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  • देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक

    देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र के ग्राम गाराखेड़ी में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एक व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। गांव में स्थित एक किराना दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि आग ने दुकान के भीतर रखे अधिकांश सामान को अपनी चपेट में ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, गाराखेड़ी निवासी धर्मेंद्र सिंह सैंधव की किराना दुकान में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। घटना के समय धर्मेंद्र सिंह दुकान के ऊपर बने हिस्से में सो रहे थे। रात करीब 2:30 बजे उन्हें अचानक जलने की तेज बदबू और धुएं का एहसास हुआ। पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब उन्होंने नीचे आकर देखा तो दुकान के भीतर आग तेजी से फैल चुकी थी।

    आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर धर्मेंद्र सिंह घबरा गए। उन्होंने तत्काल डायल-112 को सूचना दी और आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही गांव के कई लोग भी आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम सक्रिय हुई। सैनिक जालम सिंह और पायलट विजय पटेल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। वहीं फायर ब्रिगेड के कर्मचारी सुरेंद्र सिंह और राहुल सिंह ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। आग की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने भी पूरा सहयोग किया।

    पड़ोसी रघुवीर सिंह सोलंकी, भगत सिंह, सावन सिंह, संजय सिंह और आर्यन शर्मा सहित कई ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। सभी ने मिलकर आग को आसपास के मकानों और अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    हालांकि जब तक आग बुझाई गई, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। किराना सामग्री, दैनिक उपयोग के उत्पाद और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार व्यापारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान का सटीक आकलन प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट, विद्युत खराबी या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग का पता नहीं चलता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। समय पर मिली सूचना, फायर ब्रिगेड की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़ा नुकसान होने से जरूर बच गया, लेकिन व्यापारी की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।

  • सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख

    सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के व्यस्त कोतवाली चौराहे के पास सोमवार सुबह एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब कबाड़ के ढेर में अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना सुबह करीब पांच बजे की है। आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें पास स्थित तीन मंजिला मकान तक पहुंच गईं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद क्षेत्र में धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आकर वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं। इनमें एक स्प्लेंडर, एक डीलक्स और एक पल्सर बाइक शामिल थी। आग इतनी भीषण थी कि वाहनों को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका और वे कुछ ही समय में राख में तब्दील हो गईं। हालांकि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर कबाड़ जमा किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर कबाड़ संचालक ने मोहल्ले तथा सरकारी जमीन पर भी कबाड़ फैला रखा था। लोगों का दावा है कि इसी कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।

    निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक ने किराए के लालच में भवन को कबाड़ कारोबार के लिए उपलब्ध कराया हुआ है, जिससे पूरे इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में आपत्ति जताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने पर कबाड़ संचालक द्वारा धमकाने की कोशिश की जाती है।

    घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित ऐसे कबाड़ कारोबारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण और अवैध रूप से जमा कबाड़ को हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग बुझाने के दौरान विकास ठाकुर सहित कई नागरिकों ने फायर ब्रिगेड की टीम का सहयोग किया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

  • प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज

    प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के मझौली क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद शुक्रवार रात हिंसक टकराव में बदल गया। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचना पड़ा। मामले में दोनों पक्षों के कई लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार मझौली क्षेत्र के एक युवक और युवती के बीच लंबे समय से परिचय और मित्रता थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पुलिस के मुताबिक युवती की शादी अन्यत्र तय हो जाने के बाद युवक द्वारा कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक संदेश भेजे गए, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के परिजन आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सहमति बनने के बजाय मतभेद और गहरे हो गए। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

    शुक्रवार रात स्थिति अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    घटना के दौरान कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें उठने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही Nehru Khandate के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से जलते हुए वाहनों में लगी आग पर काबू पाया गया।

    मामले को लेकर Sampat Upadhyay ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और मोबाइल संदेशों को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर दर्ज की है। बलवा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत लगभग 16 लोगों को नामजद किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। आगजनी और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • मणिपुर में शांति प्रयासों को झटका, लोइबोल खुल्लेन गांव में गोलीबारी और आगजनी; तीन मृत, सात घर तबाह

    मणिपुर में शांति प्रयासों को झटका, लोइबोल खुल्लेन गांव में गोलीबारी और आगजनी; तीन मृत, सात घर तबाह

    नई दिल्ली । मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई है। कांगपोकपी जिले के सैतू-गामफाजोल उपखंड स्थित लोइबोल खुल्लेन गांव पर शुक्रवार तड़के सशस्त्र हमलावरों ने हमला कर दिया, जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस दौरान आगजनी की घटनाओं में कम से कम सात घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    अधिकारियों के अनुसार हमला सुबह लगभग चार बजे हुआ, जब गांव के अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक हुई गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों और स्थानीय समूहों के बीच कई मिनट तक गोलीबारी होती रही। स्थिति बिगड़ते देख ग्रामीण अपने परिवारों के साथ जान बचाने के लिए आसपास के जंगलों और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

    घटना में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, उनकी पहचान लेटखोंगाम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के रूप में हुई है। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। स्थानीय प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की नई हिंसक घटना को रोका जा सके।

    हमले के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई, जिससे सात मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई है।

    मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद दुखद और अस्वीकार्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या और घरों को जलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की। उनके अनुसार राज्य में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    इस बीच कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इंपी मणिपुर ने भी घटना की तीखी आलोचना की है। संगठन ने बयान जारी कर कहा कि निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाना मानवता और मूलभूत मानवाधिकारों के खिलाफ है। संगठन ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटनाएं शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

    फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

  • भोपाल के कटारा हिल्स में भीषण आग: 20 फीट तक उठीं लपटें, दमकल देरी से पहुंचने पर नाराजगी

    भोपाल के कटारा हिल्स में भीषण आग: 20 फीट तक उठीं लपटें, दमकल देरी से पहुंचने पर नाराजगी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई जिसने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। स्प्रिंग वैली क्षेत्र में स्थित रजाई गद्दे की एक दुकान में लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें करीब 20 फीट तक ऊपर उठ रही थीं जिससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। जिस दुकान में आग लगी वह श्री वृंदावन फास्ट फूड एंड रेस्टोरेंट के पास स्थित है। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां करीब 45 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो आग को जल्दी काबू में किया जा सकता था और नुकसान कम होता। देरी के कारण आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सारा सामान जलकर राख हो गया।

    मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग लगातार मदद के लिए फोन करते रहे लेकिन काफी देर तक कोई राहत नहीं मिली। एक महिला ने बताया कि जब दमकल की गाड़ी पहुंची तो उसमें तकनीकी खराबी बताई गई। इसके बाद कर्मचारियों को मौके पर ही संसाधन जुटाकर गाड़ी को दुरुस्त करना पड़ा जिससे आग बुझाने में और देरी हुई।

    इस पूरी घटना का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सामने आ रहा है। वीडियो में आग की भयावहता साफ दिखाई दे रही है जहां तेज लपटें आसमान की ओर उठती नजर आ रही हैं। हालांकि काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया लेकिन तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में इस तरह की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं

    भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं


    भोपाल। भोपाल के बाग उमराव दूल्हा इलाके में सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक तीन मंजिला मकान की छत पर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास 10 किलोमीटर दूर से भी धुआं नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर तेल रखा गया था, जो अज्ञात कारणों से भड़क गया और आग तेजी से फैल गई।

    आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि इलाके के संकरे रास्तों के कारण दमकलों को समय लग गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे मीट की दुकान भी है, इसलिए आग को फैलने से रोकना प्राथमिकता बनी हुई है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि धुआं आसमान में उठता हुआ दूर तक दिखाई दे रहा था। फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौके पर जुटा हुआ है। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इलाके से दूरी बनाए रखें और राहत कार्यों में बाधा न डालें।

    मामले की जांच के बाद ही आग लगने के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेल के भंडारण और लापरवाही के कारण आग भड़की है।

    इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में आग और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है और जल्द ही पूरी बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित करने की संभावना है।

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

  • शहडोल में पार्सल गोदाम में भीषण आग लाखों का सामान जलकर खाक 25 लाख का माल बचाया

    शहडोल में पार्सल गोदाम में भीषण आग लाखों का सामान जलकर खाक 25 लाख का माल बचाया


    शहडोल । संभागीय मुख्यालय शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र में स्थित बाणगंगा मेला मैदान के पास स्थित एस.एस. पार्सल गोदाम में बीती रात एक भीषण आग लग गई। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया लेकिन दमकल कर्मियों और पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ी आपदा टल गई। आगजनी से लगभग 30 लाख रुपये का सामान जल चुका है जबकि 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बचा लिया गया।

    पुलिस के अनुसार घटना रात लगभग 4 बजे की है। उस समय सोहागपुर पुलिस की चीता स्कॉट और मोबाइल पार्टी गश्त पर थी। बाणगंगा मेला मैदान से गुजरते समय चीता स्कॉट में तैनात आरक्षक शशि यादव की नजर गोदाम के अंदर लगी आग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मोबाइल पार्टी और दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और गोदाम के शटर पर लिखे नंबर के माध्यम से गोदाम मालिक को सूचित किया।

    गोदाम मालिक शुभम दुबे ने बताया कि उनके गोदाम में दवाइयां हार्डवेयर सामग्री जूते इलेक्ट्रॉनिक सामान और 100 से अधिक कूलर रखे हुए थे। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम के भीतर खड़ी एक कार और एक लोडर वाहन भी आंशिक रूप से जल गए। हालांकि दमकल कर्मियों और पुलिस की सूझबूझ से दोनों वाहनों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

    आग बुझाने के लिए दमकल विभाग ने चार बड़ी और एक छोटी फायर ब्रिगेड को लगाया था। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से गोदाम में रखा 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि गोदाम में रखा लगभग 30 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।

    सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि पुलिस की सतर्क गश्त और दमकल कर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यह भी कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल नुकसान का आकलन 30 लाख रुपये के आसपास किया गया है लेकिन पुलिस और दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ी मात्रा में सामान बचाया जा सका। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस और दमकल विभाग की सतर्कता और समन्वय से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। शहडोल के नागरिकों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना की और अधिकारियों को बधाई दी।