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  • हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम

    हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम



    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद अब परिवार हरिद्वार में अस्थि विसर्जन की तैयारी में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी अपर्णा यादव जल्द ही पूरे परिवार के साथ हरिद्वार रवाना होंगी, जहां गंगा घाट पर विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

    प्रतीक यादव का बुधवार तड़के निधन हो गया था। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को लखनऊ के भैंसाकुंड धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शुक्रवार को फूल चुनने की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद अब परिवार हरिद्वार जाकर गंगा में अस्थि विसर्जन करेगा।

    सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही थी और कुछ समय पहले उनका इलाज मेदांता अस्पताल में भी चला था। वहीं, पोस्टमॉर्टम से पहले उनके शरीर पर चोट के निशान मिलने की चर्चा भी सामने आई, जिसके बाद मामले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। वह असम के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ लौट आईं।

    प्रतीक और अपर्णा यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। दोनों एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और बाद में यह दोस्ती रिश्ते में बदल गई। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, दोनों के बीच गहरी समझ और मजबूत रिश्ता था। अब प्रतीक यादव के निधन से परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

  • दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात

    दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। लखनऊ  समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav का बुधवार सुबह निधन हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक को सुबह करीब 6 बजे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई।

    सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के अनुसार, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी धड़कन पूरी तरह बंद हो चुकी थी और पल्स भी डाउन थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है, ताकि आगे की जांच की जा सके।

    घटना के समय उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav असम में थीं। वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वे तुरंत लखनऊ पहुंचीं और सीधे घर रवाना हुईं।

    इस दौरान Dimple Yadav, Shivpal Singh Yadav समेत कई बड़े नेता और परिवारजन प्रतीक यादव के आवास पहुंचे। Akhilesh Yadav भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद दुखद क्षण है और आगे जो भी निर्णय परिवार लेगा, वही मान्य होगा।

    जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें 30 अप्रैल को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।

    Prateek Yadav राजनीति से दूर रहते थे और रियल एस्टेट व फिटनेस बिजनेस से जुड़े थे। उन्होंने करीब 14 साल पहले Aparna Yadav से लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं।

    फिलहाल उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • 'महिला आयोग को क्या समझ रखा है..' मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव किस पर भड़कीं?

    'महिला आयोग को क्या समझ रखा है..' मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव किस पर भड़कीं?

    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव शुक्रवार को उस वक्त भड़क गईं जब किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति से मिलने पहुंचीं मगर उनसे कोई मिलना नहीं आया. अपर्णा यादव, रमीज और धर्मांतरण के मामले को लेकर केजीएमयू पहुंचीं थीं. इसके बाद एक प्रेस वार्ता में अपर्णा ने कहा कि महिला आयोग को केजीएमयू ने क्या समझ रखा है? मैं तो कुछ जानकारी करने के लिए आई थी लेकिन मुझसे मिलने वॉइस चांसलर नहीं आईं. उन्होंने कहा कि पीड़िता से मेरी बात हुई थी उसने बताया केजीएमयू के एचओडी के बताने के बाद में भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

    यादव ने दावा किया कि पीड़िता को केजीएमयू के सीनियर डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि आप महिला आयोग क्यों गई? उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति को बचाने के लिए व्यक्ति विशेष काम कर रहे हैं.यादव ने विशाखा कमेटी के द्वारा जारी रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बयान दिया है उनके बयान बदलने के लिए दबाव दिया जा रहा है. अपर्णा ने दावा किया कि विशाखा कमेटी को अपनी तरह से तोड़ मरोड़ कर बताए गए.

    उन्होंने पूछा कि क्या महिला आयोग, संवैधानिक संस्था नहीं है?

    केजीएमयू वीसी से मुलाकात के संदर्भ में यादव ने कहा कि हमारी कुछ बात होती जिस पर हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचते. शायद तब मैं प्रेसवार्ता भी नहीं करती. मुझे लगता है कि प्रदेश सरकार विधि और न्याय सम्मत काम करेगी. सीएम योगी आदित्यनाथ इन मामलों में सचेत रहते हैं.

    महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा-केजीएमयू में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही है, यह सब क्या चल रहा है और यहां का प्रशासन मौन है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2 साल से बिना लाइसेंस के केजीएमयू में ब्लड बैंक चल रहा है.

    यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वो इस बात को जानेंगी तो वह भी इसे गंभीरतापूर्वक समझेंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब रमीज मलिक यहां से भागा तब प्रोफेसर वाहिद अली और सुरेश बाबू के संपर्क में रहे. केजीएमयू प्रशासन ने उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की?