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  • मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि

    मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि


    नई दिल्ली। देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में मई महीने के दौरान मजबूत मांग का असर साफ दिखाई दिया। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में Hyundai Motor India Limited और Mahindra & Mahindra ने घरेलू बाजार में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज की है।

    हुंडई की बिक्री में 4.1% की वृद्धि
    हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने मई में कुल 61,137 वाहन बेचे। इसमें 47,837 यूनिट घरेलू बिक्री रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी ने 13,300 वाहनों का निर्यात भी किया। कुल मिलाकर कंपनी की बिक्री में 4.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

    महिंद्रा एंड महिंद्रा की 20% की छलांग
    महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मई में निर्यात सहित कुल 99,636 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो साल-दर-साल आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंपनी के यूटिलिटी व्हीकल (SUV) सेगमेंट ने इस वृद्धि में सबसे अहम भूमिका निभाई। घरेलू बाजार में 58,021 यूटिलिटी वाहन बिके, जो 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं।

    कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 24,079 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जिसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। निर्यात में भी कंपनी ने 37 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।

    मांग मजबूत, लेकिन सप्लाई चुनौतियां कायम
    महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ ने बताया कि पूरे पोर्टफोलियो में मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि कुछ सप्लायरों के यहां श्रमिकों की कमी के कारण सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

    शेयर बाजार में हल्की गिरावट
    बिक्री के सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। हुंडई का शेयर करीब 1.48 प्रतिशत गिरकर 1,900 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर लगभग 1.9 प्रतिशत गिरकर 2,982 रुपये तक आ गया।

    SUV सेगमेंट बना ग्रोथ इंजन
    विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू बाजार में SUV और यूटिलिटी वाहनों की लगातार मजबूत मांग ऑटो सेक्टर की ग्रोथ को समर्थन दे रही है। आने वाले महीनों में त्योहारों की मांग और नए मॉडल लॉन्च इस रफ्तार को और बढ़ा सकते हैं।

  • ऑटो सेक्टर में रफ्तार: मार्च में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 16% बढ़ी, बाजार में लौटी मजबूती

    ऑटो सेक्टर में रफ्तार: मार्च में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 16% बढ़ी, बाजार में लौटी मजबूती


    नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर से राहत भरी खबर सामने आई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) की थोक बिक्री सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 4,42,460 यूनिट्स तक पहुंच गई। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,81,358 यूनिट्स था। यह उछाल दर्शाता है कि बाजार में उपभोक्ताओं का भरोसा फिर मजबूत हुआ है और खरीदारी का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

    दोपहिया और तिपहिया में भी शानदार प्रदर्शन
    ऑटो सेक्टर के अन्य सेगमेंट्स में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मार्च में दोपहिया वाहनों की बिक्री 19.3 प्रतिशत बढ़कर 19,76,128 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल यह 16,56,939 यूनिट्स थी। वहीं तिपहिया वाहनों की बिक्री में 21.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 76,273 यूनिट्स तक पहुंच गई। इन आंकड़ों से साफ है कि शहरी ही नहीं, ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में भी मांग मजबूत बनी हुई है।

    डीलरशिप स्टॉक और मांग बनी बड़ी वजह
    विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण रहे—एक, डीलरों के पास पर्याप्त इन्वेंट्री उपलब्ध होना और दूसरा, ग्राहकों की बढ़ती मांग। फरवरी महीने में भी यात्री वाहनों की बिक्री में 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो इस सकारात्मक ट्रेंड को और मजबूत करती है।

    आने वाले समय के संकेत भी सकारात्मक
    रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में ऑटो सेक्टर की थोक बिक्री 7 से 9 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। इसके पीछे त्योहारों की मजबूत मांग, हाल में जीएसटी दरों में कटौती और नए मॉडलों की लॉन्चिंग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 में उच्च आधार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के चलते वृद्धि दर घटकर 4 से 6 प्रतिशत रह सकती है।

    SUV और प्रीमियम कारों का बढ़ता क्रेज
    ऑटो इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। अब ग्राहकों का झुकाव यूटिलिटी व्हीकल (SUV) और प्रीमियम सेगमेंट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कुल यात्री वाहन बिक्री में SUV की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत हो गई है, जो यह दिखाती है कि लोग अब ज्यादा फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस वाली गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी
    सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाजार में विविधता आई है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

    ऑटो सेक्टर में जारी है बदलाव का दौर
    विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय ऑटो बाजार अब एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा है, जहां पारंपरिक वाहनों के साथ-साथ नए फ्यूल और टेक्नोलॉजी आधारित विकल्प तेजी से जगह बना रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह बदलाव और स्पष्ट नजर आएगा।