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  • रूस में बड़ा सैन्य विमान हादसा क्रीमिया में एएन 26 क्रैश 29 लोगों की मौत

    रूस में बड़ा सैन्य विमान हादसा क्रीमिया में एएन 26 क्रैश 29 लोगों की मौत


    नई दिल्ली । रूस में एक बड़ा सैन्य विमान हादसा सामने आया है जिसमें क्रीमिया क्षेत्र में रूसी सेना का एएन 26 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया इस भीषण हादसे में कुल 29 लोगों की मौत हो गई जिनमें चालक दल के 6 सदस्य और 23 यात्री शामिल हैं इस घटना की पुष्टि रूस के रक्षा मंत्रालय ने की है और इसे हाल के समय की गंभीर सैन्य दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है

    जानकारी के अनुसार यह विमान निर्धारित उड़ान पर था और क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भर रहा था तभी अचानक उससे संपर्क टूट गया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान किसी चट्टान से टकरा गया था जिससे यह दुर्घटना हुई हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी हमले की संभावना नहीं है और प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी को ही कारण माना जा रहा है

    रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार 31 मार्च की शाम करीब 6 बजे मॉस्को समय पर विमान से संपर्क टूट गया था जिसके बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया बचाव दलों ने बाद में दुर्घटनास्थल का पता लगाया जहां से यह स्पष्ट हुआ कि विमान पूरी तरह नष्ट हो चुका था और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना नहीं रही

    एएन 26 एक हल्का सैन्य परिवहन विमान है जिसका उपयोग कई दशकों से किया जा रहा है यह विमान कम और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त माना जाता है और इसमें सामान के साथ करीब 40 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होती है हालांकि इसकी पुरानी तकनीक और लंबे समय से उपयोग को लेकर समय समय पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठती रही हैं

    इस हादसे ने एक बार फिर रूस के सैन्य विमानन तंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर तब जब हाल ही में दिसंबर 2025 में भी एक बड़ा हादसा सामने आया था उस समय एंटोनोव एएन 22 विमान परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें चालक दल के सभी 7 सदस्यों की मौत हो गई थी यह घटना मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र के इवानकोवो गांव के पास हुई थी

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि पुराने सैन्य विमानों के रखरखाव और तकनीकी जांच को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और आधुनिक तकनीक का समावेश बेहद जरूरी है

    फिलहाल क्रीमिया में हुए इस हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर तकनीकी खराबी किस कारण से हुई और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी इस दुखद घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है

  • अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे पर जताई साजिश की आशंका, विशेषज्ञ जांच की मांग

    अजित पवार के भतीजे ने विमान हादसे पर जताई साजिश की आशंका, विशेषज्ञ जांच की मांग


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पिछले महीने हुए विमान हादसे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केवल सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि इसमें साजिश की संभावना है। रोहित ने विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि, NCP के संस्थापक शरद पवार ने इस त्रासदी को सिर्फ दुर्घटना करार दिया और साजिश की आशंका को खारिज किया था। रोहित पवार ने विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और बताया कि उनके अतीत में शराब के सेवन के लिए तीन साल का निलंबन रहा है।

    विशेषज्ञ जांच की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि सीआईडी इस मामले की पूरी जांच करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की, जिनमें राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो और ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा शामिल हैं।

    VSR कंपनी पर शक

    रोहित ने दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी VSR पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि 2023 में इस कंपनी के एक विमान हादसे की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, बावजूद इसके यह कंपनी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग की जा रही है और डीजीसीए अधिकारियों पर इसका प्रभाव है। उन्होंने कंपनी, बुकिंग एजेंसी एरो और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर सवाल उठाए।

    महज एक्सीडेंट नहीं, साजिश की संभावना

    रोहित पवार ने कहा, हमें नहीं लगता कि यह केवल दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू है। उन्होंने विमान के अंतिम क्षणों और लैंडिंग के समय लिए गए निर्णयों पर सवाल उठाए। रोहित ने पूछा कि क्या ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया, पायलटों के आने में देरी क्यों हुई और रनवे 11 पर लैंडिंग क्यों की गई।

    रोहित पवार ने कहा कि पूरा महाराष्ट्र इस बात पर सवाल उठा रहा है कि क्या अजित पवार का विमान क्रैश एक्सीडेंट था या किसी साजिश का हिस्सा। उन्होंने बताया कि यह हादसा अभी भी एक बुरे सपने जैसा महसूस होता है और कई लोग अजित पवार के जीवित होने की आशा जता रहे हैं।

  • कर्नाटक के विजयपुरा में निजी जेट हादसा, खेत में गिरा विमान; दो लोग गंभीर रूप से घायल, तकनीकी खराबी की आशंका

    कर्नाटक के विजयपुरा में निजी जेट हादसा, खेत में गिरा विमान; दो लोग गंभीर रूप से घायल, तकनीकी खराबी की आशंका


    नई दिल्ली। विजयपुरा (कर्नाटक)। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार दोपहर एक निजी जेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेड बर्ड कंपनी का यह प्राइवेट जेट बालेश्वर तालुका के मैंगलोर गांव के पास एक खेत में गिरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है, जबकि शुरुआती जानकारी में तकनीकी खराबी और संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है।

    खेत में गिरा विमान, मची भगदड़

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय आसमान में तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही क्षणों में विमान तेजी से नीचे आता दिखाई दिया। देखते ही देखते वह मैंगलोर गांव के पास एक खेत में जा गिरा। टक्कर के साथ तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घबरा गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

    गांव के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बचने की उम्मीद बढ़ गई।

    दो लोग गंभीर रूप से घायल

    विमान में सवार दोनों लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

    चिकित्सकों के अनुसार, दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति स्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

    तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह?

    शुरुआती जांच में सामने आया है कि विमान कालबुर्गी के पास उड़ान के दौरान संतुलन खोने लगा था। पायलट ने विमान को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वह सफल नहीं हो पाया। नियंत्रण खोने के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और अंततः मैंगलोर गांव के पास खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विमान आबादी वाले इलाके में गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। खेत में गिरने के कारण किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

    मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच शुरू

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे के पास न जा सके। तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है, जो विमान के अवशेषों की जांच कर दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाएगी।

    प्रशासन ने बताया कि विमान किस रूट पर था और उसका अंतिम गंतव्य क्या था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही कंपनी से जुड़े अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

    बाल-बाल बची बड़ी त्रासदी

    जिस स्थान पर विमान गिरा, वहां आसपास खेती का काम चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विमान कुछ मीटर इधर-उधर गिरता, तो कई लोगों की जान जा सकती थी। खेत में गिरने के कारण बड़ी जनहानि टल गई।इस हादसे ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से किसी विमान दुर्घटना को देखा।

    सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद निजी विमानों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या किसी अन्य कारण से हुई।

    फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और हादसे की विस्तृत जांच पर है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय प्रशासन और विमानन से जुड़े विभाग अब हर पहलू की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • अमेरिका में कुदरत का कहर: बर्फीले तूफान में प्राइवेट जेट क्रैश, एयरपोर्ट पूरी तरह बंद, 19 करोड़ लोग प्रभावित

    अमेरिका में कुदरत का कहर: बर्फीले तूफान में प्राइवेट जेट क्रैश, एयरपोर्ट पूरी तरह बंद, 19 करोड़ लोग प्रभावित


    वॉशिंगटन। अमेरिका में बर्फीले तूफान ने तबाही मचा दी है और इसी बीच मेन राज्य के बैंगर एयरपोर्ट पर एक निजी जेट क्रैश होने की खबर ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। रविवार शाम टेकऑफ के दौरान ही बॉम्बार्डियर चैलेंजर 650 बिजनेस जेट क्रैश हो गया। इस विमान में 8 लोग सवार थे—3 क्रू मेंबर और 5 यात्री। हादसे के बाद एयरपोर्ट को तुरंत बंद कर दिया गया और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यात्रियों की स्थिति क्या है।

    हादसा कब और कैसे हुआ?
    CNN की रिपोर्ट के मुताबिक हादसा रविवार शाम 7.45 बजे के करीब हुआ। टेकऑफ से कुछ मिनट पहले कंट्रोल रूम और पायलट के बीच बातचीत में कम दृश्यता और बर्फ जमने की समस्या का जिक्र हुआ। रनवे से उड़ान की अनुमति मिलने के करीब दो मिनट बाद कंट्रोलर ने आदेश दिया“सभी विमानों की आवाजाही रोक दी जाए।”

    इसके बाद बताया गया कि विमान उल्टा पड़ा हुआ है। तुरंत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लागू कर दी गई और सिर्फ इमरजेंसी वाहनों को रनवे पर जाने की अनुमति दी गई।

    बर्फीले तूफान की चपेट में अमेरिका: 37 राज्य प्रभावित, 20 से ज्यादा में आपात स्थिति
    यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका का बड़ा हिस्सा भीषण बर्फीले तूफान की चपेट में है।

    भारी बर्फबारी और जमाव वाली बारिश से 37 राज्यों में करीब 19 करोड़ लोग प्रभावित हैं। 20 से ज्यादा राज्यों में आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी है।

    रॉकी पर्वत से लेकर न्यू इंग्लैंड तक बर्फ की चादर बिछ गई है। कई इलाकों में तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री तक महसूस किया गया। इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस भी बर्फ से ढक गया है।

    तूफान से उड़ानें और बिजली व्यवस्था चरमरा गई, हजारों उड़ानें रद्द
    तूफान के कारण घरों में बिजली गुल हो चुकी है।

    शनिवार तक लगभग 1.32 लाख घरों में बिजली बंद थी। टेक्सास और लुइज़ियाना सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं, जहां बर्फ और जमाव से बिजली की लाइनें टूट रही हैं और ढांचों को नुकसान पहुंच रहा है।

    यात्रा व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वीकेंड में पूरे अमेरिका में 14 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। अधिकारियों का कहना है कि यह रविवार विमानन इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक साबित हो सकता है। डलास-फोर्ट वर्थ, शार्लेट और नैशविले जैसे बड़े एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

    अमेरिका में यह बर्फीला तूफान केवल मौसम की आपदा नहीं, बल्कि लाइव यात्रा, बिजली और जनजीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी तबाही बनकर उभरा है। और इसी बीच प्राइवेट जेट क्रैश ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है।