Tag: AshesSeries

  • ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर

    ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यह ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने से भी ज्यादा कठिन है। पनेसर का यह बयान ऑस्ट्रेलिया में चल रही एशेज सीरीज के संदर्भ में आया जिसमें इंग्लैंड की टीम 0-2 से पीछे चल रही है। पनेसर ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट जीतना एक बेहद कठिन चुनौती है जिसका मुकाबला करने के लिए किसी टीम को बहुत अधिक तैयारी और संघर्ष करना पड़ता है।

    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज लगभग 100 सालों से खेली जा रही है और पिछले कुछ दशकों से इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। पनेसर के अनुसार इंग्लैंड की मौजूदा टीम भी उस चुनौती से जूझ रही है। वर्तमान में एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम 86 रनों से पीछे है और सीरीज के हारने का खतरा तीसरे टेस्ट में ही मंडरा रहा है।

    पनेसर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा ऑस्ट्रेलिया में जीतना बहुत कठिन है। इंग्लैंड के लिए यह शायद हर 20 साल में एक बार होता है। उन्होंने इंग्लैंड के पिछले एशेज विजेता अभियान की भी चर्चा की जिसमें 2010-11 की एशेज सीरीज इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की थी। पनेसर ने उस सीरीज में अपनी भागीदारी का अनुभव भी साझा किया और बताया कि उस समय इंग्लैंड की टीम को वार्म-अप मैच खेलने का अवसर मिला था जिससे उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में मदद मिली थी।

    पनेसर ने आगे कहा ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच खेलना एक अलग स्तर की चुनौती है। इंग्लैंड की टीम को अब समझना होगा कि यहाँ की तेज और बाउंसी पिचों पर खेलने के लिए विशेष रणनीति की जरूरत होती है। इंग्लैंड की टीम के आक्रामक खेल को लेकर भी पनेसर ने अपनी राय व्यक्त की और कहा कि इस तरह की पिचों पर आक्रामक खेल अधिक मुश्किल हो जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाज जब शुरुआत में ही आक्रामक हो जाते हैं तो वह खुद को परेशानी में डाल लेते हैं पनेसर ने कहा।

    उनके मुताबिक इंग्लैंड की टीम को अपनी गलतियों से सीखने की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन परिस्थितियों में वे सफल हो सकें। पनेसर ने यह भी बताया कि हालात में ढलने के लिए इंग्लैंड को अपनी तैयारी को और बेहतर बनाना होगा।
    पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने की कठिनाई को ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी अधिक चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा यह लगभग तीन या चार ओलंपिक खेलों में मुकाबला करने और फिर अंत में गोल्ड जीतने जैसा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंग्लैंड ने शायद इसे थोड़ा कम आंका है लेकिन उम्मीद है कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीख लिया होगा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

  • एडिलेड ओवल: तीसरे टेस्ट से पहले पैट कमिंस होंगे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान, मैच 17 दिसंबर से

    एडिलेड ओवल: तीसरे टेस्ट से पहले पैट कमिंस होंगे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान, मैच 17 दिसंबर से


    नई दिल्‍ली । एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच एडिलेड ओवल में 17 दिसंबर से खेला जाना है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के कप्तान की वापसी टीम में हो गई है। पैट कमिंस अब तीसरे मैच के लिए टीम में शामिल कर लिए गए हैं। ऐसे में स्टीव स्मिथ की जगह अब रेगुलर कैप्टन पैट कमिंस एशेज सीरीज के बाकी बचे मैचों में कप्तानी करते नजर आएंगे। पैट कमिंस के रूप में एकमात्र बदलाव ऑस्ट्रेलिया की टीम में हुआ है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 15 सदस्यीय टीम की घोषणा इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे मुकाबले के लिए कर दी है।

    पैट कमिंस पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस इंजरी की वजह से एशेज के पहले दो टेस्ट नहीं खेल पाए थे। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी ऑस्ट्रेलिया को ज्यादा नहीं खली, क्योंकि इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया ने दोनों टेस्ट मैचों में हराया। पैट कमिंस ने इस साल जुलाई में सबीना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद से कोई कॉम्पिटिटिव क्रिकेट नहीं खेला है। करीब 5 महीने के बाद वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे। ऑस्ट्रेलिया अभी एशेज में 2-0 से आगे है, तीन टेस्ट खेले जाने बाकी हैं और वे अगले हफ्ते एडिलेड ओवल में एशेज ट्रॉफी को अपने पास रखने की कोशिश करेंगे।

    तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम
    पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ब्रेंडन डॉगेट, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, माइकल नेसर, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जेक वेदरल्ड और ब्यू वेबस्टर

    ऑस्ट्रेलिया ने बाकी बचे तीन मैचों में से एक भी मुकाबला जीत लिया तो फिर एशेज ट्रॉफी ऑस्ट्रेलिया की हो जाएगी, जबकि इंग्लैंड को सीरीज जीतने के लिए बाकी बचे तीनों मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। अगर एक भी मैच ड्रॉ रहता है तो फिर कम से कम इंग्लैंड की टीम ये ट्रॉफी नहीं जीत पाएगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ट्रॉफी हारेगी नहीं। ऐसे में यहां से इस सीरीज का हर एक मैच दिलचस्प होगा। इंग्लैंड की निगाहें सबसे पहले तो सीरीज में जीवित रहने की होंगी। अगर वे एडिलेड में हार गए तो फिर उनके लिए ये सीरीज समाप्त हो जाएगी।