Tag: Auckland

  • न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, ऑकलैंड में हजारों प्रवासियों ने सांस्कृतिक उत्साह के साथ किया भव्य अभिनंदन

    न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, ऑकलैंड में हजारों प्रवासियों ने सांस्कृतिक उत्साह के साथ किया भव्य अभिनंदन


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भारतीय मूल के हजारों लोग विशेष स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए और पारंपरिक परिधानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा देशभक्ति के नारों के साथ प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय तिरंगे और न्यूजीलैंड के राष्ट्रीय ध्वज एक साथ लहराते दिखाई दिए, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते मैत्रीपूर्ण संबंधों और प्रवासी भारतीयों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बने।

    कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों का सांस्कृतिक रंग स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित कई राज्यों की लोक परंपराओं और वेशभूषा ने आयोजन को विशेष पहचान दी। शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य और ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को उत्साह और देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

    भारतीय समुदाय के कई सदस्यों ने कहा कि वे लंबे समय से इस यात्रा का इंतजार कर रहे थे। उनके अनुसार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस प्रकार समुदाय के बीच आना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। लोगों ने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के संबंधों को भी और मजबूत करेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय समुदाय के आत्मीय स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में बसे भारतीयों का उत्साह और अपनापन भारत के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

    ऑकलैंड पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री का गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर न्यूजीलैंड की स्वदेशी माओरी परंपरा के अनुसार पारंपरिक पोहिरी समारोह आयोजित किया गया। यह सम्मान न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और विशेष अतिथियों के स्वागत के लिए आयोजित किया जाता है। इस समारोह ने दोनों देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को भी रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री की यह यात्रा कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगभग चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है। इस दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण के रूप में आयोजित यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी भारतीयों की सक्रिय भागीदारी और दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बढ़ता संवाद भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। ऑकलैंड में दिखाई दिया उत्साह इस बात का संकेत है कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच भी मजबूत विश्वास और आत्मीयता की नींव पर आगे बढ़ रहे हैं।

  • ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर

    ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारत को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बताते हुए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास के लिए एक मजबूत लॉन्च पैड बन चुका है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्थिर नीतियां, आधुनिक बुनियादी ढांचा और डिजिटल परिवर्तन भारत को निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि साझा विकास और दीर्घकालिक सहयोग का नया आधार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हाल के महीनों में हुए मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार, निवेश, तकनीक, सेवाओं और प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। उनका कहना था कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा।

    उन्होंने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही न्यूजीलैंड की ओर से भारत में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल पूंजी निवेश नहीं, बल्कि भारत के विकास और नवाचार की यात्रा में साझेदारी का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग और लगातार विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भारत को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बना रहे हैं। सरकार की सुधार आधारित नीतियों ने उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया है और निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता का भरोसा दिया है।

    उन्होंने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई प्रमुख उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया।

    प्रधानमंत्री ने विमानन, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और दोनों देश कार्गो कॉरिडोर, बेहतर हवाई संपर्क तथा संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित कर सकते हैं। कृषि और बागवानी क्षेत्र में भी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता और भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार का संयोजन वैश्विक निर्यात के नए अवसर तैयार कर सकता है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने डिजिटल भुगतान, फिनटेक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों को भविष्य की साझेदारी का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में निजी भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खोला जा चुका है और बड़ी संख्या में स्टार्टअप नवाचार को आगे बढ़ा रहे हैं। जल प्रबंधन, शहरी परिवहन, कचरा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दी जा सकती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मजबूत आर्थिक सहयोग, नवाचार और साझा निवेश के माध्यम से भारत और न्यूजीलैंड आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास के महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरेंगे।

  • ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’

    ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी, न्यूजीलैंड की उपलब्धियों की खुलकर सराहना, कहा- ‘हमने आपसे बहुत कुछ सीखा’


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित भारतीय समुदाय के विशेष कार्यक्रम में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता केवल कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, मित्रता और साझा मूल्यों की मजबूत नींव पर आधारित है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की कई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस देश से बहुत कुछ सीखा है और आज भी सीखने की यह प्रक्रिया लगातार जारी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता होने के बावजूद समय के साथ स्वयं को निरंतर बदलता और आधुनिक बनाता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सीखने की क्षमता है। यही कारण है कि देश दुनिया के विभिन्न अनुभवों को अपनाते हुए अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति उसके आकार से नहीं, बल्कि जनकल्याण की भावना और समाज के विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से तय होती है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक विकास की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह वही देश है जिसने दुनिया में सबसे पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार देकर समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों की नई मिसाल पेश की। आज न्यूजीलैंड के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भी महिला सशक्तिकरण को विकास का प्रमुख आधार मानते हुए शिक्षा, उद्यमिता, नेतृत्व और आर्थिक भागीदारी के नए अवसर लगातार बढ़ा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में न्यूजीलैंड की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस देश ने कृषि और उससे जुड़े मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र किसी भी राष्ट्र की आर्थिक ताकत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों पर आधारित कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और वैश्विक बाजार से जोड़कर न्यूजीलैंड ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश के लिए यह अनुभव प्रेरणादायक है और इससे कई उपयोगी सीख प्राप्त की जा सकती है।

    उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने यह भी सिद्ध किया है कि सीमित घरेलू बाजार होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और नवाचार के बल पर वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई जा सकती है। भारत भी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और कृषि आधारित उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को भविष्य की साझा यात्रा बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान की भावना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड शिक्षा, कृषि, व्यापार, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनेगी।

  • न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    नई दिल्ली । तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑकलैंड में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। लगभग चार दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा मानी जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के स्नेह, अपनापन और भारत के प्रति उनके मजबूत जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों का अपने देश से भावनात्मक रिश्ता आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड में बसे भारतीयों का उत्साह और आत्मीयता उनके लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने उल्लेख किया कि लंबे समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के आधिकारिक दौरे को लेकर वहां के भारतीय समुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके अनुसार यह केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि भारत और उसके प्रवासी नागरिकों के बीच गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों का भी प्रतीक है।

    ऑकलैंड पहुंचने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्वयं एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत के लिए न्यूजीलैंड सरकार और प्रधानमंत्री लक्सन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से होने वाली चर्चाओं को लेकर उत्साहित हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय के साथ संवाद उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

    प्रधानमंत्री के स्वागत को विशेष बनाने के लिए ऑकलैंड के प्रसिद्ध स्काई टावर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। इस पहल को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मित्रता तथा मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना गया। शहर में भारतीय समुदाय ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक स्वागत के माध्यम से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता और आपसी सम्मान की झलक भी देखने को मिली।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय वहां के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रवासी भारतीयों के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी माना जा रहा है।

    आगामी कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य की साझेदारी को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।