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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, स्वदेशी को बताया आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके विचारों एवं आदर्शों को स्मरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पूज्य बापू का जीवन, उनका व्यक्तित्व और उनका कृतित्व देशवासियों को सत्य, अहिंसा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। महात्मा गांधी का स्वदेशी पर दिया गया बल आज के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का मजबूत आधारस्तंभ है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा अपने संदेश में राष्ट्रपिता को नमन करते हुए कहा कि बापू का स्वदेशी विचार केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आत्मसम्मान, आत्मबल और सामाजिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का दर्शन आज के भारत के विकास मॉडल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, जहां स्थानीय संसाधनों, स्वदेशी उत्पादों और भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का संपूर्ण जीवन मानवता, करुणा और नैतिकता का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सत्य और अहिंसा जैसे मूल्यों के बल पर न केवल भारत को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग भी दिखाया। बापू का यह संदेश आज के वैश्विक परिदृश्य में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की सीख देता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समानता, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और अनुशासन का महत्व समझाया। गांधीजी के विचारों में निहित सादगी और सेवा भाव आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति बने हुए हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के जो संकल्प लिए गए हैं, उनकी जड़ें महात्मा गांधी के स्वदेशी और ग्राम स्वराज के विचारों में निहित हैं। स्थानीय से वैश्विक की सोच, कुटीर उद्योगों को बढ़ावा और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण, बापू के सपनों को साकार करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।

    देशभर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। यह दिन शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और राष्ट्रपिता के बलिदान को याद करने का अवसर प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए विचार एक बार फिर यह स्मरण कराते हैं कि महात्मा गांधी केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे आज भी भारत की आत्मा और दिशा के मार्गदर्शक हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर

    प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस समुद्र प्रताप की कमीशनिंग को देश के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और क्षमताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पोत का बेड़े में शामिल होना केवल रक्षा के दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि भारत के आत्मनिर्भरता और सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि समुद्र प्रताप की कमीशनिंग से तटरक्षक बल की आधुनिक तकनीक और तैयारियों को बल मिलेगा और भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और निगरानी सशक्त होगी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पोत तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत के व्यापक समुद्री हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पोत में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का समावेश किया गया है जिससे यह समुद्री सततता और पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाता है। इससे यह साफ होता है कि रक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग हमारे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती देने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के कई कारणों से उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि इस पोत की क्षमता न केवल सुरक्षा और निगरानी में वृद्धि करेगी बल्कि समुद्री क्षेत्रों में तटीय आपात परिस्थितियों में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी।

    विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र प्रताप जैसे उन्नत पोत भारतीय तटरक्षक बल की ताकत और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन पोतों की कमीशनिंग से न केवल समुद्री सुरक्षा और निगरानी में सुधार होता है बल्कि वे समुद्री मार्गों और आर्थिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण साबित होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह कदम देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और आधुनिक तकनीक में सुधार को भी दर्शाता है।इस प्रकार ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग केवल एक नई नाव के शामिल होने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पोत के माध्यम से तटरक्षक बल के कर्मियों की कार्यकुशलता और देश की समुद्री सुरक्षा की मजबूती सुनिश्चित होगी।