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  • 71 रन की पारी के दौरान चोटिल हुईं लिचफील्ड, तीसरे वनडे से हुईं बाहर, न्यूजीलैंड सीरीज से भी कट सकता है पत्ता

    71 रन की पारी के दौरान चोटिल हुईं लिचफील्ड, तीसरे वनडे से हुईं बाहर, न्यूजीलैंड सीरीज से भी कट सकता है पत्ता


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम की सलामी बल्लेबाज फोएबे लिचफील्ड कूल्हे की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बुधवार को खेले जा रहे तीसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गईं। उनकी चोट ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली टी20 सीरीज में भी उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। फिलहाल उनकी चोट की गंभीरता और मैदान पर वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद होगी कि यह चोट ज्यादा गंभीर न हो और लिचफील्ड जल्द ही टीम में वापसी कर सकें।

    23 वर्षीय बाएं हाथ की बल्लेबाज को रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। उस मैच में उन्होंने 71 रन की शानदार पारी खेली थी। हालांकि इसी पारी के दौरान उनके कूल्हे की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। इसके बाद उनकी फिटनेस पर नजर रखी जा रही थी लेकिन तीसरे वनडे से पहले उन्हें खेलने के लिए फिट नहीं माना गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन के लिए लिचफील्ड की फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। रविवार को होने वाले पहले टी20 मुकाबले से पहले उनकी स्थिति पर फैसला लिया जा सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया की कार्यवाहक कप्तान ताहलिया मैकग्राथ ने टॉस के दौरान लिचफील्ड की चोट की जानकारी दी। उनकी अनुपस्थिति में ऑलराउंडर निकोला कैरी को तीन मैचों की वनडे सीरीज में पहली बार प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी को पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। तीसरा वनडे मूनी के लिए भी खास है क्योंकि यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां वनडे मुकाबला है। ऐसे में वह इस उपलब्धि को यादगार बनाने के साथ टीम को एक और जीत दिलाने की कोशिश करेंगी।

    ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए चोटों की समस्या ऐसे समय में सामने आई है जब टीम पहले से ही खिलाड़ियों की कमी से जूझ रही है। हिप की परेशानी से जूझ रहीं सोफी मोलिनक्स और क्वाड्रिसेप्स की चोट से उबर रहीं लूसी हैमिल्टन भी उपलब्ध नहीं हैं। इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के कारण बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए मेजबान टीम के पास केवल 12 खिलाड़ी उपलब्ध थे। लगातार चोटों ने टीम के विकल्प सीमित कर दिए हैं और आगामी टी20 सीरीज से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

    इस बीच ग्रेस हैरिस को कवर के तौर पर टीम से जुड़ने के लिए ब्रिस्बेन भेजा गया है। ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम में जगह नहीं बना पाने के बाद वह गुरुवार को ब्रिस्बेन हीट के टी20 स्प्रिंग चैलेंज अभियान में वापसी करेंगी। हालांकि मौजूदा वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन शानदार रहा है। टीम ने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को सात विकेट से हराया था जबकि दूसरे वनडे में नौ विकेट से जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरे मुकाबले में टीम की नजर क्लीन स्वीप पर है जबकि लिचफील्ड की चोट और उनकी संभावित वापसी आगामी न्यूजीलैंड सीरीज से पहले चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

  • ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस

    ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान Meg Lanning ने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए विक्टोरिया के साथ स्टेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। 2026-27 घरेलू सीजन से लैनिंग अब पूरी तरह फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलती नजर आएंगी। महिला क्रिकेट में तेजी से बदलते दौर के बीच लैनिंग का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

    2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी मेग लैनिंग की लोकप्रियता और मांग में कोई कमी नहीं आई है। 34 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज लगातार दुनिया की बड़ी टी20 लीग्स का हिस्सा बनी हुई हैं। भारत की महिला प्रीमियर लीग में वह UP Warriorz की कप्तानी कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ प्रतियोगिता में Manchester Originals की कमान संभाल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने इस साल इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट के लिए लंकाशायर के साथ भी करार किया है।

    हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने के बाद लैनिंग विक्टोरिया टीम से जुड़ी रहीं, लेकिन पिछले घरेलू सीजन में उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही। उन्होंने महिला नेशनल क्रिकेट लीग में केवल चार मुकाबले खेले और फिर अपना पूरा फोकस विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर लगा दिया। यही वजह रही कि अब उन्होंने स्टेट कॉन्ट्रैक्ट से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया।

    विमेंस बिग बैश लीग में भी लैनिंग का प्रदर्शन शानदार रहा था। Melbourne Stars के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले सीजन 479 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इसके बावजूद फिलहाल उनके पास मेलबर्न स्टार्स का नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, जिससे उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    क्रिकेट खेलने के साथ-साथ लैनिंग अब कोचिंग की भूमिका में भी खुद को तैयार कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के साथ डेवलपमेंट कोच के रूप में काम किया। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले वर्षों में वह महिला क्रिकेट में मेंटर और कोच की भूमिका में भी बड़ी जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

    क्रिकेट विक्टोरिया की महिला क्रिकेट प्रमुख कर्बी शॉर्ट ने लैनिंग के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों को अब दुनियाभर में नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले सीजन में विक्टोरिया टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, लेकिन संगठन लंबी योजना के साथ टीम को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    विक्टोरिया टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। लैनिंग के अलावा सह-उपकप्तान एला हेवर्ड भी टीम छोड़ चुकी हैं। पिछले सीजन टीम 12 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। ऐसे में नए सीजन में टीम के पुनर्निर्माण की चुनौती और बड़ी हो गई है।

  • ऑस्ट्रेलिया को करारा झटका: एलिसा हीली ने T20 वर्ल्ड कप से पहले लिया संन्यास

    ऑस्ट्रेलिया को करारा झटका: एलिसा हीली ने T20 वर्ल्ड कप से पहले लिया संन्यास

    नई दिल्ली। वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज और कप्तान एलिसा हीली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले से न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की टीम की रणनीतियों पर असर पड़ेगा, बल्कि महिला क्रिकेट जगत में भी एक सुनहरे अध्याय का अंत हो जाएगा।

    भारत के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

    35 वर्षीय एलिसा हीली ने साफ किया है कि भारत के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज उनके करियर की आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी। उन्होंने यह खुलासा 12 जनवरी को ‘विलो टॉक’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। हीली ने कहा कि उन्होंने मार्च 2026 के बाद क्रिकेट से दूर जाने का मन बना लिया है। उनका मानना है कि अब वह शुरुआती जैसी प्रतिस्पर्धी ऊर्जा महसूस नहीं कर पा रही हैं, जिसने कभी उन्हें इस खेल से जोड़े रखा।

    2023 में संभाली थी कप्तानी

    एलिसा हीली को साल 2023 में मेग लैनिंग के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया की फुल-टाइम कप्तान बनाया गया था। हालांकि भारत के खिलाफ होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वह हिस्सा नहीं लेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि इससे टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले नए संयोजन और भविष्य के कप्तान को परखने का मौका मिलेगा। हीली वनडे सीरीज खेलेंगी और इसके बाद पर्थ में 6 से 9 मार्च के बीच खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहेंगी। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट मैच होगा।

    शानदार रहा एलिसा हीली का करियर

    एलिसा हीली ने फरवरी 2010 में महज 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपने 16 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने महिला क्रिकेट में कई कीर्तिमान स्थापित किए।
    हीली ने 123 वनडे मैचों में 3,563 से अधिक रन बनाए, जबकि 162 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 3,054 रन उनके नाम दर्ज हैं। टी20 क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 148 रन रहा, जो किसी भी फुल मेंबर टीम की महिला खिलाड़ी द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    खिताबों से भरा रहा सफर

    एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार रही हैं। वह 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। वहीं वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 2013 और 2022 में खिताब अपने नाम किया। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर हीली को 2018 और 2019 में आईसीसी टी20आई क्रिकेटर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिला।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए नई चुनौती

    एलिसा हीली के संन्यास के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम एक नए दौर में प्रवेश करेगी। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम को नया कप्तान और नया संतुलन तलाशना होगा। क्रिकेट फैंस के लिए यह पल भावुक है, क्योंकि एलिसा हीली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट की पहचान बन चुकी थीं।