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  • देश की अग्रणी टू-व्हीलर कंपनी आने वाले वर्षों में नए लॉन्च, इलेक्ट्रिक विस्तार और स्कूटर रणनीति के जरिए बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

    देश की अग्रणी टू-व्हीलर कंपनी आने वाले वर्षों में नए लॉन्च, इलेक्ट्रिक विस्तार और स्कूटर रणनीति के जरिए बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

    नई दिल्ली। देश के टू-व्हीलर बाजार में तेजी से बदलते रुझानों के बीच बड़ी कंपनियां अब भविष्य की मांग और नई तकनीकों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार कर रही हैं। इसी कड़ी में देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी ने आने वाले वर्षों के लिए एक बड़ा विस्तार रोडमैप तैयार किया है।
    कंपनी अब पारंपरिक मोटरसाइकिल बाजार के साथ-साथ स्कूटर और इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले वित्त वर्ष में कंपनी की योजना केवल नए मॉडल पेश करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए व्यापक उत्पाद रणनीति लागू करने की भी है।

    कंपनी ने संकेत दिए हैं कि अगले वित्त वर्ष के दौरान बाजार में 12 से अधिक नए प्रोडक्ट लॉन्च किए जा सकते हैं। यह संख्या कंपनी के सामान्य वार्षिक लॉन्च पैटर्न से अधिक मानी जा रही है। इसके अलावा नए प्रोडक्ट्स के साथ मौजूदा मॉडलों के अपडेटेड संस्करण भी लगातार बाजार में उतारे जाएंगे। ऐसे में पूरे वर्ष के दौरान ग्राहकों को कई नए विकल्प देखने को मिल सकते हैं। ऑटो सेक्टर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आक्रामक उत्पाद रणनीति बाजार प्रतिस्पर्धा में कंपनी की स्थिति को और मजबूत बना सकती है।

    बदलते समय के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और कंपनियां भी भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए इस क्षेत्र में बड़े निवेश कर रही हैं। इसी दिशा में कंपनी अब इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। अनुमान जताया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में स्कूटर बिक्री में इलेक्ट्रिक मॉडलों की हिस्सेदारी काफी तेजी से बढ़ सकती है। इसी संभावना को देखते हुए कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक उत्पादन क्षमता और नेटवर्क विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है।

    कंपनी की रणनीति का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा स्कूटर बाजार है। पिछले कुछ वर्षों में स्कूटर सेगमेंट में ग्राहकों की रुचि तेजी से बढ़ी है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में इसकी मांग अधिक दिखाई दे रही है। आसान उपयोग, बेहतर माइलेज और नई तकनीकी सुविधाओं के कारण इस वर्ग के वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनी उत्पादन क्षमता विस्तार के जरिए भविष्य की मांग को पूरा करने की तैयारी कर रही है।

    ऑटोमोबाइल उद्योग के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में केवल पारंपरिक पेट्रोल वाहनों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। कंपनियों को नई तकनीक, पर्यावरण अनुकूल विकल्प और ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में विविधता लानी होगी। इसी कारण अब इलेक्ट्रिक और स्मार्ट मोबिलिटी समाधान उद्योग की प्राथमिकता बनते जा रहे हैं।

    बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां अब केवल बिक्री आंकड़ों पर ध्यान नहीं दे रहीं बल्कि भविष्य की तकनीकों और दीर्घकालिक विस्तार रणनीति पर भी निवेश कर रही हैं। माना जा रहा है कि नए लॉन्च, इलेक्ट्रिक विस्तार और उत्पादन क्षमता वृद्धि के जरिए आने वाले समय में कंपनी बाजार में अपनी मौजूदगी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

  • ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट में देरी कारोबारियों और खरीदारों का उत्साह टूटा

    ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट में देरी कारोबारियों और खरीदारों का उत्साह टूटा


    ग्वालियर । ग्वालियर का ऐतिहासिक व्यापार मेला जिसे शहर की शान कहा जाता है इस बार कुछ अलग ही स्थिति का सामना कर रहा है। मेला तो शुरू हो गया लेकिन ऑटोमोबाइल सेक्टर में उस उत्साह का अभाव है जो हर साल होता था। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा मेले का भव्य उद्घाटन किया गया था लेकिन इसके बाद भी आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा नहीं हो पाई है।उम्मीद थी कि मेले के उद्घाटन के बाद यह छूट तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी जिससे शोरूम्स पर वाहनों की बिक्री तेज हो जाएगी। लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी के कारण न केवल कारोबारियों बल्कि ग्राहकों का भी उत्साह ठंडा पड़ चुका है।

    पिछली बार की तुलना में देरी जारी

    ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट मिलने में देरी का सिलसिला पिछले तीन वर्षों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटिफिकेशन मेले के दो दिन पहले ही आया था लेकिन 2023-24 और 2024-25 के दौरान भी यही स्थिति रही जब छूट मकर संक्रांति के आसपास ही लागू हो पाई।अब जबकि मेला 2025-26 के लिए शुरू हो चुका है और इसे शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं फिर भी आरटीओ टैक्स छूट का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसका सीधा असर शोरूम्स की बिक्री पर पड़ा है।

    शोरूम्स पर सजी गाड़ियां लेकिन बिक्री ठप

    मेले में इस बार सैकड़ों लोग अपनी पसंदीदा कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग कर चुके हैं लेकिन सभी लोग आरटीओ टैक्स में छूट का इंतजार कर रहे हैं। बिना टैक्स छूट के अधिकांश लोग गाड़ी की डिलीवरी लेने को तैयार नहीं हैं जिससे शोरूम्स की बिक्री का पहिया पूरी तरह से थम गया है।

    व्यापारी और ग्राहक दोनों की उम्मीदें

    व्यापारियों का कहना है कि उन्हें इस साल बिक्री में अच्छी उम्मीदें थीं क्योंकि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मेले में आटोमोबाइल सेक्टर का आकर्षण ज्यादा था। लेकिन अब तक छूट का नोटिफिकेशन न आने से उनके कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है। ग्राहकों का कहना है कि वे छूट के बाद ही गाड़ी की डिलीवरी लेने के लिए तैयार हैं क्योंकि यह उन्हें एक अच्छा लाभ प्रदान करेगा।

    क्या है आरटीओ टैक्स में छूट

    आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट से ग्राहकों को अपनी गाड़ी खरीदने में काफी राहत मिलती है। यह छूट ग्वालियर व्यापार मेला में आमतौर पर हर साल दी जाती है लेकिन इस बार शासन स्तर पर देरी के कारण व्यापारियों और ग्राहकों दोनों का भरोसा डगमगा गया है।ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स छूट मिलने के बाद व्यवसायिक गतिविधियां तेज हो जाती हैं और मेले का उत्साह भी दोगुना हो जाता है। लेकिन इस बार की देरी ने इसे प्रभावित किया है और कारोबारियों को अब उम्मीद है कि शीघ्र ही नोटिफिकेशन जारी होगा।