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  • राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    मध्य प्रदेश। सरकार की ओर से इस वर्ष का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अभिनेता रघुवीर यादव को दिया जाएगा। 13 अक्टूबर को पार्श्वगायक किशोर कुमार की पुण्यतिथि के अवसर पर खंडवा में सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। रघुवीर यादव को वेब सीरीज पंचायत में प्रधान जी की भूमिका से खास पहचान मिली है। इससे पहले इस सम्मान के लिए अभिनेता अनुपम खेर का नाम तय किया गया था, लेकिन उनके खंडवा आने में असमर्थता जताने के बाद ज्यूरी ने रघुवीर यादव का चयन किया। कार्यक्रम मंगलवार शाम खंडवा के पुलिस ग्राउंड में आयोजित होगा।

    सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। परंपरा के अनुसार, सम्मान ग्रहण करने से पहले रघुवीर यादव किशोर कुमार के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद आयोजित समारोह में उन्हें राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया जा रहा है।

    सम्मान के लिए अनुपम खेर का नाम पहले तय किए जाने की जानकारी सामने आई थी। चयन की औपचारिक घोषणा से पहले संबंधित ज्यूरी ने उनसे संपर्क किया था। बताया गया कि अनुपम खेर ने खंडवा आने में असमर्थता जताई, क्योंकि वे 17 अक्टूबर तक देश से बाहर रहने वाले थे। सम्मान ग्रहण करने के लिए चयनित कलाकार का खंडवा पहुंचना अनिवार्य होने के कारण ज्यूरी को दूसरे कलाकार का चयन करना पड़ा। इसके बाद रघुवीर यादव के नाम पर फैसला किया गया। इस वर्ष सम्मान के लिए कलाकार का नाम अंतिम समय में तय हो सका।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए कलाकारों का चयन पांच सदस्यीय ज्यूरी करती है। यह समिति मुंबई में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और विशेषज्ञों के बीच चयन प्रक्रिया पूरी करती है। पहले कई मौकों पर चयनित कलाकारों को उनके घर जाकर भी सम्मान प्रदान किया गया था। वर्ष 2010 में अभिनेता देव आनंद को उनके निवास पर सम्मानित किए जाने के बाद ऐसी व्यवस्था का चलन बढ़ा। इससे खंडवा में किशोर कुमार के प्रशंसकों के बीच नाराजगी सामने आई, क्योंकि सम्मान समारोह का आयोजन किशोर कुमार की जन्मस्थली में किए जाने की अपेक्षा थी। इसके बाद वर्ष 2025 में नियम जोड़ा गया कि सम्मान प्राप्त करने वाले कलाकार को खंडवा आना अनिवार्य होगा।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 1997-98 में की थी। किशोर कुमार के निधन के करीब दस वर्ष बाद शुरू किए गए इस सम्मान का उद्देश्य सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन और गीत लेखन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को इसके लिए चुना जाता है। कलाकारों का चयन उनकी दीर्घ साधना, उपलब्धियों और सिनेमा में सक्रिय योगदान के आधार पर किया जाता है।

    शुरुआत में इस सम्मान के साथ दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी। वर्तमान में सम्मानित कलाकार को पांच लाख रुपये की नकद राशि, स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल प्रदान किए जाते हैं। शुरुआती वर्षों में समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित होता था। बाद में तत्कालीन संस्कृति मंत्री विजय शाह की पहल पर आयोजन को खंडवा स्थानांतरित किया गया। इसका उद्देश्य किशोर कुमार की जन्मस्थली में उनके प्रति सम्मान और स्मृति को केंद्र में रखना था।

    रघुवीर यादव का जन्म 25 जून 1957 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण लिया और वर्ष 1985 में फिल्म मैसी साहब से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। सलाम बॉम्बे!, बैंडिट क्वीन, दिल से, लगान, वॉटर और पीपली लाइव जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पहचान मिली। वे अभिनेता होने के साथ गायक और संगीतकार भी हैं। फिल्म मैसी साहब के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले, जबकि पंचायत वेब सीरीज में उनके अभिनय के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।

  • अमेरिका दौरे पर अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो से की मुलाकात, बोले- हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात

    अमेरिका दौरे पर अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो से की मुलाकात, बोले- हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात

    नई दिल्ली ।अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अपने नाटक ‘जाने पहचाने अनजाने’ के साथ अमेरिका और कनाडा के दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और अपने करीबी दोस्त रॉबर्ट डी नीरो से उनके घर पर मुलाकात की। अनुपम खेर ने इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और इसे अपने मौजूदा दौरे की खास यादों में शामिल बताया।

    अनुपम खेर ने मुलाकात से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें वह रॉबर्ट डी नीरो के साथ नजर आ रहे हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने कहा कि अमेरिका आने के बाद अपने सबसे प्यारे दोस्त डी नीरो से मिले बिना उनका दौरा पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने रॉबर्ट डी नीरो को दुनिया के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया और कहा कि उनसे मिलना हर बार उनके लिए खुशी की बात होती है।

    अनुपम खेर ने बताया कि अमेरिका और कनाडा में अपने म्यूजिकल प्ले ‘जाने पहचाने अनजाने’ के साथ चल रहे दौरे के बीच रॉबर्ट डी नीरो से हुई मुलाकात उनके लिए सबसे खास अनुभवों में से एक रही। उन्होंने अपने दोस्त के घर पहुंचने और उनके साथ समय बिताने को लेकर भी खुशी जाहिर की। दोनों की मुलाकात के दौरान उनके बीच दोस्ताना संबंध दिखाई दिए, जिसकी झलक अनुपम खेर की साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भी नजर आई।

    अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो को अपने घर पर आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उनके घर पर मिले स्वादिष्ट भोजन का भी जिक्र किया। अनुपम के मुताबिक, दोनों के बीच हुई बातचीत और डी नीरो की ओर से दिया गया समय उनके लिए काफी मायने रखता है। उन्होंने कहा कि जब भी वह डी नीरो से मिलते हैं, तो उनके भीतर का प्रशंसक भी उतना ही उत्साहित होता है, जितना एक दोस्त अपने दोस्त से मिलकर होता है।

    अनुपम खेर ने रॉबर्ट डी नीरो के प्रति एक अभिनेता और इंसान, दोनों रूपों में सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि दुनिया के इस महान अभिनेता को अपना दोस्त कह सकते हैं। उन्होंने डी नीरो के परिवार का भी आभार जताया और कहा कि परिवार की मौजूदगी ने इस मुलाकात को उनके लिए और खूबसूरत याद बना दिया। अनुपम ने कहा कि वह इन पलों को अपने साथ लेकर जाएंगे और लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने डी नीरो की ओर से दिए गए कैप गिफ्ट के लिए भी धन्यवाद दिया और बताया कि यह उपहार उनके लिए बहुत मायने रखता है।

  • अनुपम खेर को ओहायो में मिला स्पेशल प्रोक्लेमेशन, बोले- देश से दूर सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद भावुक पल

    अनुपम खेर को ओहायो में मिला स्पेशल प्रोक्लेमेशन, बोले- देश से दूर सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद भावुक पल

    नई दिल्ली । दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर को अमेरिका के ओहायो राज्य में उनके चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें ओहायो की ओर से स्पेशल प्रोक्लेमेशन प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके फिल्मों में लंबे योगदान के साथ उनके लाइव स्टेज परफॉर्मेंस ‘जाने पहचाने अनजाने’ के लिए भी दिया गया।

    कोलंबस में आयोजित लाइव शो के दौरान अनुपम खेर को यह सम्मान मिला। अभिनेता ने सम्मान से जुड़ी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और इसे अपने लिए गर्व और भावुकता से भरा अवसर बताया। उन्होंने ओहायो के इस सम्मान के लिए आभार जताते हुए इसे लंबे समय तक याद रखने वाला अनुभव बताया।

    अनुपम खेर ने सम्मान की तस्वीर साझा करते हुए ओहायो के गवर्नर माइक डिवाइन और लेफ्टिनेंट गवर्नर जिम ट्रेसल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर और ‘जाने पहचाने अनजाने’ के लाइव स्टेज प्रदर्शन के लिए इस तरह का सम्मान मिलना उनके लिए बेहद खास है।

    अभिनेता ने इस सम्मान को गर्व और विनम्रता के साथ स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने इसके लिए ओहायो प्रशासन का आभार व्यक्त किया और अपने सम्मान का श्रेय भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को भी दिया। अनुपम खेर के अनुसार, भारतीय सिनेमा ने उन्हें पहचान और अपनी प्रतिभा को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया।

    उन्होंने अपने लाइव स्टेज शो की पूरी टीम और कलाकारों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। अभिनेता ने कहा कि टीम के सदस्यों की मेहनत और जुनून के कारण हर लाइव प्रदर्शन खास बनता है। उनके लिए यह सम्मान अकेले उनके सफर का नहीं, बल्कि उन लोगों के योगदान का भी प्रतीक है जो उनके साथ लगातार काम करते रहे हैं।

    अनुपम खेर ने कहा कि अपने देश से इतनी दूर इस तरह स्वागत और सम्मान मिलना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है। उन्होंने ओहायो का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वह इस सम्मान को लंबे समय तक याद रखेंगे।

    अनुपम खेर ने हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1984 में महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ से की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए फिल्म जगत में अपनी पहचान मजबूत की।

    अपने लंबे करियर में अनुपम खेर ‘कर्मा’, ‘तेजाब’, ‘चालबाज’, ‘विजय’, ‘राम लखन’, ‘डैडी’, ‘सौदागर’ और ‘दिल’ जैसी फिल्मों में नजर आए। उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दुल्हन हम ले जाएंगे’ और ‘स्पेशल 26’ जैसी चर्चित फिल्मों में भी अभिनय किया।

    फिल्मों के साथ रंगमंच पर भी उनकी सक्रियता लंबे समय से बनी हुई है। ‘जाने पहचाने अनजाने’ के लाइव प्रदर्शन के लिए मिला यह सम्मान उनके अभिनय और मंचीय सफर से जुड़े योगदान को भी रेखांकित करता है। ओहायो में मिला स्पेशल प्रोक्लेमेशन उनके लिए भारतीय सिनेमा से जुड़े लंबे सफर के दौरान एक खास उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

  • 'ठाकुर सज्जन सिंह' से घर-घर मशहूर हुए अनुपम श्याम, बीमारी के दौर में योगी सरकार ने की थी 20 लाख रुपये की मदद

    'ठाकुर सज्जन सिंह' से घर-घर मशहूर हुए अनुपम श्याम, बीमारी के दौर में योगी सरकार ने की थी 20 लाख रुपये की मदद

    नई दिल्ली । अभिनेता अनुपम श्याम ओझा भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत में अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली आवाज और अलग अंदाज के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। खास तौर पर लोकप्रिय धारावाहिक ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ में ठाकुर सज्जन सिंह के किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। फिल्मों से लेकर छोटे पर्दे तक अपने अभिनय की मजबूत छाप छोड़ने वाले अनुपम श्याम ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए। हालांकि, जीवन के अंतिम वर्षों में उन्हें गंभीर बीमारी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मिली आर्थिक सहायता भी चर्चा में रही थी।

    अनुपम श्याम का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान अभिनय की ओर था। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद लखनऊ स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी से रंगमंच और अभिनय का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के बाद वह दिल्ली के श्रीराम सेंटर रंगमंडल से जुड़े और थिएटर के जरिए अभिनय की बारीकियों को समझा। रंगमंच पर अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने अभिनय के बड़े सपने के साथ मुंबई का रुख किया।

    मुंबई में शुरुआती दौर आसान नहीं था। उन्हें छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत करनी पड़ी, लेकिन उनकी प्रतिभा ने धीरे-धीरे फिल्म निर्माताओं का ध्यान खींचा। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘लिटिल बुद्धा’ से हुई। इसके बाद शेखर कपूर की चर्चित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में भी उन्होंने अभिनय किया। आगे चलकर वह ‘लगान’, ‘नायक’, ‘शक्ति’, ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’, ‘वांटेड’, ‘हल्ला बोल’ और ‘रक्त चरित्र’ जैसी फिल्मों का हिस्सा बने। कई फिल्मों में उन्होंने दबंग और नकारात्मक भूमिकाओं को प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा।

    हालांकि फिल्मों में लंबे समय तक काम करने के बाद भी उन्हें सबसे बड़ी लोकप्रियता वर्ष 2009 में शुरू हुए धारावाहिक ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा’ से मिली। इसमें ठाकुर सज्जन सिंह की भूमिका ने उनकी पहचान को एक अलग मुकाम दिया। उनका संवाद बोलने का अंदाज और किरदार की प्रभावशाली प्रस्तुति दर्शकों को बेहद पसंद आई। इस भूमिका की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि बड़ी संख्या में दर्शक उन्हें उनके वास्तविक नाम के बजाय ठाकुर सज्जन सिंह के नाम से पहचानने लगे। बाद में उन्होंने ‘प्रतिज्ञा 2’, ‘कृष्णा चली लंदन’ और ‘डोली अरमानों की’ सहित कई धारावाहिकों में अभिनय किया।

    जीवन के अंतिम दौर में अनुपम श्याम गंभीर किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत पड़ती थी और लंबे इलाज के कारण आर्थिक परेशानियां भी बढ़ गई थीं। इसी दौरान उनके परिवार की ओर से मदद की अपील की गई थी। अनुपम श्याम ने बाद में एक बातचीत में बताया था कि उनकी बीमारी की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची, जिसके बाद इलाज के लिए 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अस्पताल के खाते में भेजी गई। अभिनेता ने इस मदद के लिए आभार भी जताया था और बताया था कि इससे उनके इलाज को आगे बढ़ाने में सहायता मिली।

    इलाज के दौरान उनकी तबीयत में कुछ समय के लिए सुधार आया और उन्होंने दोबारा काम शुरू करने की कोशिश की। वह ‘मन की आवाज प्रतिज्ञा 2’ की शूटिंग से भी जुड़े, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लगातार बनी रहीं। आखिरकार 8 अगस्त 2021 को मुंबई के एक अस्पताल में 63 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के बाद फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अनुपम श्याम भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ठाकुर सज्जन सिंह सहित उनके यादगार किरदार और अभिनय की विरासत दर्शकों के बीच लंबे समय तक जीवित रहेगी।

  • 'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक हालिया सोशल मीडिया रील ने इंटरनेट पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील ने 150 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पूरी स्टारकास्ट बेहद उत्साहित नजर आ रही है। इस शानदार उपलब्धि के बाद अनुपम खेर ने शूटिंग के समय का एक अनदेखा बिहाइंड द सीन्स वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया।

    अनुपम खेर ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब इस छोटी-सी रील की शूटिंग चल रही थी, तब पूरी टीम ने इसे किसी बड़ी फिल्म के क्लाइमैक्स की तरह बेहद गंभीरता और समर्पण के साथ फिल्माया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह साधारण सा वीडियो इतना बड़ा रिकॉर्ड बना देगा। सेट पर मौजूद एक सदस्य ने इस पूरे वाकये को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।

    इस वायरल वीडियो में अनुपम खेर के साथ बमन ईरानी, प्रवीण डब्बास और रणवीर शौरी भी नजर आ रहे हैं। चारों वरिष्ठ कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों के सहज अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

    अभिनेता ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार ही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पूरी टीम को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अनुपम खेर ने फैंस से बिहाइंड द सीन्स वीडियो देखकर शूटिंग की मस्ती का आनंद लेने का आग्रह भी किया।

    इस रील के वायरल होने से बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ को लेकर भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। वर्षो बाद इस हिट फिल्म की मूल स्टारकास्ट को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म के सीक्वल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस रील की ऐतिहासिक सफलता ने आने वाली फिल्म के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार कर रहे थे और अब इस वायरल कंटेंट ने प्रचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।