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  • निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी, ऑटो-एनर्जी स्टॉक्स में तेजी से बाजार में दिखी खरीदारी की दिलचस्पी

    निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी, ऑटो-एनर्जी स्टॉक्स में तेजी से बाजार में दिखी खरीदारी की दिलचस्पी


    नई दिल्ली।
    शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, जहां प्रमुख इंडेक्स में शुरुआती बढ़त देखने को मिली। निफ्टी 50 ने दिन की शुरुआत 24400 के स्तर के आसपास की और कुछ समय के लिए इस स्तर को पार भी किया। वहीं सेंसेक्स भी तेजी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त दर्ज की।

    हालांकि बाजार में शुरुआती तेजी के बाद निफ्टी एक सीमित दायरे में फंसता नजर आया और ऊपरी स्तर पर कंसोलिडेशन का माहौल बन गया। इंडेक्स लगातार 24300 से 24400 के बीच ट्रेड करता दिखा, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार फिलहाल अगली बड़ी चाल के लिए रुककर स्थिति का आकलन कर रहा है।

    इस बीच सेक्टर वाइज मूवमेंट काफी दिलचस्प रहा। ऑटो सेक्टर में निवेशकों की रुचि लगातार बनी हुई है और लार्जकैप ऑटो कंपनियों में खरीदारी देखने को मिल रही है। कई प्रमुख ऑटो स्टॉक्स में हल्की से मध्यम तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेक्टर बाजार में मजबूती का केंद्र बना रहा।

    मेटल सेक्टर में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। कुछ प्रमुख मेटल कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक इस सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद के साथ एंट्री कर रहे हैं। इसके अलावा एनर्जी सेक्टर में भी धीरे-धीरे निवेश बढ़ता हुआ दिखाई दिया।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय निवेशक उन सेक्टर्स की ओर रुख कर रहे हैं जहां हाल ही में रिकवरी के संकेत मिले हैं या जहां स्टॉक्स ने निचले स्तर से वापसी दिखाई है। यही वजह है कि ऑटो, मेटल और एनर्जी जैसे सेक्टर फोकस में बने हुए हैं।

    तकनीकी स्तर पर निफ्टी ने पहले जिस स्तर को रेजिस्टेंस माना जा रहा था, उसे पार करने की कोशिश की है, लेकिन अब वह स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। फिलहाल 24300 से 24250 का क्षेत्र बाजार के लिए मजबूत खरीदारी का दायरा माना जा रहा है।

    अगर बाजार इस जोन में आता है, तो वहां से फिर से खरीदारी देखने की संभावना बनी रहती है, जिससे निफ्टी एक बार फिर ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ सकता है। कुल मिलाकर बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है, जहां न तो तेज गिरावट दिख रही है और न ही मजबूत ब्रेकआउट, बल्कि निवेशक अगले बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं।

  • मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान

    मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान


    नई दिल्ली। बुधवार सुबह 9:18 बजे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स 306 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,193 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 88 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085 पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और निवेशकों की मजबूत धारणा के चलते बाजार में शुरुआती खरीदारी हावी रही।

    डिफेंस और ऑटो सेक्टर बने बाजार के स्टार परफॉर्मर

    शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी डिफेंस और ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑटो इंडेक्स टॉप गेनर्स में रहे। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, FMCG, एनर्जी और फार्मा सेक्टर भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि दूसरी ओर मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसई सेक्टर में हल्की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में सेक्टोरल मिक्स ट्रेंड बना रहा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी जारी

    बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,125 पर पहुंच गया।
    निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 208 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,628 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मारुति सुजुकी, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, टीसीएस और एसबीआई जैसे शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। वहीं टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेक में हल्का दबाव देखने को मिला।

    वैश्विक बाजारों और तेल की कीमतों का असर

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यूएई के ओपेक से बाहर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है, हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी है, जिसका फैसला आज रात आने वाला है। यह निर्णय वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख

    एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मजबूती देखने को मिली। शंघाई, हांगकांग, सोल, जकार्ता और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि जापानी बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे।

    अमेरिकी बाजारों में कमजोरी

    इसके विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले।

    कुल मिलाकर वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है। हालांकि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड के फैसले पर है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।

  • शेयर बाजार समाचार, सेंसेक्स गिरावट, निफ्टी अपडेट, विदेशी निवेशक बिकवाली, आईटी शेयर, ऑटो सेक्टर, आईपीओ न्यूज़।

    शेयर बाजार समाचार, सेंसेक्स गिरावट, निफ्टी अपडेट, विदेशी निवेशक बिकवाली, आईटी शेयर, ऑटो सेक्टर, आईपीओ न्यूज़।


    नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ सत्रों से जारी अनिश्चितता का माहौल मंगलवार को भी बरकरार रहा। घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव में नजर आयाजिसके चलते प्रमुख सूचकांकों ने लाल निशान के साथ विदाई ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 245 अंक फिसलकर 83,383 के स्तर पर बंद हुआवहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी भी 67 अंकों की कमजोरी के साथ 25,666 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका ऑटोआईटी और एफएमसीजी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में हुई बिकवाली ने निभाई।

    बिकवाली के चक्रव्यूह में फंसे निवेशक मंगलवार के कारोबार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 18 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार जानकारों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों FII द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकालने और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण घरेलू सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक13 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने 1,499 करोड़ रुपए के शेयर बेचेजिसने बाजार के मोमेंटम को धीमा कर दिया।

    आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा ‘दर्द’ सेक्टर आधारित प्रदर्शन पर नजर डालें तो आईटी IT और ऑटोमोबाइल शेयरों में सबसे ज्यादा मुनाफावसूली देखी गई। हालिया तेजी के बाद इन सेक्टर्स में निवेशकों ने अपनी पोजीशन हल्की की। इसके विपरीतमेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में थोड़ी खरीदारी दर्ज की गईजिससे बाजार को निचली स्तरों पर कुछ सहारा मिला। घरेलू संस्थागत निवेशकों DII ने भी 1,181 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को संभालने का प्रयास कियालेकिन एफआईआई FII की बिकवाली का दबाव भारी पड़ा।

    वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। जहां जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुएवहीं चीन के शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही। अमेरिकी बाजारोंविशेषकर डाउ जोंस में रही 0.80% की गिरावट का असर भी भारतीय बाजार की ओपनिंग और क्लोजिंग पर स्पष्ट रूप से देखा गया। ब्याज दरों को लेकर वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को जोखिम लेने से दूर रखा है।

    प्राइमरी मार्केट में हलचल और आगे की राह सेकेंडरी मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर आईपीओ मार्केट पर बनी हुई है। अमागी मीडिया लैब्स के आईपीओ का दूसरा दिन रहाजिसके जरिए कंपनी 1,788 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहालछोटे और मध्यम निवेशकों को ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह दी जा रही है।