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  • पटियाला से युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बांटे गए 188 नियुक्ति पत्र

    पटियाला से युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बांटे गए 188 नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार की देशव्यापी रोजगार मुहिम के तहत पंजाब के पटियाला में आयोजित रोजगार मेले ने सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान 188 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह, उम्मीद और खुशी से भरा दिखाई दिया। नौकरी पाने वाले युवाओं और उनके परिवारों के चेहरों पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के नवनियुक्त उम्मीदवारों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ काम करने का संदेश दिया। रोजगार मेले में मौजूद उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताया और इसे अपने करियर की नई शुरुआत के रूप में देखा।

    पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें से 126 उम्मीदवारों को पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स के विभिन्न विभागों और ट्रेडों में नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। कई उम्मीदवारों ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की सिफारिश या आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा और केवल योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ। युवाओं का कहना था कि इस प्रक्रिया ने सरकारी नौकरियों के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है।

    रोजगार मेले में चयनित पश्चिम बंगाल की रितिका दत्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में आवेदन किया था और अब उनका चयन पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में हुआ है। उन्होंने इस अवसर के लिए सरकार और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं उत्तर प्रदेश की शांति चतुर्वेदी ने बताया कि उनका चयन डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिला।

    उत्तर प्रदेश के ही विजय दुबे ने बताया कि उनका चयन जेई मैकेनिकल पद पर हुआ है और यह उनके लंबे इंतजार और मेहनत का परिणाम है। हिमाचल प्रदेश के योगेश ने भी चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से उनके परिवार में उत्साह का माहौल है।

    रोजगार मेले के आयोजन को युवाओं के लिए सकारात्मक पहल माना जा रहा है। लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोजगार की चुनौतियों के बीच ऐसे कार्यक्रम युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। पटियाला में आयोजित यह रोजगार मेला न केवल नियुक्ति पत्र वितरण तक सीमित रहा, बल्कि यह युवाओं के सपनों और उम्मीदों को नई दिशा देने वाला आयोजन भी बन गया।

  • हिजाब विवाद खत्म, नुसरत परवीन ने 23 दिन बाद जॉइन की नौकरी, CM ने जॉइनिंग लेटर देते वक्त हटाया था नकाब

    हिजाब विवाद खत्म, नुसरत परवीन ने 23 दिन बाद जॉइन की नौकरी, CM ने जॉइनिंग लेटर देते वक्त हटाया था नकाब


    नई दिल्ली।  हिजाब विवाद में फंसी आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने 23 दिन की देरी के बाद आखिरकार अपनी नौकरी जॉइन कर ली है। नुसरत ने अधिकारियों के दबाव के बावजूद सिविल सर्जन के पास जाने की औपचारिकता को छोड़कर सीधे विभाग में जॉइनिंग की।

    नुसरत की जॉइनिंग की आखिरी तारीख कई बार बढ़ाई गई। मूल रूप से 20 दिसंबर को जॉइनिंग की लास्ट डेट थी, जिसे 31 दिसंबर और फिर 7 जनवरी तक बढ़ाया गया।

    7 जनवरी को नुसरत ने अंतिम मौका लेकर अपना CHC जॉइनिंग पूरा किया।

    15 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटते समय नुसरत का हिजाब हटाया था, जिसके बाद से उनकी लोकेशन और जॉइनिंग को लेकर अफसरों में भी सवाल उठ रहे थे।

    आयुष डॉक्टर की जॉइनिंग प्रोसेस:
    आयुष विभाग नियुक्ति पत्र जारी करता है। इसे लेकर कैंडिडेट को सिविल सर्जन के ऑफिस जाना होता है, जहां डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और बेसिक जानकारी ली जाती है। इसके बाद सिविल सर्जन जॉइनिंग लेटर जारी करते हैं, जिसे कैंडिडेट संबंधित CHC में दिखाकर जॉइन करता है।

    झारखंड ऑफर बनाम बिहार सैलरी:
    हिजाब विवाद के दौरान झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नुसरत को 3 लाख रुपए मासिक वेतन, सरकारी फ्लैट और मनचाही पोस्टिंग का ऑफर दिया। वहीं बिहार में उनकी सैलरी 32 हजार रुपए प्रति माह तय है। मंत्री ने कहा कि झारखंड में डॉक्टरों, विशेषकर महिलाओं के मान-सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता।

    हिजाब विवाद की झलक:
    15 दिसंबर को CM नीतीश कुमार ने नुसरत को नियुक्ति पत्र थमाते हुए हिजाब पर सवाल उठाया और खुद अपने हाथ से नकाब हटाया। इस दौरान डिप्टी CM सम्राट चौधरी भी नुसरत को रोकने की कोशिश में लगे। नुसरत थोड़ी देर असहज हुईं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नियुक्ति पत्र थमाया और जाने का इशारा किया।

    इस प्रकार, नुसरत परवीन ने विवादों के बीच अपनी नौकरी जॉइन कर भारत में महिला डॉक्टरों के लिए पेशेवर अधिकार और सम्मान की मिसाल कायम की है।