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  • सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान का बड़ा ऐलान, कहा- जो सैन्य संसाधन हैं, सब उपलब्ध कराएंगे

    सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान का बड़ा ऐलान, कहा- जो सैन्य संसाधन हैं, सब उपलब्ध कराएंगे


    नई दिल्ली। सऊदी अरब पर हमला होने की स्थिति में पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल उसकी रक्षा के लिए कर सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा है कि सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान के पास उपलब्ध सैन्य संसाधन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रहेंगे। उनका यह बयान यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच आया है।

    रोम दौरे के दौरान मंगलवार को मीडिया से बातचीत में आसिफ से पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी सेना यमन में ईरानी ठिकानों पर हवाई हमलों में शामिल हुई है। उन्होंने इसकी न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नए रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उसके पास उपलब्ध सैन्य क्षमताएं जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब के लिए उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि रियाद ने पाकिस्तान से सैन्य सहायता मांगी है या नहीं।

    पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किए के रक्षा समझौते का क्या मतलब?

    पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। तीनों देशों ने इसे रक्षात्मक समझौता बताया है और कहा है कि यह किसी खास देश के खिलाफ नहीं है।

    ख्वाजा आसिफ का ताजा बयान इस समझौते की व्यावहारिक भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित बलों के बीच संघर्ष तेज हुआ है। इससे पहले भी आसिफ कह चुके हैं कि अगर यमन का संघर्ष सऊदी अरब तक फैलता है तो मक्का रक्षा समझौता सक्रिय हो सकता है।

    हूती हमलों से सऊदी अरब की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

    आसिफ के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि हूतियों ने हाल में यमन के लाल सागर तट पर स्थित बंदरगाह शहर मोखा और लाल सागर के कई द्वीपों पर कब्जा किया है। इससे बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास उनकी मौजूदगी बढ़ी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हूती विद्रोहियों और इराक में उनके सहयोगी मिलिशिया समूहों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को निशाना बनाया है। उनके मुताबिक, सऊदी टैंकरों को इस जलमार्ग से गुजरने से रोकने की कोशिश भी की गई है।

    आसिफ ने हूतियों को हमलावर बताते हुए कहा कि सऊदी अरब का कोई भी दुश्मन पाकिस्तान का दुश्मन है।

    अभी तैयार हो रहा गठबंधन का ढांचा

    मक्का में हुए रक्षा समझौते के बाद तीनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को लागू करने का ढांचा अभी विकसित किया जा रहा है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के सैन्य प्रमुखों ने हाल में रियाद में बैठक की थी। इसमें खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य समन्वय और क्षमताओं को एक-दूसरे से जोड़ने सहित क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई।

    समझौते के तहत सचिवालय और अन्य संचालन व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके पूर्ण संचालन की प्रक्रिया अभी स्पष्ट रूप से तय नहीं हुई है। समझौते का पूरा पाठ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    ईरान से बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहता है पाकिस्तान

    सऊदी अरब को सैन्य समर्थन की प्रतिबद्धता जताने के साथ पाकिस्तान ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क भी बनाए रखना चाहता है। आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत दोबारा शुरू कराने के पक्ष में है।

    पाकिस्तान ने इसी साल अप्रैल में इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की मेजबानी की थी। हालांकि, बाद में क्षेत्रीय संघर्ष फिर बढ़ गया और बातचीत के लिए तय समयसीमा आगे नहीं बढ़ सकी।

    इस तरह पाकिस्तान एक ओर नए रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपनी सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद और क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशों को भी जारी रखने की स्थिति में है।

  • हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना

    हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना


    रियाद।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों (Yemen’s Houthi rebels) ने उसकी राजधानी रियाद (Riyadh) को बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile attack) से निशाना बनाने की कोशिश की। शनिवार देर रात सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह जानकारी दी। गठबंधन यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी समर्थित बलों का नेतृत्व करता है। उसके मुताबिक, मिसाइल को हमले के प्रयास के दौरान ही रोक लिया गया था। यह रियाद को निशाना बनाकर किया गया पहला हमला था, जब से ईरान समर्थित हूतियों और सऊदी समर्थन वाले यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हुई है।


    हूतियों ने सऊदी अरब में और किन जगहों को निशाना बनाने की कोशिश की?

    सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हूतियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू के अलावा ताइफ, बायश और फरासन में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी कोशिश की। गठबंधन के मुताबिक इन प्रयासों को भी नाकाम कर दिया गया। हालांकि, बयान में इन हमलों के बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।


    हूतियों ने हमले को लेकर क्या दावा किया?

    हूतियों ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने रियाद में कुछ ‘संवेदनशील ठिकानों’ और यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको को निशाना बनाया। हूतियों ने दावा किया कि इन हमलों के कारण ‘भारी आग’ लगी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने टिप्पणी के लिए भेजे गए अनुरोध का जवाब नहीं दिया।


    तुर्की ने सऊदी अरब को सैन्य मदद देने का संकेत दिया

    इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने संकेत दिया है कि हाल ही में हुए रक्षा समझौते के तहत तुर्की सऊदी अरब को सैन्य मदद दे सकता है। एक टीवी इंटरव्यू में जब उनसे तीन देशों के उस गठबंधन (जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है) के यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो फिदान ने कहा कि तुर्की को किसी भी सैन्य ज़रूरत को पूरा करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘हम सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर बहुत गंभीर हमले देख रहे हैं। हमारे बीच गठबंधन का समझौता है और हम अपनी बात पर कायम हैं।

    इससे पहले भी सऊदी के तेल ढांचे पर हुआ था हमला
    रियाद पर ताजा मिसाइल हमले की कोशिश से पहले सऊदी अरब के अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला हुआ था। 11 सितंबर को हुए इस हमले के बाद पाइपलाइन का संचालन रोकना पड़ा, जिससे सऊदी के लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल निर्यात प्रभावित हुआ। इसी के चलते सऊदी अरामको ने यूरोप के कम से कम दो रिफाइनिंग ग्राहकों को अक्तूबर में दी जाने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति नहीं करने की जानकारी दी है। सऊदी और इराकी अधिकारियों ने कहा है कि ड्रोन इराक से आए थे, लेकिन हमले के पीछे वास्तव में कौन था, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी अभी सामने नहीं आई है।

  • सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा

    सऊदी टैंकरों पर हमले के बाद पाकिस्तान की सिर्फ बयानबाजी, रक्षा समझौते के बावजूद किया किनारा


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) के सामने जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) को दिया वादा निभाने की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने अपना असली रंग दिखा दिया. लाल सागर में जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकर पर हमला किया तो पाकिस्तान ने जी भरकर इसकी आलोचना की. शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) को फोन लगाकर उनके साथ सॉलिडरिटी जताई, सऊदी को बिरादर मुल्क बताया, हूतियों की निंदा की. लेकिन असल एक्शन के नाम पर पाकिस्तान के पास जुबानी जमा खर्च करने के अलावा कुछ नहीं था.

    सवाल है कि शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ कौन सा कमिटमेंट किया है. बताना चाहेंगे कि सऊदी अरब और पाकिस्तान ने डिफेंस डील किया है. इसके तहत दोनों देशों ने कहा है कि एक के ऊपर हमला दूसरे पर भी अटैक माना जाएगा और दोनों देश मिलकर इस हमले का जवाब देंगे.

    यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार तड़के लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया. सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के मुताबिक पाकिस्तान को ऐसे किसी सिचुएशन में सऊदी अरब की तरफ से हूती विद्रोहियों को जवाब देकर अपना सिक्योरिटी कमिटमेंट पूरा करना चाहिए था.

    कहां गया सऊदी-पाकिस्तान का डिफेंस डील
    लेकिन इस दौरान पाकिस्तान खामोश रहा. यहां अहम यह है कि पाकिस्तान ईरान का भी हितैषी होने का गेम खेल रहा है. ईरान के गृह मंत्री ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा खत्म किया है. इस दौरान ईरान-पाकिस्तान ने दोस्ती को नई ऊंचाई पर ले जाने का वादा किया.

    पाकिस्तान के सामने समस्या यह है कि हूती विद्रोही ईरान के इशारे पर ही चलते हैं. अगर पाकिस्तान हूतियों के खिलाफ कुछ करता है तो वह ईरान की दुश्मनी मोल लेगा. जिसके साथ उसकी लंबी सीमा है. लेकिन अगर पाकिस्तान लाल सागर में सऊदी अरब के टैंकरों पर हमला कर रहे हूती विद्रोहियों पर कोई एक्शन नहीं लेता है तो इससे सऊदी अरब को उसकी असलियत समझ आ जाएगी.

    ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं
    फिलहाल इस बार जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो टैंकरों को ब्लास्ट कर आग के हवाले कर दिया तो पाकिस्तान ने क्राउन प्रिंस सलमान को फोन कर एक बार फिर से बड़े बड़े वादे किए.

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हूतियों के हमले की निंदा की है और उन्हें चेतावनी दी है. शहबाज ने एक्स पर लिखा, “आज सुबह मैंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, महामहिम प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से टेलीफ़ोन पर बातचीत की. मैंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हूतियों के हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की. ऐसी हरकतें मंज़ूर नहीं हैं; ये अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करती हैं, समुद्री आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा हैं और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को कमज़ोर करती हैं.”

    पाक विदेश मंत्रालय की चेतावनी
    बाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों को चेतावनी देकर जरूर भड़ास निकाली. हालांकि पाकिस्तान की ये चेतावनी उसके जहाजों पर हमलों की आशंका को लेकर थी. पाकिस्तान ने कहा कि लाल सागर में उसके झंडे वाले जहाजों या समुद्री हितों के खिलाफ किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा. उसने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतों को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “गंभीर खतरा” माना जाएगा.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या उसके कमर्शियल जहाजों पर किसी भी हमले को “पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा और उसका तुरंत जवाब दिया जाएगा.”

    हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है. उन्होंने कहा था कि वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाजों को रोकेंगे. यह कदम उन्होंने यमन में बंदरगाहों और हवाई अड्डों की रियाद द्वारा की गई नाकेबंदी के जवाब में उठाया है.

  • पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं

    पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं


    लाहौर। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला कराची से सामने आया है, जहां एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित रूप से खंडित कर दिया गया।

    इस घटना की जानकारी पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने दी। उन्होंने बताया कि कराची स्थित ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में रखी धार्मिक मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय बताया।

    शिव कच्छी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इमारत को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय इस घटना से आहत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।

    साथ ही, ऐतिहासिक इमारत के तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण की मांग भी उठाई गई है।

    बताया जा रहा है कि यह भवन स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित हुआ था और यहां हिंदू समुदाय की कई धार्मिक मूर्तियां व प्रतीक सुरक्षित रखे गए थे। इससे पहले भी पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदू स्थलों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों, जिनमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, पर चिंता जता चुका है।

  • रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के ट्रेन में हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रीवा एक्सप्रेस में उस समय हुई जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर सफर कर रहे थे।

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सुबह करीब 5 बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात हमलावर ने उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर नाक काटने की कोशिश की। किसी तरह उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर जान बचाई और जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचना दी।

    प्रयागराज पहुंचते ही दर्ज हुआ मुकदमा

    ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पहुंचने के बाद ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और देर रात अज्ञात हमलावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118-1 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से गंभीर हमले की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार चोट खरोंच जैसी पाई गई और एक्स-रे व सीटी स्कैन में भी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले।

    CCTV में नहीं दिखा संदिग्ध

    जांच कर रही जीआरपी ने सिराथू से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध सामने नहीं आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमलावर को कैसे पता चला कि आशुतोष ब्रह्मचारी उसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

    ट्रेन स्टाफ से भी पूछताछ

    ट्रेन के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। ड्यूटी पर मौजूद सीआईटी मुस्ताक अहमद ने बताया कि सुबह करीब सवा पांच बजे अटेंडेंट ने उन्हें एसी कोच में एक यात्री पर हमले की सूचना दी थी।

    उन्होंने प्राथमिक उपचार की सलाह दी, लेकिन ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुंचकर इलाज कराने की बात कही।

    ‘नाक काटने पर 21 लाख का इनाम’ का आरोप

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक मंच से उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। उनके मुताबिक उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य लोगों के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जिसके कारण यह हमला कराया गया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश रचकर उन पर हमला करवाया, हालांकि इन आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है।

    सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा

    इस बीच सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी नाम से बने एक अकाउंट द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट में लिखा गया कि हमला किया गया था, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी बच गए।

    हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

  • ओमान में ईरान का हमला: भारतीय शिप पर भीषण हमला-तेल बाजार में भारी उछाल

    ओमान में ईरान का हमला: भारतीय शिप पर भीषण हमला-तेल बाजार में भारी उछाल


    नई दिल्ली।
     ओमान के समुद्री क्षेत्र में ईरानी हमलों के बीच भारतीय शिप एमकेडी वीओएम पर भयंकर हादसा हुआ, जिसमें कम से कम तीन भारतीयों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। हादसा मार्शैल आइलैंड्स के झंडे वाले जहाज पर मस्कट से 52 नॉटिकल माइलेज दूर हुआ। चालक दल के अन्य सदस्यों को पनामा झंडे वाले वाणिज्यिक पोत एमवी सैंड की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया।

    इस हमले के पीछे ईरान का ओमान की समुद्री सीमा पर हमला करना और अमेरिका–इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया कदम माना जा रहा है। ओमान की रॉयल नेवी ने प्रभावित टैंकर की निगरानी शुरू कर दी है और समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क किया गया है।

    इस हमले से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया। अमेरिकी क्रूड की कीमत 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.12 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 8.6 प्रतिशत बढ़कर 79.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यूरोप में प्राकृतिक गैस वायदा कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई।

    ओमान में भारतीय मिशन लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी लापता चालक दल के सदस्यों को खोजने के प्रयास जारी हैं। इस हमले ने न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दी है बल्कि मध्यपूर्व और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।

  • Venezuela: काराकास में फिर गूंजी धमाकों की आवाज… राष्ट्रपति भवन पर दोबारा हुआ हमला

    Venezuela: काराकास में फिर गूंजी धमाकों की आवाज… राष्ट्रपति भवन पर दोबारा हुआ हमला


    काराकास।
    वेनेजुएला (Venezuela) पर अमेरिकी अटैक (American Attack) के महज कुछ ही घंटों बाद राजधानी काराकास (Capital Caracas) एक बार फिर धमाकों की आवाजों से गूंज रहा है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सोमवार देर रात (स्थानीय समय) वेनेजुएला के काराकास में राष्ट्रपति भवन पर हमला हुआ है। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी देखी जा सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक काराकास में मिराफ्लोरेस पैलेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन देखे गए हैं। सुरक्षा बलों ने रात 8 बजे के आसपास जवाबी गोलीबारी भी की। बीते शनिवार को काराकास में अमेरिकी हमलों और राष्ट्रपति मादुरो को कैदी बनाए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद अब देश में इस तरह कर हमलों के बाद लोगों में अफरा तफरी मची हुई है। हालांकि सरकार के करीबी एक सूत्र ने एएफपी को बताया है फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

    सोशल मीडिया पर सामने आए विडियोज में बताया गया है कि काराकास की सड़कें सुरक्षा बलों से भरी हुई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए विडियोज में बताया गया है कि काराकास की सड़कें सुरक्षा बलों से भरी हुई हैं। एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया, “वेनेजुएला की राजधानी काराकास का डाउनटाउन इलाका सशस्त्र झड़पों से भरा हुआ है, कई सुरक्षा बल भारी गोलीबारी कर रहे हैं। काराकास की सड़कें अलर्ट पर हैं।”