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  • शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

    शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में कांग्रेस के धरने के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है। 27 मई को नवीन नगर परिषद भवन के पास चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक हालात बिगड़ गए, जब करीब 10 से 12 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 से 30 लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप थे। धरना स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।

    वीडियो वायरल, हमले की पुष्टि का दावा
    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ नकाबपोश युवक बाइक से आते और फिर अचानक मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भगदड़ और हंगामे जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वीडियो हमले की पुष्टि करता है और इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कांग्रेस का आरोप: सुनियोजित हमला, कार्रवाई में देरी
    ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता के अनुसार इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें अतुल पाराशर, राजवीर सिंह परमार, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम सहित अन्य शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने भी आरोप लगाया कि नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

    नामजद शिकायत और पुलिस की स्थिति
    कांग्रेस द्वारा दी गई शिकायत में मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि कुछ नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में घटना स्थल पर मौजूदगी साबित नहीं हुई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में कई लोग चेहरा ढके हुए नजर आए हैं, जिससे पहचान में कठिनाई हो रही है।

    पुलिस के अनुसार पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता नामजद एफआईआर पर अड़े रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच जारी, तनाव बरकरार
    घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं पुलिस जांच और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।