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  • UP : अतीक के दोनों बेटे अबान के जनाजे में होंगे शामिल, हाईकोर्ट ने दी पैरोल, सड़क हादसे में हुई थी मौत

    UP : अतीक के दोनों बेटे अबान के जनाजे में होंगे शामिल, हाईकोर्ट ने दी पैरोल, सड़क हादसे में हुई थी मौत

    प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद (21) को शुक्रवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित खानदानी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अबान की कब्र उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के बगल में तैयार की गई है। कब्रिस्तान में करीब 7 फीट गहरी कब्र खोदी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

    अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाइयों उमर और अली को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिल गई है। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अदालत ने दोनों को पैरोल देने का आदेश दिया। उमर लखनऊ जेल और अली झांसी जेल में बंद है। दोनों के प्रयागराज पहुंचने में करीब 6 से 7 घंटे लगने की संभावना है।

    अतीक के परिवार की कब्रों के पास दफन होगा अबान
    अबान का शव शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव पहुंचा। उसे कसारी-मसारी स्थित परिवार के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इसी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, उसके पिता फिरोज अहमद, भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रें भी मौजूद हैं।

    मां शाइस्ता के पहुंचने पर निगाहें
    अबान की मां शाइस्ता परवीन वर्ष 2023 से फरार है। वह अतीक अहमद और बेटे असद के जनाजे में भी शामिल नहीं हुई थीं। ऐसे में अबान के अंतिम संस्कार में शाइस्ता के पहुंचने को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

    अबान की मौत पर सवाल पूछे जाने पर नाराज हुए डिप्टी सीएम
    अबान की सड़क हादसे में मौत को लेकर जब पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया तो वह नाराज हो गए। उन्होंने कहा, “एक्सीडेंट रोज होते रहते हैं… ये कौन-सी बात है।”

    अली से मिलने जा रहा था अबान
    अबान गुरुवार सुबह अपने चार दोस्तों के साथ प्रयागराज से झांसी जा रहा था। उसका मकसद झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करना था। झांसी-कानपुर हाईवे पर अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।

    हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई। हादसे के बाद अबान का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार तड़के उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद उसे प्रयागराज लाया गया।

  • झांसी: अतीक अहमद के बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत, जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहा था

    झांसी: अतीक अहमद के बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत, जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहा था


    झांसी।
    उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की मौत हो गई। हादसे में उसके साथ सफर कर रहे सोनू खान की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी लोग प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अली अहमद से मिलने जा रहे थे।

    जानवर को बचाने में अनियंत्रित हुई कार
    यह हादसा झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार क्रेटा कार के सामने अचानक एक जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    आबान और सोनू की मौके पर मौत
    हादसे में आगे की सीट पर बैठे आबान अहमद और सोनू खान के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अहजम, मोहम्मद जैद और उमर अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायल प्रयागराज के रहने वाले हैं और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

    शादी के कार्ड से हुई पहचान
    दुर्घटनाग्रस्त कार की तलाशी के दौरान पुलिस को एक शादी का निमंत्रण कार्ड मिला। उस पर दर्ज मोहम्मद जैद के नाम और संपर्क नंबर के आधार पर पुलिस ने मृतकों और घायलों की पहचान सुनिश्चित की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घायल युवक बार-बार सिर्फ यही पूछ रहे थे—”भाई कैसे हैं?”

    एसएसपी ने की पहचान की पुष्टि
    झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतकों में एक की पहचान अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

    झांसी जेल में बंद है अली अहमद
    उमेश पाल हत्याकांड और रंगदारी से जुड़े मामलों में आरोपी अली अहमद को 1 अक्टूबर 2025 को प्रयागराज की नैनी जेल से हाई सिक्योरिटी के तहत झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। नैनी जेल में उसकी बैरक से नकदी मिलने के बाद उसे झांसी भेजा गया था और तब से वह वहीं बंद है।

    2023 में एनकाउंटर में मारा गया था असद
    अतीक अहमद का बेटा असद अहमद 13 अप्रैल 2023 को झांसी के बड़ागांव क्षेत्र में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।

  • राजू पाल हत्याकांड: अतीक अहमद के शूटर आबिद को हाईकोर्ट से जमानत, SC जाएंगी पूजा पाल

    राजू पाल हत्याकांड: अतीक अहमद के शूटर आबिद को हाईकोर्ट से जमानत, SC जाएंगी पूजा पाल

    प्रयागराज। बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड में एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मामले में दोषी ठहराए गए अतीक अहमद के शूटर आबिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत प्रदान की है। कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर प्रदेश का चर्चित हत्याकांड सुर्खियों में आ गया है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने आबिद की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह राहत दी। अदालत ने मामले के विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद जमानत मंजूर की, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं, जिनका पालन करना अभियुक्त के लिए अनिवार्य होगा।

    2005 में हुई थी दिनदहाड़े हत्या
    गौरतलब है कि 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय यह घटना प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक और आपराधिक वारदातों में शामिल रही थी।

    हमले में राजू पाल के अलावा देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी जान गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में राजू पाल की पत्नी और वर्तमान विधायक पूजा पाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

    जांच में सामने आए थे कई बड़े नाम
    जांच के दौरान कई आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें माफिया अतीक अहमद और उसके करीबी सहयोगी भी शामिल थे। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद मामले में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।

    हाईकोर्ट के फैसले से असहमत पूजा पाल
    आबिद को जमानत दिए जाने के फैसले पर राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और जमानत आदेश पर क्या निर्णय आता है।