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  • देवास में ऑपरेशन प्रहार की बड़ी कार्रवाई, कॉलेज मैदान में हथियार लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, रिवॉल्वर और कारतूस जब्त

    देवास में ऑपरेशन प्रहार की बड़ी कार्रवाई, कॉलेज मैदान में हथियार लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, रिवॉल्वर और कारतूस जब्त


    देवास । देवास जिले के बागली में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक युवक गांधी कॉलोनी स्थित कॉलेज ग्राउंड में रिवॉल्वर लेकर घूम रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी रिवॉल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार 27 सितंबर को सूचना मिली थी कि कॉलेज ग्राउंड में एक युवक हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बागली पुलिस ने तत्काल टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर निगरानी शुरू की। टीम ने इलाके में घेराबंदी की ताकि युवक पुलिस को देखकर भाग न सके। कुछ देर बाद पुलिस ने चापड़ा निवासी रवि उर्फ बदिया उम्र 29 वर्ष को पकड़ लिया।

    पुलिस ने युवक की तलाशी ली तो उसके पास से देशी रिवॉल्वर बरामद हुई। इसके साथ ही एक जिंदा कारतूस भी मिला। हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को जब्त कर लिया और युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक के पास अवैध हथियार कहां से आया और वह इसे लेकर कॉलेज ग्राउंड में किस उद्देश्य से घूम रहा था।

    बागली थाने में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण अपराध क्रमांक 401/2026 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान हथियार की सप्लाई से जुड़े संभावित संपर्कों और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सकती है।

    कॉलेज ग्राउंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर हथियार के साथ युवक के पकड़े जाने की घटना के बाद इलाके में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस अवैध हथियार रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई में सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ा और उसके पास मौजूद हथियार को जब्त किया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर अवैध हथियार लेकर घूमने वाले लोगों की पहचान करना और कानून के तहत कार्रवाई करना है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि रिवॉल्वर और कारतूस उसके पास कैसे पहुंचे।

    इस कार्रवाई में बागली थाना प्रभारी जीवन भिडोरे उप निरीक्षक गब्रिएल एक्का प्रधान आरक्षक रामप्रताप सिंह चौहान आरक्षक अनिल सिंह और विशाल चन्द्रवंशी की भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही हथियार के स्रोत और युवक के उद्देश्य से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकेंगे।

  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल । भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बयां किया आर्म्स एक्ट की सजा के वक्त का पूरा कोर्ट रूम ड्रामा

    सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बयां किया आर्म्स एक्ट की सजा के वक्त का पूरा कोर्ट रूम ड्रामा

    नई दिल्ली । वर्ष 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले ने देश के साथ-साथ पूरे फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया था। इस ऐतिहासिक मुकदमे में सबसे चर्चित चेहरा रहे बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की सजा और उनके अदालती संघर्ष की कहानियां आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। हाल ही में इस संवेदनशील मामले के विशेष सरकारी अभियोजक रहे वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने एक साक्षात्कार में उस वक्त के अदालती माहौल और फैसले के दिन संजय दत्त की मानसिक स्थिति को लेकर बेहद चौंकाने वाले और अनसुने खुलासे किए हैं। निकम ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के वक्त अभिनेता किस कदर डरे हुए थे और सजा का ऐलान होते ही अदालत कक्ष के भीतर वह पूरी तरह टूट गए थे।

    मुंबई की विशेष टाडा अदालत में चल रहे इस लंबे मुकदमे के दौरान पूरे देश की निगाहें संजय दत्त पर टिकी हुई थीं। उज्ज्वल निकम के अनुसार, फैसला आने वाले दिन अदालत कक्ष के भीतर भारी तनाव और सन्नाटा पसरा हुआ था। संजय दत्त को उस समय सबसे बड़ा डर इस बात का था कि क्या उन पर देशद्रोह या आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का ठप्पा लगेगा। जब अदालत ने उन्हें टाडा यानी आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां अधिनियम के तहत लगे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया, तो उनके चेहरे पर कुछ पल के लिए राहत जरूर दिखी थी। लेकिन इसके तुरंत बाद जब गैर-कानूनी हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें दोषी ठहराया गया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    उज्ज्वल निकम ने बताया कि टाडा के आरोपों से मुक्ति मिलने के बाद संजय दत्त को लगा था कि शायद वे पूरी तरह बच जाएंगे या उन्हें प्रोबेशन का लाभ मिल जाएगा। लेकिन कानून अपनी राह पर चल रहा था। जैसे ही न्यायाधीश ने आर्म्स एक्ट के तहत सजा की अवधि का ऐलान करना शुरू किया, संजय दत्त के शरीर में कंपन होने लगा। निकम ने उस दृश्य को याद करते हुए साझा किया कि अभिनेता के हाथ-पैर कांप रहे थे और वह अदालत में खड़े होने की स्थिति में भी नहीं दिख रहे थे। उनकी आंखें आंसुओं से भर गईं और वह पूरी तरह लाचार नजर आने लगे थे। एक ऐसा अभिनेता जिसे स्क्रीन पर हमेशा कड़े और मजबूत किरदारों में देखा गया था, वह कानून के सामने पूरी तरह बेबस खड़ा था।

    अभियोजन पक्ष के रूप में उज्ज्वल निकम ने संजय दत्त के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी सजा की वकालत की थी क्योंकि देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रतिबंधित हथियार रखना एक अक्षम्य अपराध था। निकम ने खुलासा किया कि सजा के बाद संजय दत्त ने उनकी तरफ देखा था और उनकी आंखों में अपने भविष्य को लेकर एक गहरा डर और असमंजस साफ दिखाई दे रहा था। इस ऐतिहासिक मामले में संजय दत्त को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उन्हें यरवदा जेल भेजा गया। उज्ज्वल निकम का यह संस्मरण न केवल एक वीआईपी आरोपी की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान की मनोवैज्ञानिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति अपने प्रभाव या शोहरत के बल पर बच नहीं सकता।