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  • प्रीमियम कोच की व्यवस्था पर सवाल, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में गंदगी और चूहों से परेशान यात्रियों ने रेल मंत्री तक पहुंचाई शिकायत

    प्रीमियम कोच की व्यवस्था पर सवाल, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में गंदगी और चूहों से परेशान यात्रियों ने रेल मंत्री तक पहुंचाई शिकायत

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में शामिल कर्नाटका संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रहे यात्रियों ने साफ-सफाई और ऑनबोर्ड सेवाओं को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। यात्रियों का आरोप है कि भोपाल से तमिलनाडु की ओर यात्रा के दौरान उनके केबिन में पूरी रात चूहे और कॉकरोच घूमते रहे। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद यात्रा के दौरान समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया, जिससे पूरी रात उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।

    यात्रियों के अनुसार एसी फर्स्ट क्लास के केबिन में चूहे और कॉकरोच लगातार दिखाई दे रहे थे। उनका कहना है कि प्रीमियम श्रेणी का टिकट लेने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलीं। उन्होंने ट्रेन के स्टाफ को कई बार स्थिति से अवगत कराया, लेकिन समस्या दूर करने के बजाय उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। यात्रियों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने चूहों की मौजूदगी के लिए यात्रियों के भोजन को ही कारण बता दिया।

    यात्रा कर रहे अनिल तिवारी ने बताया कि उन्होंने ट्रेन स्टाफ से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि प्रीमियम श्रेणी के कोच की स्थिति ऐसी है तो यात्रियों का रेलवे की सेवाओं पर भरोसा प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए मामले की जानकारी भी साझा की और कोच की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठाए।

    दूसरे यात्री शिवांश तिवारी ने दावा किया कि पूरी रात उनका परिवार आराम से सो नहीं सका। उनके अनुसार चूहे लगातार सीटों के आसपास घूमते रहे, जबकि कॉकरोच केबिन में दिखाई देते रहे। उन्होंने बताया कि रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मौके पर केवल एक रैट ट्रैप रखा गया, जिससे तत्काल राहत नहीं मिल सकी। यात्रियों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद यात्रा के दौरान स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ।

    सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद रेलवे की ओर से संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी भेजने और पीएनआर विवरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि यात्रियों का कहना है कि यह कार्रवाई यात्रा समाप्त होने तक उनके लिए व्यावहारिक राहत साबित नहीं हुई। उनका मानना है कि शिकायत मिलने के बाद ऑनबोर्ड टीम को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे।

    मामले पर भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं भी साफ-सफाई या रखरखाव में कमी पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इस घटना के बाद भारतीय रेलवे की प्रीमियम श्रेणी की सेवाओं और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि प्रथम श्रेणी के कोच में उच्च स्तर की सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि शिकायतों के बावजूद तत्काल समाधान नहीं मिलता है तो इससे न केवल यात्रियों का अनुभव प्रभावित होता है, बल्कि रेलवे की सेवा गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। अब जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि कोच में स्वच्छता और रखरखाव संबंधी दावों के अनुरूप व्यवस्थाएं थीं या नहीं।

  • राजस्थान में रेलवे विकास को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 600 करोड़ से 10,228 करोड़ पहुंचा बजट, स्टेशनों और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

    राजस्थान में रेलवे विकास को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, 600 करोड़ से 10,228 करोड़ पहुंचा बजट, स्टेशनों और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

    नई दिल्ली । राजस्थान में रेलवे और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर केंद्र सरकार ने बड़े निवेश और नई परियोजनाओं पर जोर देने की बात कही है। राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का दावा है कि इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी राज्य को लाभ होगा।

    राजस्थान देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल है और यहां रेलवे नेटवर्क का विस्तार लंबे समय से विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता रहा है। सरकार के अनुसार पिछले एक दशक में रेलवे क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में कई गुना वृद्धि हुई है। इसका असर नई रेल परियोजनाओं, ट्रैक उन्नयन, स्टेशन विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार के रूप में दिखाई दे रहा है।

    राज्य के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न स्तरों पर आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है। कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, लंबाई विस्तार, यात्री प्रतीक्षालय, शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम तेज गति से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

    रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत राजस्थान के कई प्रमुख और मध्यम श्रेणी के स्टेशनों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्टेशनों को आधुनिक डिज़ाइन, बेहतर यात्री सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं से लैस करने की योजना पर काम जारी है। इससे रेलवे परिसरों का स्वरूप बदलने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    रेल सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा सेवाओं के विस्तार से यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सके।

    राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर भी सरकार विशेष रणनीति पर काम कर रही है। सीमा से जुड़े इलाकों में बेहतर रेलवे और परिवहन नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे स्थानीय निवासियों को लाभ मिलने के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी क्षेत्र की मजबूती बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचा आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को गति देता है।

    रेलवे विकास के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्र में भी राजस्थान को नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्राप्त करने और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होने में मदद मिलेगी।

    डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के तहत डेटा सेंटर और तकनीकी निवेश को भी बढ़ावा देने की योजना है। इससे राजस्थान में तकनीकी उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा और नए निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे, डिजिटल तकनीक और आधुनिक बुनियादी ढांचे में समानांतर निवेश राज्य के समग्र विकास को नई दिशा दे सकता है।

    आने वाले वर्षों में यदि घोषित परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी होती हैं तो राजस्थान परिवहन, तकनीक और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। बढ़ता निवेश, आधुनिक सुविधाएं और नई तकनीकों पर फोकस राज्य के विकास मॉडल को नई गति देने की क्षमता रखते हैं।