Tag: Assault case

  • कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल

    कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलागंज पुलिया के पास मंगलवार शाम बीच सड़क एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती युवक को पहले थप्पड़ मारते और फिर चप्पलों से पीटते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती पुरानी शिवपुरी क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है जबकि पीड़ित युवक इमामबाड़ा इलाके का रहने वाला है। बताया गया है कि युवती अपने एक साथी युवक के साथ कमलागंज पुलिया पर पहुंची थी। वहां उन्होंने एक अन्य युवक को रोका। आरोप है कि युवती के साथ आए युवक ने पीड़ित के हाथ पीछे से पकड़ लिए जिसके बाद युवती ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती ने युवक को कई थप्पड़ मारे। इसके बाद उसने अपनी चप्पल उतारी और युवक पर बरसाना शुरू कर दिया। युवक हाथ छुड़ाने की कोशिश करता रहा लेकिन उसके हाथ पकड़े होने के कारण वह खुद का बचाव नहीं कर सका। पूरी घटना कुछ देर तक चलती रही और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

    घटना के बाद युवती अपने साथी के साथ मौके से चली गई। बाद में युवती की पहचान ज्योति बेड़ियां के रूप में हुई। ज्योति ने स्वीकार किया कि युवक के साथ मारपीट उसी ने की है। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवक उसके भाई अभिषेक बेड़ियां को नशे का आदी बना चुके हैं।

    ज्योति का कहना है कि नशे की लत के चलते उसका भाई घर में चोरी करनेलगा था और घरेलू सामान बेचकर नशे की सामग्री खरीदता था। परिवार लगातार इस स्थिति से परेशान था। उसने आरोप लगाया कि जिस युवक के साथ मारपीट हुई उसका नाम शिवम है और वही उसके भाई को नशे की सामग्री उपलब्ध कराता था।

    ज्योति ने बताया कि उसने कई बार संबंधित युवकों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार आक्रोश में आकर उसने यह कदम उठाया। उसने यह भी कहा कि उसने अपने भाई के संबंध में पहले ही देहात थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

    हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस मारपीट और लोगों के मूकदर्शक बने रहने की घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भोपाल में विधायक के रिश्तेदारों पर मारपीट का आरोप: मौलाना से थाने के सामने की गई कथित पिटाई, गिरफ्तारी की मांग तेज

    भोपाल में विधायक के रिश्तेदारों पर मारपीट का आरोप: मौलाना से थाने के सामने की गई कथित पिटाई, गिरफ्तारी की मांग तेज


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। विधायक के रिश्तेदारों पर एक मौलाना से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना जहांगीराबाद थाने के सामने हुई बताई जा रही है जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार विधायक आरिफ मसूद के साले रिजवान और भांजे एहतिशाम पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर मौलाना के साथ कथित रूप से मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक सार्वजनिक बयान को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित मौलाना ने बुरहानपुर में दिए गए एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिससे विधायक पक्ष नाराज बताया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते विवाद बढ़ा और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

    आरोप है कि जहांगीराबाद थाने के सामने अचानक करीब एक दर्जन लोग पहुंचे और मौलाना के साथ मारपीट की। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। हालांकि पुलिस ने मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है।

    इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक समुदाय के हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन उनके करीबी ही समुदाय के लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।

    कमेटी की ओर से पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं विधायक पक्ष की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना ने राजधानी की सियासत को गरमा दिया है। एक ओर जहां विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकते हैं वहीं कांग्रेस के लिए भी यह मामला असहज स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।