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  • “महिंद्रा की मार्च में धमाकेदार बिक्री: 99,969 गाड़ियों के साथ 21% उछाल!”

    “महिंद्रा की मार्च में धमाकेदार बिक्री: 99,969 गाड़ियों के साथ 21% उछाल!”


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने मार्च 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिक्री के नए आंकड़े छू लिए हैं। कंपनी ने कुल 99,969 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्शाती है। यह आंकड़ा घरेलू और निर्यात दोनों को मिलाकर है, जो कंपनी की मजबूत बाजार पकड़ और बढ़ती मांग का संकेत देता है।

    SUV सेगमेंट बना ग्रोथ का इंजन

    महिंद्रा की इस तेज रफ्तार का सबसे बड़ा कारण उसका यूटिलिटी व्हीकल (SUV) सेगमेंट रहा। मार्च में घरेलू बाजार में कंपनी ने 60,272 यूनिट SUV बेचीं, जो 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं निर्यात को मिलाकर कुल SUV बिक्री 62,109 यूनिट तक पहुंच गई। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी ने SUV सेगमेंट में 6,60,276 यूनिट की बिक्री की, जो 20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाती है।

    कमर्शियल व्हीकल में भी दमदार प्रदर्शन

    कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में भी कंपनी ने संतुलित और मजबूत प्रदर्शन किया। मार्च में घरेलू CV बिक्री 24,928 यूनिट रही, जो 11 प्रतिशत की बढ़त है। खासतौर पर 2 से 3.5 टन वाले लाइट कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 21,402 यूनिट की बिक्री हुई। वहीं 3.5 टन से कम वाले वाहनों की सालाना बिक्री 2,89,597 यूनिट रही, जो 13 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाती है।

    थ्री-व्हीलर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल

    कंपनी के थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी तेज रफ्तार देखने को मिली। मार्च में 39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,801 यूनिट की बिक्री हुई। इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की बढ़ती मांग भी एक बड़ा कारण रही। पूरे वित्त वर्ष में इस श्रेणी में 1,12,003 यूनिट की बिक्री हुई, जो 30 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि है।

    निर्यात में सालाना बढ़त, लेकिन मार्च में हल्की गिरावट

    निर्यात के मोर्चे पर कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 40,990 यूनिट का आंकड़ा पार किया। हालांकि मार्च महीने में निर्यात 4 प्रतिशत घटकर 3,968 यूनिट रहा, जो वैश्विक बाजार की चुनौतियों की ओर इशारा करता है।

    सीईओ का बयान: मांग बनी हुई मजबूत

    कंपनी के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ Nalinikanth Gollagunta ने कहा कि मार्च में SUV की 60,272 यूनिट बिक्री और LCV सेगमेंट में 24,928 यूनिट की बिक्री कंपनी की मजबूत मांग को दर्शाती है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भी यह ग्रोथ जारी रहेगी।

    शेयर बाजार में भी दिखा असर

    कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। NSE पर महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर करीब 3 प्रतिशत चढ़कर 3,051 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

    लगातार बेहतर प्रदर्शन का सिलसिला

    गौरतलब है कि कंपनी ने फरवरी 2026 में भी 18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97,177 यूनिट की बिक्री दर्ज की थी। लगातार दूसरे महीने मजबूत प्रदर्शन से साफ है कि महिंद्रा की रणनीति और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बाजार में अच्छी पकड़ बनाए हुए है।

  • FY27 में ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत, ग्रोथ में आ सकती है नरमी

    FY27 में ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत, ग्रोथ में आ सकती है नरमी


    नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन आने वाले वित्त वर्ष 2027 (FY27) में इस रफ्तार में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जहां FY26 में जीएसटी कटौती, बेहतर आर्थिक गतिविधियों और मजबूत मांग ने इंडस्ट्री को गति दी, वहीं FY27 में हाई बेस और बढ़ती लागत के कारण ग्रोथ थोड़ी धीमी पड़ सकती है।

    रिपोर्ट बताती है कि जीएसटी दरों में कमी से खासतौर पर दोपहिया और वाणिज्यिक वाहन (CV) सेगमेंट को बड़ा फायदा हुआ। इससे ग्राहकों की खरीद क्षमता (affordability) बढ़ी और कंपनियों को भी मांग में तेजी देखने को मिली। खासकर कमर्शियल व्हीकल्स के बेड़े बनाना पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती हो गया, जिससे ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ा।

    कमर्शियल व्हीकल्स में जबरदस्त उछाल, LCV सेगमेंट को मिला फायदा

    फरवरी 2026 में 23.8% की वृद्धि, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स ने बढ़ाई मांग

    रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 23.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में यह वृद्धि 12.5% रही। खुदरा बिक्री में भी 28.9% की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (M&HCV) की अहम भूमिका रही।

    हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) सेगमेंट को भी काफी फायदा मिला है। अंतिम मील डिलीवरी (last-mile delivery) की मांग में सुधार और जीएसटी के चलते लागत कम होने से इस सेगमेंट में तेजी आई है। FY26 में LCV सेगमेंट में 7-9% की वृद्धि का अनुमान है, लेकिन FY27 में यह घटकर 4-6% रह सकती है।

    दोपहिया सेगमेंट में आई मजबूती, ग्रामीण मांग बनी सहारा

    बिक्री कई साल के उच्च स्तर पर, लेकिन FY27 में धीमी हो सकती है ग्रोथ

    दोपहिया वाहन सेगमेंट में भी व्यापक सुधार देखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने, आसान फाइनेंसिंग और जीएसटी कटौती से कीमतों में कमी के कारण FY26 में बिक्री कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है।

    रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में घरेलू थोक बिक्री में लगभग 9% की वृद्धि का अनुमान है, लेकिन FY27 में यह घटकर 3-5% रह सकती है। हालांकि, रिप्लेसमेंट डिमांड (पुराने वाहनों को बदलने की जरूरत) और ग्रामीण आय में सुधार भविष्य में मांग को सपोर्ट देते रहेंगे।

    आगे की चुनौतियां: महंगा लोन और पुराने वाहनों की बढ़ती मांग

    फाइनेंसिंग लागत और सेकंड-हैंड मार्केट बन सकते हैं बाधा

    हालांकि इंडस्ट्री की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च फाइनेंसिंग लागत (महंगे लोन) और खासकर LCV सेगमेंट में पुराने वाहनों की बढ़ती मांग नई बिक्री पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, हाई बेस इफेक्ट (पिछले साल की ज्यादा ग्रोथ) के कारण भी FY27 में वृद्धि दर कम दिखाई दे सकती है।

  • दो-पहिया और कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी, बाजार में उत्साह

    दो-पहिया और कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी, बाजार में उत्साह


    नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने फरवरी 2026 में मजबूत बिक्री के आंकड़े दर्ज किए हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 4,17,705 यूनिट्स हो गई है। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,77,689 यूनिट्स था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि के पीछे बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट और उपभोक्ता मांग में मजबूती का बड़ा हाथ है।

    SUV की बढ़ती लोकप्रियता ने खींचा ध्यान
    सियाम के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में सबसे अधिक वृद्धि एसयूवी सेगमेंट में हुई। बीते महीने एसयूवी की बिक्री सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,36,957 यूनिट्स हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 2,08,795 यूनिट्स था। हालांकि कारों की थोक बिक्री में हल्की गिरावट रही, जो 1,06,799 यूनिट्स पर सीमित रही, पिछले साल समान अवधि में यह 1,10,966 यूनिट्स थी। वैन की बिक्री में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 11,620 यूनिट्स रही।

    दोपहिया वाहनों की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि
    फरवरी 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 35.2 प्रतिशत का उछाल आया, जो पिछले साल समान महीने में 13,84,605 यूनिट्स से बढ़कर 18,71,406 यूनिट्स पर पहुंच गई। दोपहिया वाहन, विशेषकर स्कूटर और मोटरसाइकिल की मांग में तेजी ने बिक्री में यह बड़ा योगदान दिया।

    तिपहिया वाहनों की मांग में भी बढ़ोतरी
    इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में भी 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। फरवरी 2026 में तिपहिया वाहनों की बिक्री 74,573 यूनिट्स रही, जो फरवरी 2025 में 57,788 यूनिट्स थी। इस प्रकार, यात्री वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो इंडस्ट्री के लिए उत्साहवर्धक संकेत है।

    उद्योग में सकारात्मक माहौल, लेकिन चुनौतियां भी
    सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, “उद्योग में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। फरवरी में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज हुई है। हालांकि मार्च में देश के कई हिस्सों में त्योहार का माहौल रहेगा, लेकिन पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष आपूर्ति श्रृंखला पर चिंता का विषय बना हुआ है, जो विनिर्माण और निर्यात दोनों को प्रभावित कर सकता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि उद्योग को आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों के बावजूद, घरेलू मांग के चलते विश्वास है कि साल 2026 में बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहेगी।

    निष्कर्ष: ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूती
    फरवरी 2026 के आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाजार मजबूत स्थिति में है। SUV और दोपहिया वाहन खपत में तेज़ी के साथ, यह सेक्टर न केवल घरेलू मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि निर्यात संभावनाओं के लिहाज से भी आशाजनक बना हुआ है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में त्योहार और छुट्टियों के चलते बिक्री में और बढ़ोतरी संभव है।

    मुख्य तथ्य:

    यात्री वाहन: 4,17,705 यूनिट्स (+10.6%)

    SUV: 2,36,957 यूनिट्स (+13.5%)

    कार: 1,06,799 यूनिट्स (-3.8%)

    वैन: 11,620 यूनिट्स

    दोपहिया वाहन: 18,71,406 यूनिट्स (+35.2%)

    तिपहिया वाहन: 74,573 यूनिट्स (+29%)
    इस तरह फरवरी 2026 ने भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक मजबूत और उत्साहवर्धक महीना साबित किया है।