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  • MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी

    MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) 2026 में जहां IPL में चमक बिखेर चुके खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई थीं, वहीं लीग के शुरुआती चरण में कई बड़े नाम अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी ओर कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है और खुद को भविष्य के सितारों के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा मालवा स्टैलियन्स के कप्तान आशुतोष शर्मा की हो रही है। MPL 2026 की नीलामी में उन्हें सबसे ऊंची बोली लगाकर 15 लाख रुपए में खरीदा गया था। लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी होने के कारण उनसे बड़े और मैच जिताऊ प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन अब तक छह पारियों में वह केवल 95 रन ही बना सके हैं। उनका खराब फॉर्म टीम और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

    वहीं IPL में लगातार दूसरी बार Royal Challengers Bengaluru को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार भी शुरुआती मैचों में संघर्ष करते नजर आए। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों में नाबाद 65 रन की शानदार पारी खेलकर वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन कुल मिलाकर तीन मैचों में उनके 105 रन उम्मीदों के अनुरूप नहीं माने जा रहे हैं।

    इंदौर पिंक पैंथर्स के कप्तान वेंकटेश अय्यर भी अब तक अपने पुराने रंग में दिखाई नहीं दिए हैं। तीन मुकाबलों में उन्होंने 88 रन बनाए हैं और सिर्फ एक विकेट हासिल किया है। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ 22 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आई।

    गेंदबाजी में भी कुछ बड़े नाम अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। कुलदीप सेन, जो IPL में अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, MPL में अब तक प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। एक मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में 47 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।

    युवा खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

    जहां IPL सितारे संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उज्जैन फाल्कन्स के ऑलराउंडर माधव तिवारी लीग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पांच मैचों में 286 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182.19 का रहा है। इसके अलावा गेंदबाजी में भी सात विकेट लेकर उन्होंने अपनी ऑलराउंड क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।

    रीवा जगुआर्स के युवा बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। दो मैचों में उन्होंने 127 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 276.09 का रहा है। 32 गेंदों में खेली गई 85 रन की पारी लीग की सबसे चर्चित पारियों में शामिल हो चुकी है।

    गेंदबाजों में चमके आवेश खान

    चंबल घड़ियाल के तेज गेंदबाज आवेश खान ने अपने IPL अनुभव का शानदार उपयोग करते हुए तीन मैचों में छह विकेट झटके हैं। उनकी 6.83 की इकॉनमी दर्शाती है कि उन्होंने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।

    उधर, भोपाल लेपर्ड्स के आधिकारिक कप्तान अरशद खान अभी तक मैदान पर नहीं उतरे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में अनिकेत वर्मा ने टीम की कमान संभाली और चार मैचों में 137 रन बनाकर जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

    इसके अलावा शिवांग कुमार, कुमार कार्तिकेय, शिवम शुक्ला और मंगेश यादव जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। विशेष रूप से शिवम शुक्ला का एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा MPL 2026 के अब तक के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जा रहा है।

    लीग के शुरुआती चरण ने यह साफ कर दिया है कि MPL केवल बड़े नामों की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवा प्रतिभाओं को खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच भी बनता जा रहा है।

  • आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल की नीलामी, सबसे महंगे 15 लाख में बिके आशुतोष शर्मा

    आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल की नीलामी, सबसे महंगे 15 लाख में बिके आशुतोष शर्मा


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) के आगामी सीजन के लिए मंगलवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में खिलाड़ियों की नीलामी हुई। आईपीएल की दर्ज पर हुई इस नीलामी में आशुतोष शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपये में खरीदा है।

    वहीं, दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपये कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपये में खरीदा। शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख और शिवम शुक्ला को इंदौर पिंक पैंथर ने 6.60 लाख रुपये में खरीदा है।

    इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ऑक्शनियर चारू शर्मा ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमान सिंधिया भी मौजूद रहे। इस नीलामी में सबसे पहले फ्रेंचाइजी टीमों की जानकारी दी गई। बताया गया कि पिछले संस्करण की सात टीमों ने अपने एक-एक आईकॉन खिलाड़ी को रिटेन किया है। इनमें सबसे महंगे वेंकटेश अय्यर हैं, जिन्हें पिंक पैंथर्स टीम ने 12 लाख 50 हजार रुपये में रिटेन किया। वे आरसीबी में रजत पाटीदार की कप्तानी में खेलते हैं, लेकिन रजत को ग्वालियर चीताज ने सात लाख रुपये में रिटेन किया है। उनसे महंगे अरशद खान हैं, जिन्हें भोपाल लेपर्ड्स ने आठ लाख रुपये में रिटेन किया है।

    नीलामी में कुमार कार्तिकेय को 10.20 लाख रुपये में रॉयल निमाड़ ईगल्स, मंगेश यादव को 12 लाख रुपये में ग्वालियर चीताज, उज्जैन फाल्कन ने माधव तिवारी को 10.60 लाख, रॉयल निमाड़ ईगल्स ने सारांश जैन को 9.60 लाख और रीवा के कुलदीप सेन को 7 लाख में बुंदेलखंड बुल्स ने खरीदा।


    हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स

    एमपीएल की इस नीलामी में शामिल सभी फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स आवंटित किया गया था। इस नीलामी प्रक्रिया में कुल 244 खिलाड़ियों ने अपनी किस्मत आजमाई। टूर्नामेंट के शेड्यूल की बात करें तो जून 2026 में इसके मुकाबले इंदौर और ग्वालियर के मैदानों पर खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट प्रदेश के बेहतरीन टेलेंट को देखने का एक बड़ा मंच साबित होगा।


    उम्र सीमा के लिए बीसीसीआई ने बनाई नीति

    इस बार एमपीएल में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस टी-20 टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है। बोर्ड की नीति के अनुसार, छोटी उम्र के खिलाड़ियों के लिए टी-20 प्रारूप को हतोत्साहित किया जाता है ताकि वे रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट और प्रथम श्रेणी मैचों जैसे लंबे प्रारूपों के प्रति अधिक गंभीर और केंद्रित रह सकें।

  • भोपाल में पराली जलाने पर सख्ती: कलेक्टर ने बैरसिया दौरे में किसानों को दी समझाइश

    भोपाल में पराली जलाने पर सख्ती: कलेक्टर ने बैरसिया दौरे में किसानों को दी समझाइश


    भोपाल। प्रदेश में पराली जलाने वालों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ने वाली है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह संकेत शुक्रवार को बैरसिया के दौरे के दौरान दिए। उन्होंने एसडीएम आशुतोष शर्मा को निर्देश दिए कि गेहूं और चने की कटाई के बाद कृषि विभाग के साथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें। किसानों को बताया जाए कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।

    कलेक्टर ने बैरसिया तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर असंतोष जताया और तहसीलदार को निर्देश दिए कि ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर पटवारियों को सक्रिय किया जाए ताकि लक्ष्य पूरा किया जा सके।

    कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के समय पर निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े प्रकरणों का समय सीमा में शत-प्रतिशत निपटारा किया जाए और बैरसिया तहसील का प्रदर्शन राज्य औसत से कम न हो।

    दौरे के दौरान कलेक्टर ने नगर पालिका बैरसिया के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। प्रभारी सीएमओ ने जानकारी दी कि नगर में अमृत 2.0 और कायाकल्प योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य जारी हैं। कलेक्टर ने बसई तालाब के पास माड़ा इमली क्षेत्र और तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब की जल ग्रहण क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जाएं और जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि वर्षा ऋतु में तालाब अपनी पूरी क्षमता के अनुसार जल संचय कर सके।

    इस अवसर पर एसडीएम शर्मा ने अपने कार्यालय परिसर में विकसित पार्क का भी निरीक्षण कराया, जिसमें फूल, फल और छायादार पौधे लगाए गए हैं। इसे देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इस तरह के पहल से स्थानीय पर्यावरण और हरियाली बढ़ेगी।

    कलेक्टर का यह दौरा यह संदेश देता है कि कृषि और नगर विकास दोनों क्षेत्रों में सरकारी सक्रियता जारी रहेगी। किसानों को पर्यावरणीय दृष्टि से जागरूक करना, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण, और स्थानीय विकास परियोजनाओं का समय पर निरीक्षण प्रशासन की प्राथमिकता बनेगा।