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  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल: कप्तान नेट साइवर-ब्रंट के अर्धशतक से इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 151 रन का लक्ष्य

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल: कप्तान नेट साइवर-ब्रंट के अर्धशतक से इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 151 रन का लक्ष्य


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने 151 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मुकाबले में कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी भरी नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि फ्रेया केम्प ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए उनका शानदार साथ निभाया।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 32 रन तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाज एमी जोंस और डैनी वायट-हॉज के विकेट गंवा दिए। एमी जोंस 6 रन और डैनी वायट-हॉज 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।

    इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और एलिस कैप्सी ने पारी संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। कैप्सी 20 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुईं। कुछ ही देर बाद हीदर नाइट भी केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जिससे इंग्लैंड का स्कोर 70 रन पर 4 विकेट हो गया।

    मुश्किल परिस्थिति में कप्तान ब्रंट ने फ्रेया केम्प के साथ शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 80 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 5 चौके शामिल रहे। वहीं, फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों में 44 रन बनाए और अपनी पारी में 4 चौके व 1 छक्का लगाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, कप्तान सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट हासिल किया।

    151 रन के लक्ष्य के साथ इंग्लैंड ने मुकाबले में खुद को बनाए रखा, लेकिन दूसरी पारी में उसे ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अनुशासित और आक्रामक गेंदबाजी की जरूरत थी। दूसरी ओर, छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी।

  • ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार, इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार बना विमेंस टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन

    ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार, इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार बना विमेंस टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब जीत लिया। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मुकाबले में बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को आसान जीत दिला दी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी विश्व विजेता रह चुका है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने महज 7 रन पर पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने पारी को संभालते हुए संयमित बल्लेबाजी की। उन्होंने फ्रेया कैंप के साथ अहम साझेदारी निभाई और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि फ्रेया कैंप ने 28 गेंदों पर 44 रन बनाकर इंग्लैंड का स्कोर 20 ओवर में 4 विकेट पर 150 रन तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट लिया।

    151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी साधारण रही और जॉर्जिया वोल सिर्फ 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने दूसरे विकेट के लिए 100 रन की शानदार साझेदारी कर मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया। लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 48 रन बनाए, जबकि बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की बेहतरीन पारी खेली। एलिस पेरी ने नाबाद 13 रन बनाकर टीम को 17.1 ओवर में जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया।

    इंग्लैंड की ओर से शार्लेट डीन, लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन को एक-एक विकेट मिला, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने उनकी गेंदबाजी बेअसर साबित हुई।

    फाइनल में मैच जिताऊ पारी खेलने वाली बेथ मूनी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में 7 मैचों में 238 रन बनाने और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला।

    खिताबी जीत के बाद मूनी ने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में आत्मविश्वास और निडर क्रिकेट खेली। उन्होंने कोचिंग स्टाफ, साथी खिलाड़ियों और कप्तान सोफी मोलिनेक्स की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पूरी टीम ने एक-दूसरे का हर परिस्थिति में साथ दिया और इसी एकजुटता का परिणाम विश्व कप ट्रॉफी के रूप में मिला। कप्तान मोलिनेक्स के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनके शांत स्वभाव और बेहतर फैसलों ने टीम को पूरे अभियान में मजबूती दी।

    इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप में अपना दबदबा एक बार फिर साबित कर दिया और रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

  • विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026: मूनी के तूफान से ऑस्ट्रेलिया चैंपियन, 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों अवॉर्ड जीते

    विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026: मूनी के तूफान से ऑस्ट्रेलिया चैंपियन, 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों अवॉर्ड जीते


    नई दिल्ली । लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी रहीं, जिन्होंने शानदार अर्धशतक जड़ते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया।

    इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 17.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर छह विकेट से मुकाबला जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया की जीत की नींव बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शानदार साझेदारी ने रखी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 100 रन जोड़कर मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया।

    बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल रहे। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात मैचों में 238 रन बनाए और 47.60 की औसत से बल्लेबाजी की। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने फील्डिंग में भी पांच कैच लेकर अहम योगदान दिया। वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।

    खिताबी जीत के बाद मूनी ने कहा कि यह टूर्नामेंट टीम के लिए लंबे समय से सबसे बड़ा लक्ष्य था और इस सफर का अंत विश्व कप जीत के साथ होना बेहद संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में टीम में कई बदलाव हुए, लेकिन खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का पूरा साथ दिया और आत्मविश्वास के साथ क्रिकेट खेला। उनके मुताबिक टीम ने पूरे अभियान में निडर और सकारात्मक सोच के साथ प्रदर्शन किया।

    मूनी ने टीम के सपोर्ट स्टाफ और कोचिंग ग्रुप की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि लंबे दौरे और खिलाड़ियों की छोटी-मोटी चोटों के बावजूद पूरे स्टाफ ने बेहतरीन काम किया, जिसकी बदौलत फाइनल में ऑस्ट्रेलिया अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ उतर सका।

    ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनक्स की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए मूनी ने कहा कि वह बेहद शांत स्वभाव की कप्तान हैं और दबाव की परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखती हैं। उनके नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और विश्व कप जीतकर उनके नेतृत्व को यादगार सम्मान दिया।

    इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर महिला टी20 क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि बेथ मूनी ने अपने दमदार प्रदर्शन से साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा, जहां मेजबान इंग्लैंड और छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में रही हैं और अब सबकी निगाहें उन खिलाड़ियों पर होंगी जो अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं।

    इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी व्याट इस विश्व कप की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाए हैं और उनका औसत 73 रहा है। पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले हैं। यदि फाइनल में भी व्याट को अच्छी शुरुआत मिलती है तो ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद सोफी एक्लेस्टोन हैं। उन्होंने छह मैचों में नौ विकेट हासिल किए हैं और उनकी इकॉनमी मात्र 5.79 रही है। बीच के ओवरों में रन रोकने और महत्वपूर्ण विकेट लेने की उनकी क्षमता इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

    इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट भी शानदार फॉर्म में हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर टीम को फाइनल तक पहुंचाया। बल्लेबाजी के साथ-साथ वह गेंद से भी योगदान देने में सक्षम हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को उनसे विशेष सावधान रहना होगा।

    ऑस्ट्रेलिया की सबसे अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी एक बार फिर बड़े मुकाबले में सबसे बड़ी मैच विनर मानी जा रही हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 185 रन बनाने के साथ चार विकेट भी अपने नाम किए हैं। बड़े मंच पर दबाव झेलने और मैच जिताने का उनका अनुभव इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

    ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनेक्स भी शानदार लय में हैं। उन्होंने छह मुकाबलों में 10 विकेट चटकाए हैं और उनकी इकॉनमी सिर्फ 6.50 रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखती हैं, जिससे उनका महत्व और बढ़ जाता है।

    दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन इन पांच सितारों का प्रदर्शन खिताबी मुकाबले का नतीजा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों को लॉर्ड्स में एक रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला फाइनल देखने की उम्मीद है।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल


    नई दिल्ली। अमहिला टी20 विश्व कप 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का सामना मेजबान इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल में जगह बनाई है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भरपूर मुकाबले की उम्मीद है।

    ऑस्ट्रेलिया लगातार आठवीं बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है और एक बार फिर अपने दबदबे को कायम रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए पांचवीं बार फाइनल खेलेगा। खास बात यह है कि इंग्लैंड ने अपनी सरजमीं पर अब तक महिला टी20 विश्व कप का एक भी मैच नहीं गंवाया है। घरेलू मैदान पर खेले गए सभी 11 मुकाबलों में टीम ने जीत दर्ज की है।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट शानदार लय में हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाकर टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर बेहतरीन बल्लेबाजी की है। गेंदबाजी विभाग में सोफी एक्लेस्टोन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं और फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

    वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम भी हर विभाग में संतुलित नजर आ रही है। अनुभवी बल्लेबाज एलिसा पेरी पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं और छह मैचों में 185 रन बना चुकी हैं। बेथ मूनी ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई है। गेंदबाजी में कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है जबकि जॉर्जिया वेयरहम ने भी सात विकेट अपने नाम किए हैं।

    अगर पिच की बात करें तो लॉर्ड्स की सतह शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से अच्छा उछाल और स्विंग मिलने की संभावना रहती है। हालांकि इस विश्व कप में इसी मैदान पर बल्लेबाजों ने भी बड़े स्कोर बनाए हैं। ऐसे में शुरुआती ओवर निकालने वाली टीम बाद में तेजी से रन बना सकती है।

    लॉर्ड्स में अब तक खेले गए 16 महिला टी20 मुकाबलों में आठ मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं जबकि सात बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को सफलता मिली है। इससे साफ है कि टॉस अहम हो सकता है लेकिन मैच का नतीजा प्रदर्शन पर ज्यादा निर्भर करेगा।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। पूर्वानुमान के अनुसार लंदन में पूरे दिन आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम यानी लगभग पांच प्रतिशत है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार

    महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली जीत ने पूरी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। उनका मानना है कि बड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने से खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ता है और यही आत्मविश्वास अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

    क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत में हैमिल्टन ने कहा कि नई गेंद के साथ गेंदबाजी करना उनके लिए हमेशा रोमांचक अनुभव रहता है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नई गेंद संभालना बड़ी जिम्मेदारी होती है लेकिन भारत के खिलाफ सफल प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि टीम ने उस मुकाबले में जिस तरह दबाव झेलते हुए जीत हासिल की उससे सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है।

    हैमिल्टन ने स्वीकार किया कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलते समय दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान हर खिलाड़ी के मन में घबराहट होती है लेकिन जैसे ही पहला ओवर शुरू होता है पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर केंद्रित हो जाता है। उनके मुताबिक लगातार बड़े मुकाबले खेलने से मानसिक मजबूती भी बढ़ती है और खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटना सीखते हैं।

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने कहा कि भारत के खिलाफ प्रदर्शन ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वे बड़े मैचों में भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। यही अनुभव सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य पिछले मैचों की लय को बरकरार रखते हुए आक्रामक क्रिकेट खेलना है।

    हैमिल्टन ने मैचों के बीच कम अंतराल को भी टीम के लिए सकारात्मक बताया। उनके अनुसार लगातार मुकाबले खेलने से खिलाड़ियों की लय बनी रहती है और टीम का मोमेंटम भी कायम रहता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया हाल के मैचों में जिस गुणवत्ता का क्रिकेट खेल रहा है उसे सेमीफाइनल में भी दोहराने की पूरी कोशिश की जाएगी।

    द ओवल मैदान पर पहली बार खेलने जा रहीं हैमिल्टन ने कहा कि मैच से पहले मैदान का निरीक्षण करने से परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने माना कि हालात तेजी से बदल सकते हैं इसलिए टीम का फोकस जल्द से जल्द खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने पर रहेगा।

    उन्होंने वेस्टइंडीज को भी बेहद खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बताया। हैमिल्टन का कहना है कि अंडरडॉग के रूप में उतरने वाली टीमों पर अतिरिक्त दबाव नहीं होता और वे खुलकर खेलती हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस सेमीफाइनल की विजेता फाइनल में जगह बनाएगी जहां विश्व कप खिताब के लिए मुकाबला होगा।
  • लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया

    लॉर्ड्स में टूटा भारत का सपना ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत के साथ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुई टीम इंडिया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना आखिरकार टूट गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए ग्रुप चरण के निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया। इस हार के साथ भारतीय टीम का अभियान समाप्त हो गया जबकि ग्रुप ए से ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। वहीं ग्रुप बी से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने अगले दौर के लिए क्वालीफाई किया।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए। भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों पर 34 रन बनाए जिसमें दो छक्के और तीन चौके शामिल रहे। उनके आउट होने के बाद स्मृति मंधाना ने पारी को आगे बढ़ाया और 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारत ने 83 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रन की अहम साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जेमिमा ने 34 रन बनाकर रिटायर्ड आउट होने से पहले महत्वपूर्ण योगदान दिया जबकि हरमनप्रीत कौर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली तीसरी बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने दो विकेट हासिल किए।

    171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने केवल चार रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया। हालांकि इसके बाद फीबी लिचफील्ड और बेथ मूनी ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी की। लिचफील्ड ने 24 रन बनाए जबकि बेथ मूनी ने 22 रन का योगदान दिया।

    भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता जरूर हासिल की लेकिन इसके बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर की शानदार बल्लेबाजी के सामने टीम बेबस नजर आई। दोनों खिलाड़ियों ने चौथे विकेट के लिए 100 रन की मैच जिताऊ साझेदारी कर मुकाबला पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की बेहतरीन पारी खेली जबकि एश्ले गार्डनर ने 29 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाकर टीम को 19वें ओवर में जीत दिला दी।

    भारत की ओर से श्री चरणी ने दो विकेट हासिल किए जबकि दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर को एक एक सफलता मिली। हालांकि गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन निर्णायक मुकाबले में गेंदबाजी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और इसी के साथ टीम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।

  • हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह

    हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह


    नई दिल्ली।  महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल से पहले ही समाप्त हो गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अहम मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी और भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 170 रन का मजबूत स्कोर बनाया। टीम को आक्रामक शुरुआत शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनेक्स सबसे सफल रहीं। उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया के सामने 171 रन का लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में चुनौती दी और रन गति पर भी कुछ समय तक नियंत्रण बनाए रखा। एक समय आवश्यक रन गति लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी और मुकाबला पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा था। लेकिन भारतीय टीम दबाव को अंत तक बनाए रखने में सफल नहीं रही। कुछ महत्वपूर्ण मौकों पर खराब गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई चूक का फायदा ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तरह उठाया।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत में एलिस पेरी और एश गार्डनर ने अहम भूमिका निभाई। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की जिम्मेदार पारी खेली जबकि एश गार्डनर ने केवल 29 गेंदों में 53 रन बनाकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। फोएबे लिचफील्ड ने भी 24 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। इन पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और शानदार जीत दर्ज की।

    यह हार भारतीय महिला टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 2024 महिला टी20 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत का सफर समाप्त किया था। इस बार भी बड़े मुकाबले में वही कहानी दोहराई गई। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में महत्वपूर्ण क्षणों पर हुई गलतियां भारी पड़ गईं। अब टीम इंडिया को इस हार से सीख लेकर भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी पर ध्यान देना होगा ताकि आने वाले वैश्विक मंचों पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: जीत के साथ बदली टेबल, इंग्लैंड शीर्ष पर और ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई बढ़त

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: जीत के साथ बदली टेबल, इंग्लैंड शीर्ष पर और ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई बढ़त


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में रोमांच अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है और हर मुकाबले के साथ अंक तालिका के समीकरण बदल रहे हैं। शनिवार को खेले गए मुकाबलों के बाद ग्रुप ए और ग्रुप बी दोनों में शीर्ष स्थान पर कब्जे की तस्वीर साफ होती नजर आई। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल जीत दर्ज की, बल्कि अपनी-अपनी ग्रुप तालिका में पहला स्थान भी हासिल कर लिया।

    ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार बना हुआ है। टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में 98 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में लगातार तीसरी सफलता हासिल की। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया के तीन मैचों में छह अंक हो गए हैं और वह ग्रुप ए की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

    ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 219 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और नीदरलैंड्स के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 20 ओवर में 3 विकेट पर 121 रन ही बना सकी और मुकाबला 98 रन से हार गई। यह टूर्नामेंट में उसकी लगातार कठिन हारों में से एक रही।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत का असर भारतीय टीम की स्थिति पर भी पड़ा। India Women’s National Cricket Team दो मैचों में 4 अंकों के साथ अब ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। हालांकि टीम इंडिया ने अभी एक मैच कम खेला है, इसलिए उसके पास शीर्ष स्थान हासिल करने का अवसर बना हुआ है। वहीं, पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश की टीम भी 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। साउथ अफ्रीका के खाते में 2 अंक हैं, जबकि लगातार तीसरी हार झेलने के बाद पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है।

    दूसरी ओर ग्रुप बी में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए स्कॉटलैंड को 38 रन से हराकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन बनाए। सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी की दमदार पारियों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में स्कॉटलैंड की टीम 162 रन ही बना सकी और इंग्लैंड ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ England Women’s Cricket Team के तीन मैचों में 6 अंक हो गए हैं और वह ग्रुप बी में पहले स्थान पर पहुंच गई है। वेस्टइंडीज की टीम दो मैचों में दो जीत और 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड तीन मैचों में केवल एक जीत के साथ तीसरे स्थान पर है। स्कॉटलैंड चौथे, श्रीलंका पांचवें और आयरलैंड छठे स्थान पर मौजूद हैं।

    टूर्नामेंट अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है जहां हर जीत और हार से सेमीफाइनल की तस्वीर बदल सकती है। ऐसे में आने वाले मुकाबले सभी टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।

  • भारत की बढ़ी नॉकआउट उम्मीदें, पाकिस्तान और नीदरलैंड के बाहर होने से बदला समीकरण

    भारत की बढ़ी नॉकआउट उम्मीदें, पाकिस्तान और नीदरलैंड के बाहर होने से बदला समीकरण


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में लीग चरण के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे सेमीफाइनल की तस्वीर भी साफ होने लगी है। टूर्नामेंट के बीच पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीमों का सफर आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। लगातार तीन-तीन मैच हारने के बाद दोनों टीमें सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई हैं। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है और उसके नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं।

    शनिवार को खेले गए मुकाबलों ने ग्रुप-ए की अंकतालिका को पूरी तरह बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 98 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इसके बाद बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर उसे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इन नतीजों के बाद पाकिस्तान और नीदरलैंड दोनों के खाते में तीन-तीन हार दर्ज हो चुकी हैं और अब वे शेष मैच जीतकर भी सेमीफाइनल की दौड़ में वापसी नहीं कर सकतीं।

    ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है। टीम ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में लगभग जगह पक्की कर ली है। भारतीय टीम ने अब तक खेले गए दोनों मुकाबले जीते हैं और 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है। भारत का नेट रन रेट भी शानदार है, जो उसे अन्य टीमों पर बढ़त दिला रहा है। बांग्लादेश भी 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में वह भारत से पीछे है। दक्षिण अफ्रीका 2 अंकों के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    भारतीय टीम के लिए सबसे अहम मुकाबला अब बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। यदि टीम इंडिया अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखती है तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। कप्तान और टीम प्रबंधन भी खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

    ग्रुप-बी की बात करें तो मेजबान इंग्लैंड ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा रखा है। वेस्टइंडीज 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका की टीमें अभी भी सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। वहीं आयरलैंड लगातार तीन हार के बाद लगभग टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, हालांकि गणितीय रूप से उसकी उम्मीदें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में अब हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय टीम की नजर लगातार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित करने पर होगी, जबकि अन्य टीमें भी अंतिम चार में पहुंचने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। आने वाले दिनों में टूर्नामेंट का रोमांच और भी बढ़ने वाला है।