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  • आशा भोसले का आखिरी नगमा सुनने का इंतजार खत्म, इसी खास दिन रिलीज होगा ‘ऐ मेरी जिंदगी’

    आशा भोसले का आखिरी नगमा सुनने का इंतजार खत्म, इसी खास दिन रिलीज होगा ‘ऐ मेरी जिंदगी’


    नई दिल्ली। संगीत की दुनिया में अपनी जादुई आवाज से दशकों तक राज करने वाली महान गायिका आशा भोसले के प्रशंसकों के लिए एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। आशा ताई की आवाज में रिकॉर्ड किया गया उनका आखिरी गाना अब जल्द ही लोगों के बीच आने वाला है। फिल्म ओम का हरि के लिए रिकॉर्ड किए गए इस खास गाने का नाम ऐ मेरी जिंदगी तू छुपा है कहां है और इसे आशा भोसले की 93वीं जयंती के मौके पर 8 सितंबर को रिलीज किया जाएगा। फिल्म के अभिनेता अंशुमन झा ने इस बात की पुष्टि की है। आशा भोसले की आवाज में आखिरी बार रिकॉर्ड हुए इस गीत को लेकर फैंस के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता है और अब रिलीज की तारीख सामने आने के बाद इस इंतजार को एक भावुक मुकाम मिल गया है।

    आशा भोसले ने अपनी जिंदगी में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और अलग अलग दौर के संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी आवाज की खासियत यह रही कि उन्होंने रोमांस से लेकर दर्द और खुशी से लेकर जिंदगी के बेहद गहरे भावों तक हर एहसास को अपनी गायकी के जरिए बेहद खूबसूरती से पेश किया। यही वजह है कि उनके निधन के बाद भी उनकी आवाज लोगों के बीच लगातार जीवित है। फिल्म ओम का हरि के लिए रिकॉर्ड किया गया ऐ मेरी जिंदगी तू छुपा है कहां उनके संगीत सफर की आखिरी रिकॉर्डिंग में से एक बेहद खास गीत है। इस गाने को लेकर फिल्म से जुड़े लोगों की भावनाएं भी काफी गहरी हैं।

    अंशुमन झा ने इस गाने को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ओम का हरि उनके लिए बेहद खास फिल्म है। उनके मुताबिक इस गीत की मूल भावना एक बेटे की ओर से अपने पिता से आई लव यू कहने की है। अंशुमन के लिए यह भाव इसलिए भी बेहद निजी और भावुक है क्योंकि वह अपने पिता से इस तरह की बात कहने का मौका नहीं पा सके। ऐसे में आशा भोसले की आवाज में इस भावना का फिल्म का हिस्सा बनना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।

    अंशुमन ने आशा ताई के साथ स्टूडियो में बिताए पलों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्टूडियो में रहना बेहद सुखद और दिल को सुकून देने वाला अनुभव था। उन्होंने यह भी कहा कि काश आशा भोसले खुद इस खास पल को उनके साथ सेलिब्रेट करने के लिए मौजूद होतीं। हालांकि उनका मानना है कि आशा ताई अपनी आवाज और संगीत के जरिए हमेशा लोगों के बीच मौजूद रहेंगी।

    खास बात यह है कि आशा भोसले ने इस गाने की रिकॉर्डिंग साल 2023 में की थी। उस समय उनकी उम्र 90 साल थी। इतनी उम्र में भी उनकी आवाज का जादू बरकरार था और उन्होंने इस गीत को अपनी खास शैली में रिकॉर्ड किया। फिल्म ओम का हरि का निर्देशन हरीश व्यास ने किया है और इसकी कहानी एक पिता और बेटे के रिश्ते के इर्द गिर्द बुनी गई है। ऐसे में आशा भोसले की आवाज में रिकॉर्ड किया गया यह गीत फिल्म की भावनात्मक कहानी को और गहराई देने वाला माना जा रहा है। अब 8 सितंबर को जब यह गाना रिलीज होगा तो यह सिर्फ एक नया गीत नहीं बल्कि आशा ताई की यादों और उनकी अमर आवाज से जुड़ा एक बेहद भावुक पल होगा।

  • आशा भोसले ने मॉरीशस जाने से पहले तलत अजीज के साथ रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत।

    आशा भोसले ने मॉरीशस जाने से पहले तलत अजीज के साथ रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत।

    नई दिल्ली:महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन के बाद संगीत जगत में शोक की गहरी लहर है और देशभर के कलाकार उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी क्रम में प्रसिद्ध गायक तलत अजीज ने एक बेहद भावुक स्मृति साझा करते हुए बताया कि मॉरीशस जाने से पहले आशा जी ने उनके लिए आखिरी बार एक गीत की पंक्ति गुनगुनाई थी, जो अब उनकी यादों में हमेशा के लिए बस गई है।

    तलत अजीज ने कहा कि आशा भोसले जैसी महान कलाकार का जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि कुछ ही समय पहले उनकी आशा जी से बातचीत हुई थी। उस दौरान जब वह मॉरीशस जाने वाले थे, तब आशा जी ने उनसे कहा था कि लौटने के बाद जरूर मिलना। इसी दौरान उन्होंने अपनी तबीयत ठीक न होने के बावजूद उनके लिए एक पंक्ति गुनगुनाई, जिसे वह अपने जीवन की सबसे अनमोल यादों में से एक मानते हैं।

    उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि आशा भोसले का स्वभाव अत्यंत स्नेहपूर्ण और सहज था। वह हर किसी से प्रेम और सम्मान के साथ पेश आती थीं। उनके साथ उनका रिश्ता बेहद खास था और वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें उनके साथ समय बिताने और उनसे जुड़ने का अवसर मिला।

    संगीत जगत के अन्य कलाकारों ने भी आशा भोसले को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व और गायकी की सराहना की। कलाकारों का कहना है कि उनकी आवाज में एक अद्भुत मिठास और गहराई थी, जो हर गीत को खास बना देती थी। उन्होंने अपने लंबे करियर में हर शैली के गीतों को नई ऊंचाई दी और अपनी बहुमुखी प्रतिभा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

    कुछ कलाकारों ने यह भी कहा कि आशा भोसले ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने जीवन में जो मुकाम हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने न केवल संगीत को जिया, बल्कि हर गीत में भावनाओं को इस तरह पिरोया कि वह सीधे लोगों के दिलों तक पहुंच गया।

    गायकों और कलाकारों के अनुसार, आशा भोसले के गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं और आने वाले समय में भी उनकी यह विरासत कायम रहेगी। उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक मानक स्थापित किया है कि किस तरह अपने अलग अंदाज और समर्पण से पहचान बनाई जाती है।

    आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत जगत में सदैव अमिट रहेगा और उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।

  • प्रधानमंत्री और दिग्गज नेताओं ने आशा भोसले को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    प्रधानमंत्री और दिग्गज नेताओं ने आशा भोसले को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली ।भारतीय संगीत की दुनिया को गहरा आघात लगा है, क्योंकि अपनी अद्वितीय और बहुमुखी आवाज के लिए जानी जाने वाली महान गायिका Asha Bhosle का निधन हो गया। उनके जाने से देशभर में शोक की लहर फैल गई है और संगीत प्रेमियों के बीच गहरा दुःख देखा जा रहा है। दशकों तक अपनी आवाज के जादू से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली इस दिग्गज कलाकार के निधन ने भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय को विराम दे दिया है।

    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित आवाजों में से एक को खो दिया है। उन्होंने उनके लंबे और प्रभावशाली संगीत सफर को याद करते हुए कहा कि उनकी गायकी ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अनुसार आशा भोसले की आवाज में एक ऐसा जादू था, जिसने पीढ़ियों को जोड़े रखा और दुनिया भर में भारतीय संगीत की पहचान को मजबूत किया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनके साथ बिताए गए क्षण हमेशा स्मरणीय रहेंगे और उनकी सादगी तथा आत्मीयता हर किसी को प्रभावित करती थी। उन्होंने उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

    केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज और असाधारण प्रतिभा के माध्यम से भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उनके गीतों ने हर वर्ग और हर पीढ़ी के लोगों को प्रभावित किया और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

    अन्य कई प्रमुख नेताओं और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तित्वों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया। सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया कि उनका योगदान केवल संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    आशा भोसले का करियर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और निरंतर समर्पण ने उन्हें हर दौर का प्रिय कलाकार बना दिया। उनके गीतों की मधुरता और भावनात्मक गहराई आज भी लोगों के दिलों में बसती है।

    उनके निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसने न केवल मनोरंजन किया बल्कि भावनाओं को भी जीवंत किया। उनकी गायकी की गूंज और उनकी विरासत आने वाले समय में भी संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी।

  • करोड़ों की संपत्ति और सफल निवेश के साथ एक मिसाल बनीं स्वर कोकिला आशा भोसले।

    करोड़ों की संपत्ति और सफल निवेश के साथ एक मिसाल बनीं स्वर कोकिला आशा भोसले।


    नई दिल्ली । भारतीय संगीत की दुनिया को दशकों तक अपनी सुरीली और बहुमुखी आवाज से समृद्ध करने वाली मशहूर गायिका Asha Bhosle का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद पूरे देश के संगीत और मनोरंजन जगत में गहरा शोक फैल गया है। उनके जाने को भारतीय फिल्म संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत के रूप में देखा जा रहा है, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।

    सूचना के अनुसार तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार की ओर से इस दुखद समाचार की पुष्टि की गई है। इसके बाद अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की औपचारिक जानकारी भी साझा की गई, जिसके अनुसार पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और उसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।

    आशा भोसले को भारतीय संगीत के उस दौर की महान गायिकाओं में गिना जाता है, जिन्होंने अपने लंबे करियर में अनगिनत यादगार गीत दिए। उनकी आवाज में एक विशेष प्रकार की विविधता और भावनात्मक गहराई थी, जिसने उन्हें हर तरह के गीतों के लिए उपयुक्त बनाया। चाहे रोमांटिक गीत हों, भावनात्मक गीत हों या फिर आधुनिक शैली के प्रयोगात्मक गाने, उन्होंने हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई।

    उन्होंने बहुत कम उम्र में संगीत की यात्रा शुरू की थी और धीरे धीरे अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में एक मजबूत स्थान बनाया। अपने करियर में उन्होंने हजारों गीत विभिन्न भाषाओं में गाए और संगीत जगत में एक रिकॉर्ड स्थापित किया। उनके योगदान को समय समय पर विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों से भी सराहा गया, जिससे उनकी पहचान एक महान कलाकार के रूप में और मजबूत हुई।

    संगीत के साथ साथ उन्होंने व्यवसाय के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई देशों में रेस्टोरेंट से जुड़े व्यवसाय में कदम रखा और इस क्षेत्र में भी सफलता हासिल की। उनके रेस्टोरेंट विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर स्थापित हुए और यह बताया जाता है कि उन्हें पाक कला में भी गहरी रुचि थी।

    उनकी जीवनशैली में सफलता और सादगी दोनों का संतुलन देखने को मिलता था। संगीत से मिली प्रसिद्धि और वर्षों की मेहनत ने उन्हें न केवल एक महान गायिका बनाया बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में भी स्थापित किया। उनके जीवन का यह पहलू दर्शाता है कि कला के साथ साथ अनुशासन और मेहनत किसी भी व्यक्ति को बहुआयामी सफलता दिला सकते हैं।

    संगीत जगत में उनका योगदान केवल गीतों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारतीय फिल्म संगीत की दिशा और लोकप्रियता को भी प्रभावित किया। उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जीवित है और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

  • Breaking News: सुरों का सतरंगी सफर थमा: नहीं रहीं संगीत की सबसे 'वर्सेटाइल' आवाज़ आशा भोसले

    Breaking News: सुरों का सतरंगी सफर थमा: नहीं रहीं संगीत की सबसे 'वर्सेटाइल' आवाज़ आशा भोसले


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चेस्ट इंफेक्शन और अत्यधिक थकान के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन से पूरे संगीत और फिल्म जगत में शोक की लहर है।
     40 के दशक से शुरू हुआ सुनहरा सफर

    Asha Bhosle ने अपने करियर की शुरुआत 1940 के दशक में की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने छोटे बजट की फिल्मों में गाने गाकर पहचान बनाई। 1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ से उन्हें पहचान मिली, जिसके संगीतकार Sajjad Hussain थे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना ली।

    दिग्गजों के साथ किया यादगार काम

    अपने लंबे करियर में आशा भोसले ने Bimal Roy, Raj Kapoor जैसे महान फिल्मकारों और O. P. Nayyar, R. D. Burman, A. R. Rahman जैसे संगीतकारों के साथ काम किया। उनकी बड़ी बहन Lata Mangeshkar भी अपने समय की महान गायिका थीं, और दोनों बहनों ने मिलकर संगीत जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    हर दौर में हिट रहीं उनकी आवाज

    1957 में आई फिल्म ‘नया दौर’ से आशा भोसले को बड़ी सफलता मिली। इसके बाद उन्होंने Mohammed Rafi के साथ कई सुपरहिट गाने दिए, जैसे “उड़े जब-जब जुल्फें तेरी” और “साथी हाथ बढ़ाना”।1966 में फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के गानों ने उन्हें नई पहचान दी। “पिया तू अब तो आजा”, “ये मेरा दिल” जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

    गजल से लेकर पॉप तक, हर अंदाज में बेमिसाल

    1981 में फिल्म ‘उमराव जान’ के लिए गाई गई गजलों—“दिल चीज क्या है”, “इन आंखों की मस्ती”—ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके बाद फिल्म ‘इजाजत’ के गाने “मेरा कुछ सामान” के लिए भी उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। 1990 और 2000 के दशक में भी उन्होंने ‘रंगीला’, ‘लगान’ जैसी फिल्मों में अपनी आवाज देकर साबित किया कि उनकी लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ती गई।

    रिकॉर्ड और उपलब्धियां

    Asha Bhosle ने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाए। इसी वजह से उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ। 79 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘माई’ से एक्टिंग में भी कदम रखा और दर्शकों को प्रभावित किया।

    अंतिम समय तक रहीं सक्रिय

    जनवरी 2025 में दुबई में हुए कॉन्सर्ट में 91 साल की उम्र में भी उन्होंने शानदार परफॉर्मेंस दी थी। उनकी ऊर्जा और संगीत के प्रति समर्पण आखिरी समय तक बरकरार रहा।

     हमेशा जिंदा रहेंगी उनकी आवाज

    आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उनकी आवाज, उनके गीत और उनका योगदान हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगा।