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  • ‘प्रतिमा हटाई तो करूंगी अनशन’, उज्जैन पहुंचीं हर्षा रिछारिया, खड़े हनुमान के किए दर्शन

    ‘प्रतिमा हटाई तो करूंगी अनशन’, उज्जैन पहुंचीं हर्षा रिछारिया, खड़े हनुमान के किए दर्शन


    उज्जैन। खड़े हनुमान की प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया उज्जैन पहुंचीं और खड़े हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने प्रतिमा को मौजूदा स्थान से हटाने की कोशिश का विरोध करते हुए कहा कि यदि प्रतिमा हटाई गई तो वे अनशन पर बैठेंगी।

    मीडिया से बातचीत में हर्षा रिछारिया ने कहा कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हिंदू समाज पहले ही कई मंदिरों को लेकर काफी कुछ स्वीकार कर चुका है। ऐसे में प्रशासन को कम से कम खड़े हनुमान मंदिर को छोड़ देना चाहिए और प्रतिमा को उसके वर्तमान स्थान पर ही रहने देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई तो वे इसका विरोध करेंगी। हर्षा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिमा हटाई गई तो वह अनशन करेंगी।

    तीन बार हटाने की कोशिश, नहीं हिली प्रतिमा

    दरअसल, उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान खड़े हनुमान की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की तैयारी की गई थी। नई जगह मंदिर का ढांचा भी तैयार किया जा चुका है। योजना के मुताबिक प्रतिमा को वहां स्थापित किया जाना था, लेकिन अब तक खड़े हनुमान अपनी पुरानी जगह पर ही विराजमान हैं।

    बताया गया है कि प्रतिमा को तीन बार हटाने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हिली। विवाद का एक प्रमुख कारण प्रतिमा की दिशा भी बताई जा रही है। वर्तमान में खड़े हनुमान की प्रतिमा दक्षिणमुखी है, जबकि नई जगह पर प्रतिमा का मुख उत्तर दिशा की ओर होने की बात सामने आई है। इसी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में विरोध है।

    50 फीट चौड़ी हो चुकी है सड़क

    उज्जैन शहर में सड़क चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट के तहत कई पुराने निर्माण हटाए गए हैं। कान्थल चौराहे से छतरी चौक तक सड़क को 50 फीट चौड़ा किया गया है। इसी प्रक्रिया के बीच खड़े हनुमान की प्रतिमा सड़क के बीच दिखाई दे रही है और इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर विवाद बना हुआ है।

    अब हर्षा रिछारिया के मंदिर पहुंचने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दर्शन के बाद उन्होंने प्रतिमा को हटाने की कोशिश होने पर अनशन करने की चेतावनी दी है।

  • सरकार ने की सोनम वांगचुक से संवाद की पहल शुरू, मेदांता अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह

    सरकार ने की सोनम वांगचुक से संवाद की पहल शुरू, मेदांता अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह


    नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत की दिशा में केंद्र सरकार ने पहल शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की। इस मुलाकात को सरकार और वांगचुक के बीच संभावित संवाद की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

    हाईकोर्ट के आदेश पर मेदांता में कराया गया भर्ती
    दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर आगे के उपचार के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज की आवश्यकता बताई थी।

    28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
    सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना, NEET सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है।

    पत्नी की याचिका पर मिला राहत का आदेश
    इससे पहले वांगचुक का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अदालत से अनुरोध किया था कि बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल उन्हें मेदांता भेजने का निर्देश दिया।

    डॉक्टरों ने जताई थी स्वास्थ्य को लेकर चिंता
    सुनवाई के दौरान एम्स और सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों ने मेडिकल रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की। डॉक्टरों ने बताया कि वांगचुक के शरीर में पोटेशियम का स्तर कम है और टीएलसी (TLC) रिपोर्ट को लेकर भी चिकित्सकीय चिंता बनी हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने विशेषज्ञ निगरानी में इलाज को आवश्यक माना।

    सरकार ने नहीं जताई कोई आपत्ति
    सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने पर केंद्र सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उनके स्थानांतरण की अनुमति देते हुए बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।