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  • रामायण के गानों को लेकर छिड़ी बहस पर एआर रहमान ने तोड़ी चुप्पी, रणबीर कपूर की फिल्म रिलीज से पहले बढ़ा विवाद

    रामायण के गानों को लेकर छिड़ी बहस पर एआर रहमान ने तोड़ी चुप्पी, रणबीर कपूर की फिल्म रिलीज से पहले बढ़ा विवाद


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही अपने गानों को लेकर चर्चा में आ गई है। फिल्म के संगीतकार एआर रहमान को मंगल रंग और रावण तांडव जैसे गानों के लिए सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दर्शकों को फिल्म का संगीत पसंद आ रहा है तो कुछ लोग इसकी धुन और प्रस्तुति पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच एआर रहमान ने अपनी प्रतिक्रिया देकर साफ कर दिया है कि वह दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को लेकर ज्यादा परेशान नहीं हैं और उन्हें अपने काम पर पूरा भरोसा है।

    हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा कि किसी भी संगीत को तैयार करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। नए विचारों पर काम करने से लेकर धुनों को बार बार सुधारने और पूरी रचना को परखने तक संगीतकार को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। उनके मुताबिक जब कोई काम दर्शकों के सामने पहुंचता है तब तक उसे कई बार जांचा और सुधारा जा चुका होता है। ऐसे में हर प्रतिक्रिया को देखने और उस पर लगातार विचार करने के लिए ऊर्जा नहीं बचती। उन्होंने कहा कि वह अपना काम लोगों के सामने रख देते हैं और उम्मीद करते हैं कि दर्शक उसे पसंद करेंगे।

    रहमान ने यह भी बताया कि उनका बेटा उन्हें सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के बारे में जानकारी देता रहता है। उनके बेटे के अनुसार कभी लोग किसी बात की आलोचना करते हैं तो कभी वही लोग अपनी राय बदल लेते हैं या माफी मांग लेते हैं। इस पर रहमान का नजरिया सहज है। उनका कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनके प्रयास की सराहना करेंगे। उनके बयान से यह साफ है कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली हर टिप्पणी को अपने काम का अंतिम मूल्यांकन नहीं मानते।

    दरअसल रामायण का गाना मंगल रंग रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना साल 2012 में आई फिल्म रॉकस्टार के लोकप्रिय गीत कुन फाया कुन से की है। इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। वहीं कुछ दर्शकों ने मंगल रंग की प्रस्तुति को कव्वाली जैसा बताते हुए सवाल उठाए हैं। गाने की धुन और संगीत की शैली को लेकर अलग अलग राय सामने आ रही हैं। हालांकि किसी फिल्म के संगीत को लेकर दर्शकों की पसंद अलग होना सामान्य बात है और अंतिम प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद भी बदल सकती है।

    गाने के वीडियो में दिखाए गए एक दृश्य को लेकर भी बहस हुई है। इसमें रणबीर कपूर के राम वाले किरदार के साथ सीता की भूमिका में दिखाई गई अभिनेत्री को हल्दी की रस्म के दौरान दिखाया गया है। कुछ यूजर्स ने इस दृश्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे पारंपरिक हिंदू रीति रिवाजों के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं तक ही सीमित है।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। फिल्म पर कई वर्षों से काम चल रहा है और इसके कलाकारों तथा तकनीकी टीम की मेहनत को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को अमेरिका ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में एडवांस बुकिंग के दौरान अच्छा शुरुआती प्रतिसाद मिल रहा है। हालांकि फिल्म की वास्तविक सफलता का आकलन रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से ही हो सकेगा। फिलहाल एआर रहमान का बयान और गानों को लेकर जारी बहस ने फिल्म की रिलीज से पहले इसकी चर्चा और तेज कर दी है।

  • 2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    नई दिल्ली । संगीतकार एआर रहमान ने फिल्म रामायण से अपने जुड़ाव की एक दिलचस्प कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले, वर्ष 2014 में सतीश नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें ईमेल भेजकर एक सपना बताया था। उस व्यक्ति का दावा था कि उसने सपने में रहमान को महाकाव्य रामायण के लिए संगीत तैयार करते हुए देखा है। अब रहमान इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत से जुड़े हैं। ऐसे में वर्षों पहले मिला वह संदेश एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

    21 अक्टूबर को चेन्नई में आयोजित फिल्म के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान रहमान ने इस पुराने ईमेल का जिक्र किया। उन्होंने दर्शकों को बताया कि सतीश नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क कर अपने सपने के बारे में लिखा था। रहमान ने उस संदेश को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में उस व्यक्ति ने उनसे कहा था कि वह रामायण के लिए संगीत तैयार करेंगे।

    ईमेल में सतीश ने लिखा था कि रहमान उन्हें सुबह-सुबह सपने में दिखाई दिए थे। उन्हें विश्वास था कि उनका सपना सच होगा। संदेश में यह भी कहा गया था कि रहमान भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संगीत कार्यक्रम कर रहे हैं, जिनमें महान महाकाव्य रामायण को प्रस्तुत किया जा रहा है। उस समय भेजे गए इस संदेश में व्यक्त की गई कल्पना अब फिल्म के साथ रहमान के जुड़ने के संदर्भ में खास लग रही है।

    रामायण पर आधारित यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही एक लाइव-एक्शन परियोजना है। इसका नाम रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड बताया गया है। फिल्म में एआर रहमान ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर के साथ मिलकर संगीत तैयार कर रहे हैं। हंस जिमर हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के संगीत के लिए पहचाने जाते हैं। दोनों संगीतकारों के साथ आने से फिल्म के संगीत को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    कार्यक्रम में फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे अभिनेता यश भी मौजूद थे। उन्होंने एआर रहमान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए बताया कि उनके संगीत ने तमिल भाषा सीखने में मदद की। यश ने कहा कि वह रहमान के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनकी फिल्म जेंटलमैन के गानों पर नृत्य किया करते थे। उन्होंने तमिल फिल्म उद्योग में रहमान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

    यश ने कहा कि जब वह तमिल गानों को हिंदी में सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनमें कुछ कमी रह जाती है। उन्होंने खुशी जताई कि रहमान रामायण के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं और उन्हें इस फिल्म में उनके संगीत पर अभिनय करने का अवसर मिला है।

    अभिनेता ने रावण का किरदार निभाने को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार, कई लोगों ने उनसे पूछा कि वह रावण की भूमिका क्यों निभाना चाहते हैं, जबकि इस पात्र को आमतौर पर नकारात्मक रूप में देखा जाता है। यश ने कहा कि कलाकार अलग-अलग किरदार निभाते हैं और हर किरदार में एक अलग तरह की ऊर्जा होती है। उन्होंने बताया कि रावण की भूमिका निभाते समय उन्होंने शिव जी का शिव तांडव गीत सुना, जिससे उन्हें ऊर्जा मिली। उन्होंने इस गीत के लिए रहमान का आभार भी जताया और कहा कि वह पहले भी शिव जी के कई गीत सुनते थे।

    फिल्म में भगवान राम की भूमिका रणबीर कपूर, सीता की भूमिका साई पल्लवी, रावण की भूमिका यश, हनुमान की भूमिका सनी देओल और लक्ष्मण की भूमिका रवि दुबे निभा रहे हैं। इनके अलावा अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 5 नवंबर 2026 रखी गई है, जो दिवाली के अवसर पर पड़ती है।

  • सुरों से बदलेगी कश्मीर की कहानी एआर रहमान बोले फिल्मों में संघर्ष नहीं अब दिखेगी घाटी की खूबसूरती और कश्मीरियत

    सुरों से बदलेगी कश्मीर की कहानी एआर रहमान बोले फिल्मों में संघर्ष नहीं अब दिखेगी घाटी की खूबसूरती और कश्मीरियत


    नई दिल्ली। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने कश्मीर को लेकर सिनेमा की पारंपरिक सोच बदलने की जरूरत बताई हैनई दिल्ली। शनिवार को श्रीनगर पहुंचे रहमान ने कहा कि कश्मीर को अब केवल संघर्ष और हिंसा की कहानियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता शांत वातावरण समृद्ध संस्कृति और सद्भाव के लिए भी जानी जाती है और फिल्मों के माध्यम से दुनिया के सामने कश्मीर की इसी सकारात्मक तस्वीर को मजबूती से पेश किया जा सकता है।

    विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में श्रीनगर पहुंचे एआर रहमान ने बातचीत के दौरान कहा कि कश्मीर बेहद खूबसूरत शांत और प्रेरणादायक जगह है। उनके मुताबिक सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि यह लोगों की सोच और किसी स्थान को देखने का नजरिया बदलने की क्षमता भी रखता है। ऐसे में फिल्मकारों की जिम्मेदारी है कि वे कश्मीर की पुरानी हिंसक छवि को बार बार दोहराने के बजाय घाटी की खूबसूरती शांति और सांस्कृतिक विरासत को अपनी कहानियों का हिस्सा बनाएं।

    रहमान की इस अपील को कश्मीर में पर्यटन और फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने की कोशिशों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय तक फिल्मों में कश्मीर को संघर्ष आतंक और तनाव की पृष्ठभूमि के रूप में दिखाया जाता रहा है। हालांकि अब घाटी की प्राकृतिक सुंदरता स्थानीय संस्कृति लोक परंपराओं और सामान्य जनजीवन को केंद्र में रखकर नई कहानियां सामने लाने की संभावना बढ़ रही है। रहमान का मानना है कि अगर सिनेमा कश्मीर के इस बदले हुए पहलू को दुनिया तक पहुंचाता है तो इससे घाटी को लेकर लोगों की धारणा में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

    एआर रहमान ने कश्मीर में आयोजित हो रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की भी सराहना की। उन्होंने इसे एक अच्छी शुरुआत बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह महोत्सव दुनिया के प्रमुख फिल्म आयोजनों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दुनिया भर के लोग बड़े फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए अलग अलग शहरों का रुख करते हैं उसी तरह कश्मीर भी सिनेमा प्रेमियों और फिल्मकारों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है।

    उनका कहना था कि कश्मीर की मेहमाननवाजी संस्कृति और खूबसूरत वादियां देश और दुनिया के लोगों को अपनी ओर खींच सकती हैं। फिल्म फेस्टिवल के जरिए स्थानीय कलाकारों फिल्मकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं को भी बड़ा मंच मिल सकता है। इससे कश्मीर में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

    रहमान की बातों में कश्मीर की एक ऐसी तस्वीर दिखाई देती है जिसमें बंदूक और बारूद की जगह संगीत कला सिनेमा और शांति को प्रमुखता मिले। उनका संदेश साफ है कि घाटी की पहचान केवल उसके अतीत के संघर्षों से नहीं बल्कि उसकी खूबसूरती संस्कृति और कश्मीरियत से भी होनी चाहिए। सिनेमा इस बदलाव की कहानी दुनिया तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

  • 22 मार्च को चेपॉक में सजेगा CSK का मेगा शो, धोनी रैना समेत दिग्गजों का होगा ग्रैंड रीयूनियन

    22 मार्च को चेपॉक में सजेगा CSK का मेगा शो, धोनी रैना समेत दिग्गजों का होगा ग्रैंड रीयूनियन


    नई दिल्ली । IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स अपने फैंस के लिए एक खास तोहफा लेकर आ रही है। 22 मार्च को एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपॉक में CSK का भव्य रीयूनियन इवेंट आयोजित किया जाएगा जहां टीम के पुराने और नए सितारे एक साथ नजर आएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि CSK के गौरवशाली इतिहास का जश्न होगा।

    इस मेगा शो में महेंद्र सिंह धोनी सुरेश रैना मुथैया मुरलीधरन मैथ्यू हेडेन ड्वेन ब्रावो मुरली विजय और अंबाती रायुडू जैसे दिग्गज शामिल होंगे। खास बात यह है कि इनमें से कई खिलाड़ी फिलहाल अन्य IPL टीमों के साथ जुड़े होने के बावजूद इस खास मौके पर CSK के साथ नजर आएंगे।

    फ्रेंचाइजी ने इस इवेंट को IPL 2026 के प्री-लॉन्च और फैन एंगेजमेंट गतिविधि के रूप में प्लान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 19-20 पूर्व खिलाड़ी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं। CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने इसे सीजन से पहले का एक औपचारिक आयोजन बताया लेकिन इसकी भव्यता को देखते हुए यह किसी बड़े क्रिकेट उत्सव से कम नहीं होगा।

    शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन का भी भरपूर तड़का लगेगा। खास आकर्षण होंगे ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान जो अपनी लाइव परफॉर्मेंस से माहौल को और खास बना देंगे।

    CSK प्रबंधन ने अन्य फ्रेंचाइजियों से भी अनुरोध किया है कि उनके कोचिंग स्टाफ में शामिल पूर्व CSK खिलाड़ियों को इस दिन के लिए अनुमति दी जाए। सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़े मुरलीधरन गुजरात टाइटन्स के कोच मैथ्यू हेडेन और कोलकाता नाइट राइडर्स के सपोर्ट स्टाफ में शामिल ड्वेन ब्रावो भी इस आयोजन में हिस्सा ले सकते हैं।

    फैंस के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि ‘चिन्ना थाला’ के नाम से मशहूर सुरेश रैना ने अपनी मौजूदगी की पुष्टि कर दी है। हालांकि रविचंद्रन अश्विन इस दिन शहर से बाहर रहेंगे। वहीं संजू सैमसन और शिवम दुबे भी इस इवेंट तक टीम से जुड़ सकते हैं।

    CSK का यह मेगा रीयूनियन न सिर्फ पुराने सुनहरे पलों को ताजा करेगा बल्कि IPL 2026 के लिए टीम और फैंस के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेगा। चेपॉक का मैदान एक बार फिर पीली जर्सी के जश्न में डूबा नजर आएगा।

  • एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा

    एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा


    नई दिल्ली। संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान ने एक बार फिर सुर्खियों में उन्हें ला दिया है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अब पहले की तरह काम नहीं मिल रहा है और वह अपने करियर के वर्तमान दौर को लेकर असमंजस में हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरू हो गया और पश्चिम बंगाल के BJP के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और बिगड़ गया।

    अर्जुन सिंह ने पहले रहमान की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि वह उनके संगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विवादित दावा भी किया।

    उन्होंने कहा कि एआर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था और अब उन्हें “सनातन धर्म में वापस लौटना चाहिए।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक टिप्पणी करार दिया।

    अर्जुन सिंह ने अपने बयान में बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का प्रभाव घट रहा है, जबकि साउथ सिनेमा तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, साउथ फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और तकनीक बेहतर है, इसलिए लोग डब की गई साउथ फिल्मों को भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है, जिसका असर अब इंडस्ट्री की दशा पर दिख रहा है।

    इस विवाद में अनूप जलोटा का नाम भी जुड़ गया। पहले उन्होंने एआर रहमान के बयान को “खतरनाक” बताया था और कहा था कि वह 50 साल से बॉलीवुड में हैं और वहां सांप्रदायिकता की जगह नहीं होनी चाहिए। लेकिन बाद में उन्होंने एक और बयान देकर चर्चा बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रहमान “हिंदू बनकर देखें” तो उन्हें फिर से काम मिलने लगेगा। जलोटा ने कहा, “उन्हें यह मानना चाहिए कि हिंदू बनने से उन्हें दोबारा फिल्में मिलने लगेंगी। यही बात रहमान कहना चाहते हैं। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर देखें और जांचें कि क्या उन्हें फिर से फिल्में मिलती हैं या नहीं।”

    अनूप जलोटा की इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने आलोचना की, क्योंकि यह धर्म को करियर से जोड़ने वाला बयान माना गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों के काम और पहचान को धर्म से जोड़कर देखा जाना गलत है,

    जबकि कुछ लोग इसे उनकी निजी राय मानकर ठीक भी बता रहे हैं।

    वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एआर रहमान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह अपने संगीत और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने काम को ही अपनी पहचान बताया है। इस विवाद ने फिर एक बार यह सवाल उठाया है कि क्या कला और कलाकारों को धर्म और राजनीति से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं।

    फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, और लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। कलाकारों के काम को लेकर बहस जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी की धार्मिक पहचान को उनकी सफलता या असफलता से जोड़ा जा सकता है।

  • परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल

    परेश रावल ने कहा आप हमारी शान हैं एआर रहमान को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान AR Rahman इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एआर रहमान ने कहा था कि उन्हें पिछले 8 साल से बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा है और इसके पीछे उनकी राय में सांप्रदायिक कारण भी हो सकते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके इस बयान को विवादास्पद मानाजबकि कुछ ने उन्हें सपोर्ट किया।

    बयान के कारण घिरे एआर रहमान ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। रहमान ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल अपने अनुभव साझा करना था। इस सफाई वीडियो के सामने आने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।इसी बीच बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल ने एआर रहमान के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। एक फैन पेज द्वारा साझा किए गए रहमान के सफाई वीडियो को शेयर करते हुए परेश रावल ने लिखा,हम आपको प्यार करते हैं सर। आप हमारी शान हैं। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नया बवाल शुरू हो गया। कई यूजर्स ने परेश रावल की इस तारीफ पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    कुछ यूजर्स ने सीधे तौर पर सवाल उठाए कि क्यों परेश रावल ने तब चुप्पी साधी जब रहमान ने कहा कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें भारत में काम नहीं मिल रहा। एक यूजर ने लिखा,आप उनसे प्यार कर सकते हैंठीक हैलेकिन तब आपने कुछ क्यों नहीं कहा? वहींएक अन्य ने लिखा,परेश जीआप इन्हें देश की शान कैसे कह सकते हैंइन्होंने हिंदुओं और भारत का अपमान किया है।इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर धर्मपहचान और पेशेवर अवसरों पर बहस को जन्म दिया है। एआर रहमान की सफाई वीडियो और परेश रावल के समर्थन ने दोनों ही पक्षों को सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।हालांकि परेश रावल का कहना है कि उनका यह बयान सिर्फ एआर रहमान की कला और संगीत की गुणवत्ता की सराहना के लिए थान कि उनके किसी बयान का समर्थन। उन्होंने रहमान कोप्राइड बताते हुए उनके योगदान को सराहा।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर किसी भी बड़े हस्ती के बयान या रिएक्शन को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया कितनी तीव्र हो सकती है। जहां एक तरफ एआर रहमान अपने अनुभव साझा करने के लिए सामने आएवहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक और आलोचक दोनों ही अपनी राय में अडिग नजर आए।वास्तव मेंयह घटना बॉलीवुड में धर्म और पेशेवर अवसरों को लेकर चल रही संवेदनशील बहस का एक और उदाहरण है। एआर रहमान के बयान और परेश रावल के समर्थन ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

  • कंगना बनाम रहमान: 'इमरजेंसी' और 'छावा' को लेकर बढ़ा विवाद, कंगना बोलीं- रहमान पर तरस आता है, उन्होंने मेरी फिल्म ठुकराई

    कंगना बनाम रहमान: 'इमरजेंसी' और 'छावा' को लेकर बढ़ा विवाद, कंगना बोलीं- रहमान पर तरस आता है, उन्होंने मेरी फिल्म ठुकराई


    नई दिल्ली । ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और फायरब्रांड अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच एक पुरानी रार अब खुलकर सामने आ गई है। विवाद की शुरुआत रहमान के एक पुराने इंटरव्यू से हुई, जिसमें उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को लेकर टिप्पणी की थी। अब करीब एक साल बाद कंगना रनौत ने इस पर मोर्चा खोलते हुए रहमान को आड़े हाथों लिया है और उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।छावा को बताया था बांटने वाली फिल्मविवाद की जड़एआर रहमान का वह बयान है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘छावा’ छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म को समाज को बांटने वाली फिल्म बताया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फिल्म का संगीत खुद रहमान ने ही दिया है। इसी इंटरव्यू में रहमान ने यह दर्द भी साझा किया था कि ‘कम्युनल’सांप्रदायिक कारणों से उन्हें इंडस्ट्री में अब उतना काम नहीं मिल रहा है जितना पहले मिलता था।

    कंगना का पलटवार मुझ पर तरस खाइए, आप पर नहीं रहमान के इस विक्टिम कार्ड पर कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर अपनी भड़ास निकाली। कंगना ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी फिल्म इमरजेंसी के लिए एआर रहमान को संगीत देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रहमान ने इसे ठुकरा दिया। कंगना ने तंज कसते हुए लिखा, रहमान साहब कहते हैं कि उन्हें काम नहीं मिल रहा, जबकि सच्चाई यह है कि जब मैंने उन्हें ‘इमरजेंसी जैसी बड़ी फिल्म ऑफर की, तो उन्होंने मना कर दिया। मुझे उन पर तरस आता है। वे खुद अपनी विचारधारा के कारण काम चुनते हैं या छोड़ते हैं, और फिर समाज पर दोष मढ़ते हैं।

    राष्ट्रवाद बनाम विचारधारा की जंग कंगना ने अपने पोस्ट में आगे दावा किया कि रहमान जैसे कलाकार राष्ट्रवादी विषयों पर बनने वाली फिल्मों से दूरी बना लेते हैं। अभिनेत्री ने कहा कि ‘छावा’ जैसे वीर नायकों की कहानियों को ‘बांटने वाला’ कहना हमारे इतिहास और संस्कृति का अपमान है। कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहां एक तरफ लोग कंगना के साहस की सराहना कर रहे हैं, वहीं रहमान के प्रशंसक इसे उनकी व्यक्तिगत पसंद और कलात्मक स्वतंत्रता बता रहे हैं।फिलहाल, एआर रहमान की ओर से कंगना के इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन ‘छावा’ की रिलीज से पहले उठा यह विवाद फिल्म के बिजनेस और संगीत की साख पर क्या असर डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

  • एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक’ बयान पर भड़की कंगना रनौत, कहा- आप नफरत में इतने अंधे हो चुके हो…

    एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक’ बयान पर भड़की कंगना रनौत, कहा- आप नफरत में इतने अंधे हो चुके हो…


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान हाल ही में चर्चा में आए क्योंकि उन्होंने कहा कि उन्हें बॉलीवुड में पिछले 8 साल से काम नहीं मिल रहा। उन्होंने इसका कारण सांप्रदायिक एंगल और बदलते पावर डायनेमिक्स बताया। इस बयान के बाद अब बॉलीवुड की विवादित अभिनेत्री कंगना रनौत ने एआर रहमान पर तीखा हमला बोला है।

    कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एआर रहमान का वही वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बॉलीवुड में काम न मिलने की बात कर रहे हैं। इस क्लिप के साथ कंगना ने लिखा कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन फिर भी उन्होंने एआर रहमान से ज्यादा घृणास्पद और पूर्वाग्रही व्यक्ति नहीं देखा।

    कंगना ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के लिए एआर रहमान को नरेशन के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और फिल्म को प्रोपगंडा बताया।

    कंगना ने आगे लिखा कि इमरजेंसी को आलोचकों ने मास्टरपीस बताया, विपक्षी नेताओं ने भी तारीफ की, लेकिन एआर रहमान अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। कंगना ने कहा कि उन्हें एआर रहमान पर दुख होता है क्योंकि वे खुद को ‘नफरत के शिकार’ बताते हैं, लेकिन उनकी नफरत और पूर्वाग्रह किसी से कम नहीं।

    कंगना ने अपने पोस्ट में एक और बात भी लिखी कि कुछ बड़े डिजाइनर्स जिन्होंने पहले उनके साथ दोस्ती का दावा किया, बाद में उन्होंने कंगना से दूरी बना ली और कपड़े-आभूषण देने से मना कर दिया। कंगना ने बताया कि जब वे मसाबा गुप्ता की साड़ी पहनकर राम जन्मभूमि जा रही थीं, तब एक डिजाइनर ने उनकी स्टाइलिस्ट से कहा कि वह राम जन्मभूमि पर उस साड़ी के साथ नहीं जा सकतीं। कंगना ने कहा कि उस अपमान के बाद वे अपनी कार में बैठकर रोई थीं।कंगना ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि आज एआर रहमान मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं, लेकिन उनकी खुद की नफरत और पूर्वाग्रह का क्या?