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  • शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार

    शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले में लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला देवलौंद थाना क्षेत्र का है जहाँ बाणसागर बाजार में एक ज्वेलरी शॉप को लेकर हुए आपसी विवाद को सुलझाने गए सहायक उप निरीक्षक ASI महेश झा पर सरेआम हमला कर दिया गया।

    घटना के वक्त एएसआई महेश झा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तभी मौके पर मौजूद सुनील सोनी नामक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला बोल दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया है और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर ही पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

    हैरानी की बात यह है कि शहडोल में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो हाल ही में बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे महेश पाठक को एक बस ने कुचल दिया था वहीं ब्यौहारी में विवाद सुलझाने गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक के साथ बस मालिकों द्वारा अभद्रता की गई थी। इसके साथ ही पुलिस लाइन में एक आरक्षक द्वारा सुसाइड की घटना ने विभाग के अंदरूनी तनाव और बाहरी चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

    जिले में कानून की रक्षा करने वालों पर हो रहे इन हमलों ने आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है। जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। क्या यह हमलों का सिलसिला पुलिस की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है या प्रशासनिक ढिलाई का? यह एक बड़ा सवाल है।

  • पत्थर और धनुष-बाण से बेकाबू भीड़ ने गुजरात में 47 अधिकारियों पर किया हमला, जानिए क्या है मामला?

    पत्थर और धनुष-बाण से बेकाबू भीड़ ने गुजरात में 47 अधिकारियों पर किया हमला, जानिए क्या है मामला?


    नई दिल्‍ली । कभी-कभी ऐसे मामले सामने आते हैं जो लोगों के होश उड़ा देते हैं. गुजरात (Gujarat)के बनासकांठा (Banaskantha)जिले के पडालिया गांव(Padalia village) से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां पर दोपहर करीब 500 लोगों की भीड़ ने पुलिस, फॉरेस्ट और रेवेन्यू डिपार्टमेंट(Revenue Department) के कम से कम 47 अधिकारियों पर हमला कर दिया. इसमें करीब 36 अधिकारियों को अंबाजी सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जानिए आखिर भीड़ कैसे उग्र हो गई?

    क्या है मामला
    मामले को लेकर बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि यह घटना तब हुई जब पुलिस, फॉरेस्ट और रेवेन्यू अधिकारियों की एक जॉइंट टीम फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के सर्वे नंबर 9 एरिया में नर्सरी और प्लांटेशन का काम कर रही थी. उन्होंने बताया कि अचानक करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, पत्थर फेंके और तीर-कमान का इस्तेमाल किया. इस हमले की वजह से कई अधिकारी घायल हो गए हैं हालांकि उनकी हालत स्थिर है.

    घायल हुए 36 अधिकारियों को अंबाजी सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि 11 को आगे के इलाज के लिए पालनपुर सिविल हॉस्पिटल रेफर किया गया, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि हमला किस वजह से हुआ. यह जगह दांता तालुका में है, जो अंबाजी तीर्थस्थल से 14 km दूर है. इस वारदात के बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है.