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  • कोच बनने का ऑफर आया तो पहले पत्नी से पूछेंगे नेहरा! टीम इंडिया की जिम्मेदारी पर बोले ऐसा काम आसान नहीं 3-4 साल टिकना भी मुश्किल

    कोच बनने का ऑफर आया तो पहले पत्नी से पूछेंगे नेहरा! टीम इंडिया की जिम्मेदारी पर बोले ऐसा काम आसान नहीं 3-4 साल टिकना भी मुश्किल


    नई दिल्ली। टीम इंडिया का हेड कोच बनना क्रिकेट की दुनिया में किसी भी खिलाड़ी या कोच के लिए बड़े सम्मान की बात मानी जाती है लेकिन पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के लिए यह जिम्मेदारी फिलहाल इतनी आसान नजर नहीं आती। टीम इंडिया के कोच पद को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने खास मजाकिया अंदाज में ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े। नेहरा ने कहा कि अगर उन्हें भारतीय टीम की कोचिंग संभालनी पड़ी तो सबसे पहले घर की हाई कमीशन यानी अपनी पत्नी से बात करनी होगी वरना तलाक हो सकता है। हालांकि उनका यह बयान मजाकिया अंदाज में था और इसके पीछे उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट की बेहद व्यस्त जिंदगी को बड़ी वजह बताया।

    आशीष नेहरा को टीम इंडिया के अगले हेड कोच के संभावित दावेदारों में गिना जाता रहा है। इसकी बड़ी वजह आईपीएल में गुजरात टाइटन्स के साथ उनका शानदार कोचिंग रिकॉर्ड है। नेहरा ने 2022 में गुजरात टाइटन्स को उसके पहले ही सीजन में आईपीएल चैंपियन बनाया था। इसके बाद टीम ने 2023 और 2026 में भी फाइनल तक का सफर तय किया। इस प्रदर्शन ने नेहरा की कोच के तौर पर पहचान को और मजबूत किया है।

    कोलकाता में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के सालाना अवॉर्ड समारोह के दौरान नेहरा से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालना चाहेंगे। नेहरा ने साफ किया कि वह इस पद को लेकर अभी कोई योजना नहीं बना रहे हैं। उनके मुताबिक टीम इंडिया को कोचिंग देना निश्चित तौर पर बड़े सम्मान और गर्व की बात होगी लेकिन फिलहाल वह गुजरात टाइटन्स के साथ अपनी भूमिका में खुश हैं और उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपनी महत्वाकांक्षा नहीं बनाया है।

    इसके बाद नेहरा ने जिस अंदाज में अपनी पत्नी का जिक्र किया उसने पूरे बयान को मजेदार बना दिया। उन्होंने कहा कि अगर कभी टीम इंडिया के कोच पद का ऑफर आता है तो पहले पत्नी से बात करनी होगी। इसकी वजह भी उन्होंने खुद बताई। नेहरा के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट में कोच की नौकरी का मतलब साल के करीब आठ से नौ महीने तक लगातार यात्रा करना और परिवार से दूर रहना है। उनके मुताबिक यह काम सुनने में जितना आकर्षक लगता है असल में उतना ही चुनौतीपूर्ण है।

    नेहरा ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल क्रिकेट की कोचिंग में लगातार यात्रा दबाव और काम की मांग इतनी ज्यादा होती है कि बहुत कम कोच तीन या चार साल से ज्यादा समय तक इस भूमिका में टिक पाते हैं। यही वजह है कि वह इस पद को लेकर तुरंत कोई फैसला या योजना बनाने के पक्ष में नहीं हैं।

    नेहरा ने आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट की कोचिंग के बीच फर्क भी बताया। उनके मुताबिक आईपीएल में भी दबाव कम नहीं होता लेकिन नेशनल टीम को संभालने की जिम्मेदारी बिल्कुल अलग स्तर की होती है। राष्ट्रीय टीम का कोच सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं बल्कि पूरे देश की उम्मीदों के साथ जुड़ा होता है। लगातार दौरे मैचों का दबाव खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जिम्मेदारी और हर फैसले पर होने वाली आलोचना इस भूमिका को बेहद कठिन बना देती है।

    फिलहाल नेहरा गुजरात टाइटन्स के साथ खुश हैं और टीम इंडिया के कोच पद का दरवाजा उन्होंने पूरी तरह बंद भी नहीं किया है। उनका कहना है कि भविष्य में अगर ऐसा मौका आता है तो उस समय परिस्थितियों को देखकर फैसला लिया जाएगा। यानी नेहरा ने कोच बनने से इनकार नहीं किया है लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता यही है कि वह अपनी मौजूदा भूमिका में पूरी तरह संतुष्ट हैं। उनका पत्नी वाला मजाक भले ही सुर्खियों में छा गया हो लेकिन इसके पीछे छिपी बात साफ है कि टीम इंडिया का कोच बनना सिर्फ क्रिकेट की रणनीति बनाने का काम नहीं बल्कि निजी जिंदगी से भी बड़ा समय और त्याग मांगने वाली जिम्मेदारी है।

  • संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका

    संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की शानदार गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और कोच Sanjay Bangar ने भी टीम की सफलता का बड़ा श्रेय हेड कोच Ashish Nehra को दिया है। उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर नेहरा का गहरा प्रभाव साफ दिखाई देता है।

    ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में Sanjay Bangar ने कहा कि आशीष नेहरा गेंदबाजों को सही दिशा देने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने में माहिर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Mohammed Siraj जब अपने शुरुआती दौर में थे, तब वे आज जैसे घातक गेंदबाज नहीं थे, लेकिन नेहरा के मार्गदर्शन में उनका खेल लगातार बेहतर हुआ।

    बांगड़ ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज Kagiso Rabada के प्रदर्शन में आए सुधार का श्रेय भी नेहरा को दिया। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के बाद रबाडा का फॉर्म गिरा था, लेकिन गुजरात टाइटंस से जुड़ने के बाद वे फिर लय में लौटे हैं।

    उन्होंने कहा कि नेहरा हमेशा “टेस्ट मैच लेंथ” पर गेंदबाजी करने पर जोर देते हैं। यही रणनीति टी20 क्रिकेट में भी गुजरात के गेंदबाजों को लगातार सफलता दिला रही है। बांगड़ के मुताबिक, नेहरा का प्रभाव अक्सर उतना चर्चा में नहीं आता, जितना आना चाहिए।

    Mohit Sharma, Mohammed Shami और Jason Holder जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बांगड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भी नेहरा के मार्गदर्शन में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी यूनिट सबसे मजबूत मानी जा रही है। टीम के कई गेंदबाज टॉप विकेट लेने वालों की सूची में शामिल हैं। Kagiso Rabada ने 12 मैचों में 21 विकेट, Rashid Khan ने 16 विकेट, Prasidh Krishna ने 14 विकेट, Jason Holder ने 13 विकेट और Mohammed Siraj ने भी 13 विकेट हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के दम पर Gujarat Titans 16 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।