्ली । फिल्म ‘रामायण’ के निर्माता नमित मल्होत्रा से एक बार फिर भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ को बड़े पर्दे पर बनाने को लेकर सवाल पूछा गया है। अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान एक समीक्षक ने उनसे पूछा कि क्या वह एसएस राजामौली के साथ मिलकर ‘महाभारत’ बनाने की योजना बना रहे हैं। इस सवाल पर नमित पहले मुस्कुराए और फिर उन्होंने राजामौली की तारीफ करते हुए भारतीय सिनेमा की सफलता की कामना की। उनका जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

    लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में ‘रामायण’ का वर्ल्ड प्रीमियर आयोजित किया गया। इस अवसर पर फिल्म की अंग्रेजी डबिंग प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में निर्माता नमित मल्होत्रा भी मौजूद थे। इसी दौरान उनसे भारतीय सिनेमा की एक और बड़ी पौराणिक परियोजना ‘महाभारत’ को लेकर सवाल किया गया। समीक्षक ने विशेष रूप से एसएस राजामौली के साथ इस महागाथा पर काम करने की संभावना के बारे में पूछा।

    सवाल सुनकर नमित मल्होत्रा पहले हंस पड़े। इसके बाद उन्होंने कहा कि एसएस राजामौली एक महान निर्देशक हैं और वह उनके लिए बहुत सफलता की कामना करते हैं। जब उनसे राजामौली के साथ काम करने की बात कही गई, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब समय आ गया है कि पूरा भारतीय सिनेमा सफल हो। नमित के इस बयान को भारतीय फिल्म उद्योग की व्यापक सफलता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने ‘महाभारत’ बनाने की किसी योजना या राजामौली के साथ संभावित सहयोग की आधिकारिक घोषणा नहीं की।

    नमित के इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने उनसे ‘रामायण’ के बाद ‘महाभारत’ पर भी फिल्म बनाने की अपील की। कुछ लोगों ने कहा कि भारतीय दर्शक लंबे समय से इस तरह की भव्य पौराणिक फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का मानना था कि एसएस राजामौली अपनी टीम के साथ अलग से ‘महाभारत’ बनाने की योजना पर काम कर सकते हैं। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं और इनसे किसी फिल्म की आधिकारिक योजना की पुष्टि नहीं होती।

    इस बीच ‘रामायण’ को लेकर भी दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में कई जाने-माने कलाकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीशियन जुड़े हैं। अभिनेता अनुपम खेर इस फिल्म में जटायु के किरदार को अपनी आवाज देंगे। उन्होंने भी फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर पर खुशी जताई है और इसे भारतीय कहानी को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।

    अनुपम खेर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में कहा कि भारत की महान कहानी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया की बेहतरीन फिल्मों के स्तर पर प्रस्तुत होते देखना गर्व की बात है। उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा, निर्देशक नितेश तिवारी, संगीतकार हंस जिमर और एआर रहमान के साथ पूरी कलाकार एवं तकनीकी टीम की सराहना की। उनके मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अनेक लोगों ने मेहनत और अपनी प्रतिभा का योगदान दिया है।

    ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर और नमित मल्होत्रा के बयान के बाद अब दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि भविष्य में भारतीय महाकाव्यों पर और कौन-सी बड़ी फिल्में बनाई जा सकती हैं। फिलहाल नमित ने ‘महाभारत’ को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की है। उनका जवाब भारतीय सिनेमा की सामूहिक प्रगति की उम्मीद तक ही सीमित रहा।

  • दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल

    दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर गायक दलेर मेहंदी के बीच एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने अब मनोरंजन जगत में चर्चा तेज कर दी है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मंच पर जिस तरह से गायक से बात की गई उससे उन्हें काफी दुख हुआ। अनुपम खेर ने मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकारों से भी अपील की कि वे इस मामले पर अपनी आवाज उठाएं और दलेर मेहंदी का साथ दें।

    अनुपम खेर ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने साफ किया कि उन्होंने खुद उस घटना को नहीं देखा है इसलिए वह पूरे मामले के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते। हालांकि दलेर मेहंदी के साथ पिछले दो से तीन दशकों के अपने परिचय के आधार पर उन्होंने गायक के व्यक्तित्व और व्यवहार का बचाव किया। खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 20 से 30 सालों से जानते हैं और उनकी जानकारी में दलेर शराब नहीं पीते हैं। उन्होंने गायक को अच्छे इंसानों में से एक बताया।

    अनुपम खेर ने यह भी कहा कि उन्हें अपने और दलेर मेहंदी के एक मित्र डॉ. जूल के माध्यम से पता चला था कि गायक पिछले दो से तीन वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहे हैं। ऐसे में संभव है कि खराब तबीयत के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम में आने का अपना वादा निभाया हो। खेर के मुताबिक यह उनके पेशेवर रवैये को दिखाता है। उन्होंने यह भी माना कि कार्यक्रम में लिप-सिंक किए जाने की संभावना हो सकती है लेकिन किसी प्रदर्शन को लेकर शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार को सबके सामने अपमानित किया जाए।

    अनुपम खेर ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति से इस तरह सार्वजनिक मंच पर बात करना उचित नहीं है। उन्होंने दलेर मेहंदी से सहानुभूति जताते हुए कहा कि मनोरंजन जगत के लोगों को इस मामले पर चर्चा करनी चाहिए। खेर ने यह भी सवाल उठाया कि किसी कलाकार का बचाव करने की जिम्मेदारी सिर्फ उसके भाई या परिवार की नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को भी ऐसे मामलों में अपनी राय रखनी चाहिए और कलाकारों के सम्मान के लिए आगे आना चाहिए।

    अपने पोस्ट के कैप्शन में अनुपम खेर ने सीधे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से कोई शिकायत थी तो उस पर निजी तौर पर और सम्मानजनक तरीके से बात की जा सकती थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या गायक को मंच पर सबके सामने अपमानित करना जरूरी था। खेर ने दलेर मेहंदी को असाधारण कलाकार और अच्छा इंसान बताते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना भी की।

    यह विवाद टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इन वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल गायक के प्रदर्शन पर सवाल उठाते और उन्हें रुकने के लिए कहते नजर आए। रिपोर्टों के अनुसार मंत्री ने नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा को समर्पित कार्यक्रम में शराब के नशे में प्रस्तुति देने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद घटना नहीं देखी है।

    इस मामले में अनुपम खेर से पहले भी मनोरंजन जगत के कुछ कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं। रैपर बादशाह और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी गायक के प्रति समर्थन जताया है। वहीं मीका सिंह ने अपने भाई दलेर मेहंदी की हालिया सर्जरी और स्वास्थ्य की स्थिति का जिक्र करते हुए उनका बचाव किया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर शिकायत दर्ज कराने के तरीके को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • प्रभास का खून से सना अंदाज और सामने महात्मा गांधी, ‘फौजी’ के पोस्टर में दिखी आजादी की जंग की झलक

    प्रभास का खून से सना अंदाज और सामने महात्मा गांधी, ‘फौजी’ के पोस्टर में दिखी आजादी की जंग की झलक


    नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस के मौके पर साउथ सुपरस्टार प्रभास के फैंस को बड़ा सरप्राइज मिला है। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म फौजी का नया पोस्टर सामने आया है जिसने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। पोस्टर में प्रभास बेहद रफ और इंटेंस अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन हनु राघवपुड़ी कर रहे हैं और इसे पीरियड एक्शन ड्रामा के तौर पर पेश किया जा रहा है। मेकर्स पहले ही फिल्म की रिलीज डेट 3 दिसंबर 2026 तय कर चुके हैं।

    फौजी की कहानी आजादी से पहले के भारत की पृष्ठभूमि में रखी गई है। फिल्म में प्रभास एक सैनिक की भूमिका में दिखाई देंगे। मेकर्स ने कहानी को इतिहास के एक कम चर्चित अध्याय से जोड़ते हुए पेश किया है। सामने आए पोस्टर और अब तक जारी जानकारी से साफ है कि फिल्म में देशभक्ति के साथ युद्ध और एक्शन का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिल सकता है। हालांकि फिल्म की पूरी कहानी और प्रभास के किरदार की विस्तृत जानकारी अभी मेकर्स ने सामने नहीं रखी है।

    फिल्म के पोस्टर में प्रभास का लुक खास तौर पर चर्चा में है। वह खून से सने शरीर और हाथ में हथियार के साथ बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर के साथ दी गई टैगलाइन A Battalion Who Fights Alone भी फिल्म के केंद्रीय किरदार की ओर इशारा करती है। इसमें एक ऐसे योद्धा की झलक मिलती है जो मुश्किल हालात में अकेले मोर्चा संभालता नजर आ सकता है। यही वजह है कि पोस्टर रिलीज होते ही प्रभास के फैंस के बीच फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    फौजी को लेकर एक और खास बात इसकी स्टारकास्ट है। प्रभास के साथ इमानवी मुख्य भूमिका में हैं। दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर भी फिल्म का हिस्सा हैं। उनके अलावा मिथुन चक्रवर्ती और जया प्रदा जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। अनुपम खेर ने स्वतंत्रता दिवस पर फिल्म के नए पोस्टर को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर गर्व की बात बताया।

    फिल्म का निर्देशन हनु राघवपुड़ी कर रहे हैं जिन्हें सीता रामम जैसी पीरियड रोमांटिक ड्रामा के लिए जाना जाता है। फौजी में उनका फोकस इतिहास की पृष्ठभूमि में एक बड़े स्तर की कहानी पेश करने पर है। फिल्म को Mythri Movie Makers प्रोड्यूस कर रहा है जबकि T-Series Films इसे प्रस्तुत कर रहा है। यह सहयोग फिल्म के बड़े पैमाने और पैन इंडिया अपील की ओर भी इशारा करता है।

    फौजी की रिलीज को लेकर भी अब तस्वीर साफ है। फिल्म दुनियाभर के सिनेमाघरों में 3 दिसंबर 2026 को दस्तक देगी। रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा जुलाई में नए पोस्टर के साथ की गई थी। इसके बाद से फिल्म को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।

    प्रभास इससे पहले बाहुबली जैसी फिल्मों के जरिए पीरियड और भव्य सिनेमा में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। ऐसे में फौजी में उनका सैनिक वाला अवतार दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन गया है। स्वतंत्रता दिवस पर जारी पोस्टर ने फिल्म के देशभक्ति और एक्शन से जुड़े पहलू को और मजबूत कर दिया है। अब दर्शकों की नजर फिल्म के अगले अपडेट और इसके टीजर पर है क्योंकि वही कहानी और प्रभास के किरदार को लेकर तस्वीर और साफ करेगा।

  • अभिनय की नई उड़ान, अनुपम खेर ने शुरू की 551वीं फिल्म, भूमिका होगी चौंकाने वाली..

    अभिनय की नई उड़ान, अनुपम खेर ने शुरू की 551वीं फिल्म, भूमिका होगी चौंकाने वाली..

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के अनुभवी और चर्चित अभिनेता अनुपम खेर ने एक बार फिर अपने लंबे और सक्रिय करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपनी 551वीं फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ साझा की है। इस नई शुरुआत के साथ ही एक बार फिर उनके अभिनय सफर को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
    इस फिल्म की खास बात यह बताई जा रही है कि इसमें अनुपम खेर का किरदार उनके अब तक निभाए गए सभी किरदारों से बिल्कुल अलग होगा। अभिनेता ने खुद इस बात की ओर इशारा किया है कि वह इस बार खुद को एक नई चुनौती देने जा रहे हैं, ताकि अभिनय के स्तर पर कुछ नया और अलग किया जा सके। उनका मानना है कि लगातार एक जैसी भूमिकाएं करने से कलाकार की रचनात्मकता सीमित हो जाती है, इसलिए नए प्रयोग करना जरूरी है।
    फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ ही उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह एक बार फिर अपने करियर की पहली फिल्म की शुरुआत कर रहे हों। यह भावना उनके लिए बेहद खास रही, क्योंकि इतने लंबे करियर के बाद भी नया काम शुरू करते समय वही उत्साह और ऊर्जा महसूस हो रही है।
    इस फिल्म की एक पहली झलक भी सामने आई है, जिसमें वह सफेद परिधान में नजर आ रहे हैं। यह लुक उनके किरदार को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा रहा है। हालांकि कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे रहस्य से भरा हुआ बताया जा रहा है, जो दर्शकों के लिए आगे चलकर एक नया अनुभव लेकर आएगा।
    अनुपम खेर ने यह भी कहा है कि वह लंबे समय से ऐसी कहानी की तलाश में थे, जिसमें वास्तविकता और गहराई हो। अब उन्हें ऐसा प्रोजेक्ट मिला है जो उनकी इस तलाश को पूरा करता है। उनका मानना है कि यह किरदार उनके अभिनय जीवन में एक नया मोड़ साबित हो सकता है।
    अपने करियर में चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाले अनुपम खेर ने सैकड़ों फिल्मों में अलग-अलग प्रकार के किरदार निभाए हैं। उनकी अभिनय यात्रा भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है, जहां उन्होंने हास्य, गंभीर और भावनात्मक सभी प्रकार की भूमिकाओं को बखूबी निभाया है।
    उनकी पिछली फिल्म कुछ समय पहले रिलीज हुई थी, जिसके बाद अब वह इस नए प्रोजेक्ट के साथ फिर से दर्शकों के सामने आने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार वह एक डिजिटल प्रोजेक्ट से भी जुड़े हैं, जिससे उनके काम का दायरा और भी व्यापक होता नजर आ रहा है।
    नई फिल्म की शुरुआत के साथ अनुपम खेर ने अपने प्रशंसकों से समर्थन और आशीर्वाद की उम्मीद जताई है। उनका यह नया प्रयास न केवल उनके करियर को एक नई दिशा देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अनुभव और जुनून के साथ कलाकार लगातार खुद को नया रूप दे सकता है।
  • 71 की उम्र में भी फिटनेस का जलवा, अनुपम खेर की जिम मेहनत ने सबको चौंकाया..

    71 की उम्र में भी फिटनेस का जलवा, अनुपम खेर की जिम मेहनत ने सबको चौंकाया..


    नई दिल्ली।
    कई लोग 70 की उम्र के बाद जीवन को आराम और सीमित गतिविधियों तक समेट लेते हैं, लेकिन अनुपम खेर इस सोच को पूरी तरह बदलते नजर आते हैं। 71 वर्ष की उम्र में भी वे जिस तरह से खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रखे हुए हैं, वह लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। हाल ही में उनका एक जिम वीडियो सामने आया, जिसमें उनकी फिटनेस और ऊर्जा ने सभी का ध्यान खींच लिया।

    इस वीडियो में वे पूरी लगन के साथ व्यायाम करते दिखाई देते हैं। उनका अंदाज़ यह दर्शाता है कि वे फिटनेस को केवल एक शौक नहीं, बल्कि जीवन का जरूरी हिस्सा मानते हैं। वर्कआउट के दौरान उनकी एकाग्रता और निरंतरता यह साबित करती है कि उन्होंने अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।

    अनुपम खेर का मानना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उनके अनुसार नियमित व्यायाम न केवल शरीर को मजबूत करता है, बल्कि मन को भी शांत और स्थिर बनाता है। यही कारण है कि वे हर परिस्थिति में अपनी फिटनेस रूटीन को प्राथमिकता देते हैं।

    कई बार जब सामान्य रूप से मन व्यायाम करने का नहीं होता, तब भी वे खुद को प्रेरित करते हैं और अभ्यास जारी रखते हैं। उनका यह दृष्टिकोण दिखाता है कि असली अनुशासन वही है जो बिना मन के भी जिम्मेदारी को निभाए। इसी वजह से उनकी फिटनेस यात्रा लोगों के लिए एक मजबूत संदेश बन चुकी है।

    उनकी यह सक्रिय जीवनशैली केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच को भी दर्शाती है। वे अक्सर अपने अनुभवों के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि जीवन में निरंतरता और सकारात्मकता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    उनका यह भी मानना है कि जब कोई व्यक्ति अपने अनुशासन और प्रयासों से दूसरों को प्रेरित करने लगता है, तो उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी सोच के साथ वे अपनी फिटनेस यात्रा को साझा करते हैं ताकि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।

    फिलहाल अनुपम खेर अपने थिएटर और अन्य रचनात्मक प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपने फिटनेस रूटीन से समझौता नहीं करते। उनकी यह जीवनशैली यह साबित करती है कि उम्र कभी भी सक्रियता और सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती, अगर व्यक्ति में इच्छाशक्ति और अनुशासन मजबूत हो।

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    नई दिल्ली। उज्जैन: प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिर में आयोजित आरती में भाग लिया और पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर में बिताए गए समय को उन्होंने बेहद दिव्य और ऊर्जावान अनुभव बताया और कहा कि यहां आकर उन्हें एक अलग ही शांति और शक्ति का एहसास हुआ, जो जीवन में एक विशेष प्रेरणा देता है।

    अनुपम खेर समय-समय पर अपनी धार्मिक यात्राओं को लेकर चर्चा में रहते हैं। वे देशभर के विभिन्न मंदिरों और पवित्र स्थलों पर जाकर आस्था व्यक्त करते हैं और अपने अनुभवों को फैंस के साथ साझा करते हैं। इसी क्रम में उनकी उज्जैन यात्रा भी बेहद खास रही, जहां उन्होंने महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की भव्यता और वातावरण की आध्यात्मिक ऊर्जा को करीब से महसूस किया।

    अभिनेता ने अपनी इस यात्रा की झलक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की, जहां उन्होंने कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इन दृश्यों में वे मंदिर परिसर में घूमते हुए और आरती में शामिल होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा और उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और धार्मिक स्थलों की प्राचीनता और भव्यता विश्व में अद्वितीय है।

    वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने उत्साह के साथ ‘जय महाकाल’ का उद्घोष किया और बताया कि आरती के दौरान का अनुभव अत्यंत दिव्य था। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण मन और आत्मा दोनों को एक अलग ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि यहां भक्तों के लिए सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था की गई है, जिससे सभी श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर सकें।

    अनुपम खेर ने यह भी बताया कि उन्होंने महाकाल के दर्शन के साथ-साथ सभी के कल्याण और देश की प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके अनुसार यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं थी, बल्कि आत्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का एक माध्यम भी रही।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला’ के दूसरे भाग में नजर आएंगे, जिसमें वे एक बार फिर कमल किशोर खोसला के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन दिबाकर बनर्जी कर रहे हैं और इसमें कई अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। इसके अलावा वे निर्देशक सूरज बड़जात्या के आगामी प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं, जिससे उनके प्रशंसकों में उत्साह बना हुआ है।

    महाकालेश्वर मंदिर की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि अनुपम खेर अपने व्यस्त फिल्मी करियर के बावजूद आध्यात्मिकता और आस्था से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका यह अनुभव न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश लेकर आया है।

  • गणपति बप्पा के दरबार में झुके अनुपम खेर, नई स्क्रिप्ट पढ़कर मांगी अपार सफलता की दुआ..

    गणपति बप्पा के दरबार में झुके अनुपम खेर, नई स्क्रिप्ट पढ़कर मांगी अपार सफलता की दुआ..

    नई दिल्ली:हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों थिएटर की दुनिया में फिर से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और अपने नए नाटकों के जरिए दर्शकों से सीधा जुड़ाव बना रहे हैं। फिल्मों में लंबा सफर तय करने के बाद उन्होंने एक बार फिर रंगमंच की ओर रुख किया है, जहां वे लगातार नए प्रयोग और प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसी क्रम में अपने आगामी नाटक की तैयारी के बीच वे भगवान गणपति का आशीर्वाद लेने पहुंचे, जहां उन्होंने अपने काम की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की।

    नाटक के मंचन से पहले अनुपम खेर मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धा के साथ अपने नए प्रोजेक्ट की स्क्रिप्ट भगवान के सामने प्रस्तुत की। मंदिर परिसर में उन्होंने स्क्रिप्ट की कुछ पंक्तियां पढ़कर सुनाईं और अपने आगामी नाटक की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा। यह क्षण उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से बेहद खास रहा, जिसे उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ भी साझा किया।

    अनुपम खेर का थिएटर से जुड़ाव उनके करियर की शुरुआती दिनों से रहा है। अब एक लंबे अंतराल के बाद उन्होंने फिर से रंगमंच पर वापसी की है और लगातार नए नाटकों के जरिए अपनी कला को नई दिशा दे रहे हैं। उनका हालिया हिंदी म्यूजिकल नाटक जाने पहचाने अनजाने दर्शकों के बीच काफी सराहा जा रहा है, जिसमें आधुनिक रिश्तों की जटिलता और भावनात्मक दूरी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

    इस नाटक की खास बात इसका संगीत और प्रस्तुति शैली है, जिसमें जाने-माने संगीतकारों और गायकों का योगदान रहा है। संगीत के जरिए कहानी को जीवंत बनाने की कोशिश की गई है, जिससे दर्शकों को एक अलग अनुभव मिलता है। अनुपम खेर ने इस प्रोजेक्ट में न केवल अभिनय किया है बल्कि इसके निर्माण और प्रस्तुति में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    उनके इस नए प्रयास के पीछे एक स्पष्ट सोच नजर आती है कि वे थिएटर के माध्यम से ऐसे विषयों को सामने लाना चाहते हैं, जो आम जिंदगी से जुड़े हों और दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकें। यही कारण है कि उनके नाटकों में कहानी, संगीत और अभिनय का संतुलन देखने को मिलता है।

    गौरतलब है कि इस नाटक का नाम भी एक दिलचस्प तरीके से सामने आया था, जिसे उनके करीबी परिवार सदस्य द्वारा सुझाया गया था। इससे यह भी साफ होता है कि उनके रचनात्मक काम में परिवार की भूमिका भी अहम बनी हुई है।

    अनुपम खेर का यह कदम यह दर्शाता है कि वे अपने काम को केवल पेशा नहीं बल्कि एक साधना के रूप में देखते हैं, जहां आस्था और कला का गहरा संबंध है। थिएटर के प्रति उनका समर्पण और नई शुरुआत के प्रति उनकी ऊर्जा यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वे रंगमंच पर और भी प्रभावशाली प्रस्तुतियां लेकर आ सकते हैं।