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  • अशोक बर्णवाल मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी

    अशोक बर्णवाल मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी


    भोपाल ! मध्यप्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (1991 बैच) के वरिष्ठ अधिकारी अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त

    मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को केन्द्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है।

    इस संबंध में केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने बुधवार शाम आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुराग जैन का कार्यकाल नीति आयोग में पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष तक रहेंगा।

    नीति आयोग केंद्र सरकार का शीर्ष सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है, जो देश की विकास योजनाओं, आर्थिक नीतियों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुराम जैन नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस की महानिदेशक निधि छिब्बर की जगह लेंगे। आईएएस अधिकारी सुब्रह्मण्यम के शुरुआती दो साल के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया गया था, जो इस साल 24 फरवरी में खत्म हुआ। इसके बाद निधि छिब्बर अतिरिक्त प्रभार के तौर पर यह पद संभाल रही थीं।

    गौरतलब है कि 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को 3 अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। साल 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है।

  • आज शाम 530 बजे होगा हाई टी कार्यक्रम मुख्य सचिव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को किया आमंत्रित

    आज शाम 530 बजे होगा हाई टी कार्यक्रम मुख्य सचिव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को किया आमंत्रित


    मध्य प्रदेश । प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में आज शाम एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। मंत्रालय के कक्ष क्रमांक 505 सी में शाम 530 बजे हाई टी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन स्वयं मौजूद रहेंगे और उन्होंने शासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

    हाई टी कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव सचिव तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष शामिल होंगे। यह आयोजन केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे प्रशासनिक समन्वय और आपसी संवाद को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठकर प्रदेश के विकास कार्यों प्रशासनिक चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर अनौपचारिक चर्चा करते हैं जिससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है।

    सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान शासन की प्राथमिकताओं विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को काफी उपयोगी माना जाता है क्योंकि इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने के साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन के नेतृत्व में प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को एक साझा मंच मिलता है जहां वे अपने अनुभव साझा करने के साथ विभिन्न विषयों पर खुलकर विचार विमर्श कर सकते हैं। इससे शासन की योजनाओं के प्रभावी संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन में भी सहायता मिलती है।

    मंत्रालय में आयोजित होने वाला यह हाई टी कार्यक्रम प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें शासन के लगभग सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान आपसी समन्वय मजबूत करने के साथ आने वाले समय की प्रशासनिक रणनीतियों पर भी विचार किया जा सकता है। शासन स्तर पर इस आयोजन को प्रशासनिक संवाद को नई गति देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

    प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाला यह कार्यक्रम प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने के साथ बेहतर समन्वय और प्रभावी निर्णय प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान करेगा। ऐसे आयोजनों से शासन के विभिन्न विभागों के बीच सहयोग की भावना बढ़ती है और जनहित से जुड़े कार्यों के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

  • इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र

    इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र


    भोपाल । भोपाल और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट और पार्टी कार्यालयों पर हुए कथित हमलों को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी आपत्ति जताते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखा है।

    जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि भोपाल, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यालयों पर संगठित रूप से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया, जबकि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।

    उन्होंने कहा कि पीसीसी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन ने गुंडागर्दी का रूप ले लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कार्यालयों में तोड़फोड़ की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह घटनाएं प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होंगी।

    पत्र में पटवारी ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण या सहमति की भूमिका पाई जाती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर विश्वास कायम रह सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

    इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।