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  • India vs South Africa पर टिकी रहीं नजरें, भोपाल में हार से छाया मायूसी का माहौल

    India vs South Africa पर टिकी रहीं नजरें, भोपाल में हार से छाया मायूसी का माहौल



    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले ने राजधानी भोपाल को पूरी तरह क्रिकेट के रंग में रंग दिया। शहर के न्यू मार्केट, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, कोलार, शाहपुरा और हबीबगंज समेत कई इलाकों के रेस्टोरेंट, पब, क्लब और कैफे में लाइव स्क्रीनिंग का खास इंतजाम किया गया था। बड़ी एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम और टीम इंडिया की जर्सी पहने युवाओं की मौजूदगी ने माहौल को स्टेडियम जैसा बना दिया था।

    मैच शुरू होने से पहले ही अधिकांश जगहों पर टेबल फुल हो चुकी थीं। कई प्रतिष्ठानों ने खास थीम डेकोरेशन, तिरंगे की सजावट, स्पेशल फूड कॉम्बो और ग्रुप डिस्काउंट ऑफर पेश किए थे। परिवारों से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स तक, हर वर्ग के लोग अपनी-अपनी पसंदीदा टीम को सपोर्ट करते नजर आए। जैसे-जैसे मुकाबला रोमांचक होता गया, दर्शकों का उत्साह भी चरम पर पहुंचता गया। चौके-छक्कों पर तालियों और नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

    हालांकि मैच का रुख बदलते ही माहौल भी बदल गया। भारतीय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ाने लगी और अहम विकेट गिरते ही रेस्टोरेंट्स में सन्नाटा पसरने लगा। उम्मीदें आखिरी ओवर तक टिकी रहीं, लेकिन टीम इंडिया की हार के साथ ही क्रिकेट प्रेमियों में निराशा छा गई।

    कई प्रशंसकों ने कहा कि टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, जबकि कुछ ने दक्षिण अफ्रीका की शानदार गेंदबाजी और रणनीति की तारीफ की। मैच खत्म होने के बाद लोग शांत मन से लौटते नजर आए, लेकिन चर्चा देर रात तक चलती रही।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि शहर के लिए एक सामूहिक अनुभव बन गयाजहां जीत की उम्मीद ने जोश भर दिया और हार ने मायूसी।

  • भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

    भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन


    भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

    डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है।

    अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।