Tag: AsianPaints

  • एशियन पेंट्स का मुनाफा 7.5% बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये, निवेशकों को मिलेगा 5.75 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड

    एशियन पेंट्स का मुनाफा 7.5% बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये, निवेशकों को मिलेगा 5.75 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड

    नई दिल्ली ।देश की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनियों में शामिल एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7.5 प्रतिशत बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। नतीजों के साथ कंपनी ने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड का भी एलान किया है।

    एशियन पेंट्स का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1,539 करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले दूसरी तिमाही में मुनाफा करीब 30 प्रतिशत घटकर 1,067.6 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि के बावजूद तिमाही-दर-तिमाही प्रदर्शन में दबाव दिखाई दिया। कंपनी के कारोबार पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का असर पड़ा।

    कंपनी की बिक्री से होने वाली आय में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स का रेवेन्यू 9,954 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में यह 8,514 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर राजस्व में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के 10,521 करोड़ रुपये के मुकाबले दूसरी तिमाही का रेवेन्यू करीब पांच प्रतिशत कम रहा।

    कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण लागत से जुड़ा दबाव बना रहा। भू-राजनीतिक तनावों के चलते आपूर्ति व्यवस्था में आई रुकावटों ने भी कच्चे माल की उपलब्धता को प्रभावित किया। कंपनी ने बताया कि इन परिस्थितियों का असर जुलाई से सितंबर के दौरान उसके कामकाज पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। लागत में बढ़ोतरी के बीच कारोबार की वृद्धि और मुनाफे के प्रदर्शन पर दबाव एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।

    डिविडेंड की घोषणा इस तिमाही के नतीजों का एक प्रमुख हिस्सा है। एशियन पेंट्स ने एक रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 5.75 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 4 नवंबर 2026 तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान 13 नवंबर 2026 को या उसके बाद किया जाएगा। इस घोषणा से उन निवेशकों को लाभ मिलेगा, जो निर्धारित रिकॉर्ड डेट के अनुसार डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

    घरेलू कारोबार में कंपनी के डेकोरेटिव पेंट्स खंड ने वृद्धि दर्ज की। दूसरी तिमाही में घरेलू डेकोरेटिव पेंट्स कारोबार का वॉल्यूम 6.4 प्रतिशत और वैल्यू 14.5 प्रतिशत बढ़ी। कुल घरेलू कोटिंग्स कारोबार में वैल्यू के आधार पर 16.4 प्रतिशत और वॉल्यूम के आधार पर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस प्रदर्शन में इंडस्ट्रियल कोटिंग्स कारोबार का भी योगदान रहा, जहां वैल्यू के लिहाज से 31.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफे पर दबाव बना रहा। इस खंड से शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर 846 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,095.6 करोड़ रुपये हो गई, जो 29.5 प्रतिशत की वृद्धि है। स्थिर मुद्रा के आधार पर राजस्व में 23.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय कारोबार का कर-पूर्व मुनाफा 31 प्रतिशत घटकर 52.7 करोड़ रुपये रह गया। इससे स्पष्ट है कि बिक्री में बढ़ोतरी के साथ लागत और लाभप्रदता कंपनी के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं।

  • कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं

    कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं


    नई दिल्ली:
      वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार में पेंट सेक्टर के स्टॉक्स पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी और आपूर्ति परिस्थितियों में सुधार के चलते क्रूड ऑयल करीब 20 प्रतिशत तक टूटकर 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इस बदलाव ने निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों की ओर खींचा है, जिनकी लागत संरचना में कच्चा तेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हीं में प्रमुख नाम है Asian Paints Ltd का, जो भारतीय पेंट उद्योग की अग्रणी कंपनी मानी जाती है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार क्रूड ऑयल में गिरावट का सीधा लाभ पेंट कंपनियों को मिल सकता है क्योंकि इनके प्रमुख कच्चे माल पेट्रोकेमिकल आधारित होते हैं। लागत घटने की संभावना से कंपनी के मार्जिन में सुधार की उम्मीद बढ़ती है, जिसका सकारात्मक असर शेयर कीमतों पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर बाजार पहले ही इस कारक को काफी हद तक कीमतों में समाहित कर चुका है।

    डेली चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण के अनुसार एशियन पेंट्स के शेयर ने हाल के सत्र में 2829 रुपये का उच्च स्तर बनाया था, जिसके बाद इसमें हल्का प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। इसके बावजूद स्टॉक अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसकी मध्यम अवधि की मजबूती को दर्शाता है। पिछले कुछ महीनों में स्टॉक ने हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बनाए रखा है, जिससे इसमें अपट्रेंड की संरचना बनी हुई है।

    ट्रेडिंग विश्लेषकों का मानना है कि नीचे की ओर 2650 से 2700 रुपये का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इस स्तर पर यदि स्टॉक आता है तो इसमें खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना बनी रहती है। वहीं ऊपर की ओर 2828 रुपये का हालिया हाई महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो स्टॉक 2900 से 2928 रुपये के 52-सप्ताह उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है।

    बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि क्रूड ऑयल में आई मौजूदा गिरावट का प्रभाव अब सीमित रह सकता है क्योंकि हालिया रैली के दौरान इस फैक्टर का काफी हद तक असर स्टॉक प्राइस में पहले ही दिख चुका है। ऐसे में आगे की चाल मुख्य रूप से बाजार की मांग, तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अल्पकाल में स्टॉक में कंसोलिडेशन की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि मध्यम अवधि में ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।

    निवेशकों के लिए फिलहाल रणनीति यह मानी जा रही है कि मजबूत सपोर्ट जोन पर ही एंट्री की जाए और ऊपरी स्तरों पर सावधानी बरती जाए। पेंट सेक्टर में लागत घटने का लाभ लंबे समय में ग्रोथ सपोर्ट कर सकता है, लेकिन तात्कालिक तेजी की संभावना सीमित दायरे में रह सकती है।