Tag: Ashwini Vaishnaw

  • रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई

    रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई


    नई दिल्ली । रीवा-दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंची। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा और पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने विचार का आश्वासन दिया।

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र से जुड़ी एक अहम रेल मांग सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर रीवा और दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।

    उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि Rewa–Durg Express शुरू की जाती है, तो रीवा संभाग और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों जैसे दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
    सीधी ट्रेन न होने से यात्रियों को हो रही परेशानी
    गौरव तिवारी ने रेल मंत्री को बताया कि विंध्य क्षेत्र के हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ जाते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने के कारण उन्हें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं और यात्रियों को भारी असुविधा होती है।
    नई ट्रेन से मिलेगा बड़ा लाभ
    भाजपा नेता का कहना है कि रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच एक मजबूत परिवहन कड़ी साबित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे विभागीय स्तर पर विचार के लिए आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

    पार्थिव देह के सम्मानजनक परिवहन की भी उठी मांग
    मुलाकात के दौरान एक और संवेदनशील मुद्दा भी उठाया गया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार लोगों को महानगरों से अपने परिजनों की पार्थिव देह को छोटे शहरों तक लाने में भारी आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे पार्थिव देह को यात्री ट्रेनों के माध्यम से सम्मानजनक और कम खर्च में उनके घर तक पहुंचाया जा सके। इससे शोकग्रस्त परिवारों को मुश्किल समय में बड़ी राहत मिलेगी।

    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बढ़ी उम्मीदें
    इस मुलाकात के बाद रीवा और विंध्य क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास और यात्रा सुविधा दोनों के लिए बड़ा कदम होगा।

  • केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक बदलाव: साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक के साथ नए युग की शुरुआत

    केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक बदलाव: साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक के साथ नए युग की शुरुआत


    नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक संपन्न हुई और यह क्षण केवल भवन परिवर्तन का नहीं बल्कि इतिहास और भविष्य के संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह परिसर गुलामी से आजादी और स्वतंत्र भारत की नीतिगत यात्रा का साक्षी रहा है।

    मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नए प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया है। ब्रिटिश काल में निर्मित नॉर्थ और साउथ ब्लॉक लंबे समय तक देश के प्रशासनिक संचालन के केंद्र रहे। स्वतंत्रता के बाद भी इन्हीं भवनों से शासन व्यवस्था संचालित होती रही और प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से कार्य करता रहा।

    अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को देखा है। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री तक के कदम पड़े हैं। यहां संविधान की भावना और जनता के जनादेश से प्रेरित होकर अनेक बड़े फैसले लिए गए। भारत की सफलताओं का उत्सव भी यहीं मनाया गया और चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां भी यहीं बनीं।

    उन्होंने कहा कि साउथ ब्लॉक ने विभाजन की त्रासदी युद्धकालीन परिस्थितियां आपातकाल की चुनौतियां और शांति काल की नीतिगत चर्चाएं देखीं। टाइपराइटर के दौर से डिजिटल गवर्नेंस तक की प्रशासनिक यात्रा का साक्षी यही भवन रहा। अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने यहां बैठकर ऐसे निर्णय लिए जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद की अनिश्चितता से देश को स्थिरता और विकास की राह पर अग्रसर किया।

    बीते एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परिसर अनेक ऐतिहासिक फैसलों का केंद्र बना। स्वच्छ भारत अभियान डिजिटल इंडिया और जीएसटी जैसे सुधारों को यहीं से दिशा मिली। अनुच्छेद 370 से जुड़े निर्णय और तीन तलाक के विरुद्ध कानून जैसे कदमों ने सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया। सुरक्षा नीति के संदर्भ में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे निर्णयों ने वैश्विक मंच पर भारत की दृढ़ता को प्रदर्शित किया।

    मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक तकनीकी और पर्यावरण अनुकूल कार्यक्षेत्र की आवश्यकता थी। सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन उसी सोच का परिणाम हैं जहां सेवाभाव और उत्पादकता को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बताया कि साउथ ब्लॉक के उद्घाटन के लगभग 95 वर्ष बाद अब सरकार इन भवनों को खाली कर नए परिसरों में स्थानांतरित हो गई है जो गुलामी के अतीत से आत्मविश्वासी भविष्य की ओर बढ़ने का प्रतीक है।

    साथ ही मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि देश की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ियों को प्रेरित करती रहे। यह कदम प्रशासनिक परिवर्तन के साथ साथ सांस्कृतिक पुनर्स्मरण का भी संदेश देता है।