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  • ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन

    ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहला टेस्ट मिस कर सकते हैं कैमरून ग्रीन


    नई दिल्ली। मेड में पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने वाला है। इस अहम मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ गई है। स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर बैठने की संभावना जताई जा रही है। ग्रीन फिलहाल पेट की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से उबर रहे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर टीम कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

    कैमरून ग्रीन को यह चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले के दौरान लगी थी। बताया गया कि हुक शॉट खेलने के प्रयास में उनके पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आया था। इसके बाद ग्रीन को ऑस्ट्रेलिया के दो दिवसीय वार्म अप मुकाबले में भी नहीं उतारा गया। उन्हें फिलहाल केवल हल्की फिजिकल कंडीशनिंग तक सीमित रखा गया है। ऐसे में पहले टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ग्रीन की चोट ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम भूमिका निभाते हैं। हालिया वनडे सीरीज के दौरान भी उन्हें कंधे में दर्द की समस्या थी जिसके कारण उनकी गेंदबाजी का वर्कलोड सीमित किया गया था। अब पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

    ग्रीन के पहले टेस्ट से बाहर होने की स्थिति में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के उनके साथी कूपर कोनोली को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। कोनोली एक बैटिंग ऑलराउंडर हैं और मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी के साथ लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं। डरबन की परिस्थितियों को देखते हुए उनका चयन ऑस्ट्रेलिया के लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

    ग्रीन हाल के समय में बल्ले से अच्छी फॉर्म में भी नजर आए हैं। उन्होंने डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में शानदार शतक लगाया था। इस सीरीज में वह स्टीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना टीम के बल्लेबाजी क्रम के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन की नजर दूसरे या तीसरे टेस्ट में वापसी पर हो सकती है। हालांकि उनकी अंतिम उपलब्धता उनकी फिटनेस और मेडिकल आकलन पर निर्भर करेगी। उनकी अनुपस्थिति की स्थिति में ब्यू वेबस्टर को भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह मजबूत करने का मौका मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज सैम हार्पर और अनुभवी निक मैडिनसन को भी शामिल किया गया है।

    अब सबकी नजर ग्रीन की फिटनेस रिपोर्ट पर होगी। ऑस्ट्रेलिया नहीं चाहेगा कि जल्द वापसी के प्रयास में उनकी चोट और गंभीर हो जाए। इसलिए पहले टेस्ट में उन्हें आराम देने का फैसला लिया जाता है या नहीं यह मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे अहम सवाल बना हुआ है।

  • जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे

    जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिन गेंदबाज एडम जैंपा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। हरारे में खेले गए मुकाबले में जैंपा ने दो विकेट हासिल किए और इसी के साथ वनडे क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे में सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जैंपा ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। वॉर्न ने 125 वनडे मुकाबलों में 200 विकेट पूरे किए थे जबकि जैंपा ने यह मुकाम 123 मैचों में हासिल किया।

    ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।

    जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।

    सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।

    एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड वॉर्नर को सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में इंटरलॉक डिवाइस लगाना होगा

    ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड वॉर्नर को सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में इंटरलॉक डिवाइस लगाना होगा


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में सिडनी की अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है। अदालत ने वॉर्नर पर 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अब उन्हें दोबारा वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक डिवाइस से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा। इस मामले में अदालत ने यह भी माना कि घटना के समय वाहन में बच्चे मौजूद थे इसलिए मामला और गंभीर हो गया था।

    यह पूरा मामला 5 अप्रैल 2026 का है। ईस्टर संडे के दिन डेविड वॉर्नर एक वाहन चला रहे थे और सिडनी में रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले उन्होंने गाड़ी रोक दी थी। इसी दौरान पुलिस की नजर उन पर गई। जांच में उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा कानूनी सीमा से दोगुने से भी ज्यादा पाई गई। इसके बाद उन पर मिड-रेंज ड्रिंक-ड्राइविंग का आरोप लगाया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान वॉर्नर ने पिछले महीने अदालत में ड्रिंक-ड्राइविंग के आरोप को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद अदालत ने अंतिम सजा के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने घटना से जुड़े कई पहलू रखे गए और अंत में जज क्लेयर फॉर्नन ने वॉर्नर को दोषी मानते हुए जुर्माने की सजा सुनाई।

    इस मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई कि रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले वॉर्नर ने कथित तौर पर वाहन में मौजूद एक यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी। पुलिस जांच के बाद उन पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया। अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और खास तौर पर इस बात को ध्यान में रखा कि घटना के समय कार में बच्चे भी मौजूद थे।

    वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने अदालत में उनका पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले की मीडिया कवरेज के कारण वॉर्नर को पहले ही काफी सार्वजनिक दबाव और नुकसान का सामना करना पड़ा है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि इस घटना का असर उनके पेशेवर जीवन और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर पड़ सकता है। वॉर्नर अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन दुनिया भर की टी20 फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के अवसर उनके करियर का हिस्सा रहे हैं।

    हालांकि अदालत ने मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया टिप्पणियों को ध्यान में रखा लेकिन जज ने साफ किया कि सजा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाने से रोकना है। अदालत के मुताबिक यह केवल किसी एक व्यक्ति की गलती का मामला नहीं है बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। कार में बच्चों की मौजूदगी ने इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया।

    अब वॉर्नर को वाहन चलाने के लिए इंटरलॉक लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए उनकी कार में एक इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह डिवाइस वाहन को तब तक स्टार्ट होने से रोक सकता है जब तक चालक की सांस की जांच में अल्कोहल की मौजूदगी निर्धारित सीमा के भीतर न हो। अदालत की शर्तों के अनुसार वॉर्नर को इस व्यवस्था का पालन करने के बाद ही वाहन चलाने की अनुमति होगी।

    डेविड वॉर्नर ऑस्ट्रेलिया के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में शामिल रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक टीम के प्रमुख सलामी बल्लेबाज रहे वॉर्नर ने अपने आक्रामक अंदाज से दुनियाभर में पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी वह टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग से जुड़े रहे हैं। ऐसे में अदालत का यह फैसला उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी असर डाल सकता है।

    इस मामले ने एक बार फिर शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों को लेकर बहस छेड़ दी है। अदालत ने अपने फैसले के जरिए यह संदेश भी दिया कि सड़क सुरक्षा के नियम किसी भी व्यक्ति की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान से अलग हैं। वॉर्नर के लिए अब आगे की राह अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने की होगी।

  • IPL 2027 में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के खेलने पर सस्पेंस, मैकडोनाल्ड के बयान से मची हलचल

    IPL 2027 में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के खेलने पर सस्पेंस, मैकडोनाल्ड के बयान से मची हलचल


    नई दिल्ली । आईपीएल 2027 के शुरू होने से काफी पहले ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। दरअसल अगले साल ऑस्ट्रेलियाई टीम का इंटरनेशनल शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है और इसी वजह से टीम के प्रमुख टेस्ट खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं। हालांकि मैकडोनाल्ड ने यह साफ नहीं किया है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आईपीएल 2027 से पूरी तरह बाहर रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि खिलाड़ियों की फिटनेस, वर्कलोड और इंटरनेशनल प्रतिबद्धताओं को देखते हुए अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं।

    आईपीएल 2027 के मार्च के मध्य से मई के अंत तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद जून में संभावित वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होना है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पास इंटरनेशनल क्रिकेट से आराम का समय काफी सीमित रह सकता है। अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम को करीब 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। इस व्यस्त कार्यक्रम में भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भी शामिल है। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर इंग्लैंड के खिलाफ एक विशेष टेस्ट और फिर एशेज सीरीज भी ऑस्ट्रेलिया के कार्यक्रम का हिस्सा है।

    ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख टेस्ट खिलाड़ियों के लिए आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती हो सकता है। हालांकि एंड्रयू मैकडोनाल्ड का मानना है कि आईपीएल ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के मैनेजमेंट प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बेहतरीन टी20 प्रतियोगिताओं में से एक आईपीएल में अपने प्रमुख खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलने से उन्हें फायदा हो सकता है। लेकिन इसके साथ ही खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाना जरूरी होगा।

    ऑस्ट्रेलिया के कई बड़े सितारे फिलहाल आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रेविस हेड जैसे खिलाड़ी आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके अलावा जोश इंग्लिस भी लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलिया के नियमित टेस्ट खिलाड़ी अगले सीजन में अपनी उपलब्धता सीमित करते हैं या टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला करते हैं तो इसका सीधा असर आईपीएल फ्रेंचाइजियों की रणनीति पर पड़ सकता है। खासकर रिटेंशन और टीम संयोजन को लेकर फ्रेंचाइजियों को पहले से योजना बनानी होगी।

    मैकडोनाल्ड के बयान में सबसे ज्यादा जोर तेज गेंदबाजों के वर्कलोड और रिकवरी पर रहा। ऑस्ट्रेलिया के पास अगले कुछ समय में बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले हैं और टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से उसके प्रमुख तेज गेंदबाजों की फिटनेस प्रभावित हो। भारत दौरा, एशेज और वनडे विश्व कप जैसे बड़े लक्ष्य सामने होने के कारण खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देना ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता हो सकती है।

    मैकडोनाल्ड ने यह भी संकेत दिया कि देश और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच किसी एक को चुनने का फैसला सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसा नहीं होगा। खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं। अगर किसी खिलाड़ी के लिए आईपीएल उसके वर्कलोड प्लान में फिट बैठता है तो वह टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकता है और अगर ऐसा संभव नहीं होता है तो खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट मिलकर फैसला कर सकते हैं।

    इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आईपीएल 2027 में नहीं खेलेंगे। मैकडोनाल्ड के बयान से इतना जरूर साफ है कि इस बार खिलाड़ियों की उपलब्धता केवल फ्रेंचाइजी या व्यक्तिगत इच्छा से तय नहीं होगी बल्कि फिटनेस, इंटरनेशनल शेड्यूल और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा। ऐसे में आईपीएल 2027 की नीलामी और रिटेंशन से पहले ऑस्ट्रेलियाई सितारों की उपलब्धता पर सभी फ्रेंचाइजियों की नजरें टिकी रहेंगी।

  • रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

    रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की


    नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई।

    एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई।

    हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए।

    मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई।

    शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।