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  • टेस्ट में सभी निकले नेगेटिव फिर भी हुई कार्रवाई: दो घंटे की समयसीमा चूके तो 8 क्रू पर गिरी गाज

    टेस्ट में सभी निकले नेगेटिव फिर भी हुई कार्रवाई: दो घंटे की समयसीमा चूके तो 8 क्रू पर गिरी गाज


    नई दिल्ली। एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक इंटरनेशनल फ्लाइट के क्रू मेंबर को पोस्ट फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में हुई महज 35 मिनट की देरी भारी पड़ गई। एयरलाइन ने दुबई से अमृतसर पहुंची फ्लाइट के चार पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर समेत कुल आठ कर्मचारियों को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। खास बात यह है कि सभी आठ क्रू मेंबर की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बावजूद तय समयसीमा का पालन नहीं होने के कारण एयरलाइन ने नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की।

    मामला 2 अगस्त 2026 का बताया जा रहा है। एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट AX-192 दुबई से उड़ान भरकर सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट पर अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची थी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बाद क्रू मेंबर के लिए पोस्ट फ्लाइट अल्कोहल टेस्ट की प्रक्रिया अनिवार्य होती है। नियम के मुताबिक भारत में विमान के लैंड करने के दो घंटे के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होती है। लेकिन इस फ्लाइट के आठ क्रू मेंबर तय समयसीमा में टेस्ट के लिए नहीं पहुंच सके। उन्होंने लैंडिंग के करीब दो घंटे 35 मिनट बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी की। यानी निर्धारित समय से 35 मिनट की देरी हुई।

    रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट के अमृतसर पहुंचने के बाद एक क्रू मेंबर की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद क्रू ने पोस्ट अराइवल से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं और अपने निर्धारित होटल चले गए। बाद में सभी सदस्य टेस्ट कराने के लिए एयरपोर्ट लौटे। जब तक वे एयरपोर्ट पहुंचे तब तक विमान के लैंड करने के दो घंटे 35 मिनट हो चुके थे। इसी वजह से अनिवार्य टेस्ट की निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हो सका।

    देरी के बाद एयरलाइन ने सभी आठ क्रू मेंबर का जरूरी टेस्ट कराया। जांच में सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसका मतलब था कि जांच में किसी भी सदस्य के शराब के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद नियमों के तहत निर्धारित समय के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करने को गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघन माना गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA को भी दी। इसके बाद सभी आठ क्रू मेंबर को ड्यूटी से हटा दिया गया और तीन महीने के निलंबन की कार्रवाई की गई।

    इस मामले ने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं के महत्व को फिर सामने ला दिया है। खासकर हाल के दिनों में फ्लाइट क्रू की साइकोएक्टिव पदार्थों से जुड़ी जांच को लेकर निगरानी बढ़ी है। एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आने वाली एक फ्लाइट में उड़ान के दौरान करीब 300 फीट की अचानक ऊंचाई कम होने की घटना के बाद क्रू टेस्टिंग को लेकर भी चर्चा तेज हुई थी। इसके बाद एअर इंडिया ने अपने पूरे ग्रुप के पायलटों के लिए साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग को अनिवार्य करने का ऐलान किया था। इसमें एअर इंडिया एक्सप्रेस भी शामिल है।

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि विमानन सुरक्षा व्यवस्था में केवल टेस्ट का नतीजा ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि तय प्रक्रिया और समयसीमा का पालन भी उतना ही जरूरी माना जाता है। दुबई-अमृतसर फ्लाइट के मामले में सभी आठ क्रू मेंबर टेस्ट में नेगेटिव पाए गए लेकिन निर्धारित दो घंटे की समयसीमा से 35 मिनट की देरी के कारण उन्हें तीन महीने का निलंबन झेलना पड़ा।

  • मेरठ के आसमान में 19-20 सितंबर को वायुसेना के नौ हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

    मेरठ के आसमान में 19-20 सितंबर को वायुसेना के नौ हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

    मेरठ। मेरठ के लिए 19 और 20 सितंबर 2026 ऐतिहासिक होने जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) पहली बार शहर में हवाई प्रदर्शन करेगी। नौ लाल-सफेद हॉक एमके-132 विमान एक साथ आसमान में उतरेंगे और सटीक फॉर्मेशन के साथ लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित ‘डीएनए’ फॉर्मेशन जैसे एरोबैटिक करतब दिखाएंगे। शहरवासियों को दो दिन आसमान में भारतीय वायुसेना की ताकत, अनुशासन और रोमांच का अनोखा नजारा देखने को मिलेगा।

    पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ेंगे विमान
    सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत विमानों के बीच सटीक तालमेल है। नौ हॉक एमके-132 विमान बेहद कम दूरी पर एक साथ उड़ान भरते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे। कई करतबों के दौरान विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रहती है। इतनी कम दूरी पर उड़ान के लिए पायलटों के बीच जबरदस्त समन्वय, अनुशासन और भरोसे की जरूरत होती है।

    इन हॉक विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में लाइसेंस के तहत किया है।

    तिरंगे के रंगों से रंगेगा आसमान

    मेरठ एयर शो का एक खास आकर्षण रंगीन धुएं से बनने वाली तिरंगे की छटा होगी। हॉक एमके-132 विमानों में भारतीय वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विकसित किए गए स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनके जरिए विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें छोड़ते हुए फॉर्मेशन बनाएंगे।

    1996 में हुआ था सूर्यकिरण का गठन

    सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन 1996 में हुआ था। टीम अब तक देशभर में 800 से ज्यादा हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई और दुबई के एयर शो में भी टीम भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी है।

    सूर्यकिरण को भारतीय वायुसेना का ‘एंबेसडर’ भी कहा जाता है। इसके प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ लोगों को रोमांचित करना नहीं, बल्कि युवाओं को वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

    ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभालेंगे कमान

    सूर्यकिरण टीम की कमान Su-30 MKI पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी संभाल रहे हैं। टीम के हर प्रदर्शन में उड़ान की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता को प्राथमिकता दी जाती है।

    अपने ही शहर के ऊपर उड़ेंगे मेरठ के पायलट

    मेरठ में होने वाला प्रदर्शन टीम के कुछ पायलटों के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास होगा। मेरठ के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह अपने ही शहर के आसमान में सूर्यकिरण फॉर्मेशन का हिस्सा बनकर उड़ान भरेंगे।

    टीम के सदस्य स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल भी इस प्रदर्शन में उनके साथ मौजूद रहेंगे। अपने शहर के ऊपर सूर्यकिरण के फॉर्मेशन में उड़ान भरना इन पायलटों के लिए गौरव का क्षण होगा।

    युवाओं को मिलेगा वायुसेना को करीब से समझने का मौका

    सूर्यकिरण का प्रदर्शन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं रहेगा। सशस्त्र बलों में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भारतीय वायुसेना की कार्यशैली, अनुशासन और पेशेवर मानकों को करीब से समझने का अवसर भी होगा।

    दो दिन याद रखेगा मेरठ

    19 और 20 सितंबर को नौ हॉक विमान एक साथ आसमान में सटीक फॉर्मेशन बनाएंगे और तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाएंगे। मेरठ में पहली बार होने वाला सूर्यकिरण का यह प्रदर्शन शहरवासियों के लिए यादगार अनुभव बनने की उम्मीद है।

    यह आयोजन मेरठ के लिए सिर्फ एक एयर शो नहीं होगा, बल्कि भारतीय वायुसेना के साहस और उत्कृष्टता के साथ शहर से जुड़े पायलटों की उपलब्धि का भी जश्न होगा।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: 7 साल की बच्ची के सामने यात्री से मारपीट, एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट पर गंभीर आरोप

    दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: 7 साल की बच्ची के सामने यात्री से मारपीट, एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट पर गंभीर आरोप


    नई दिल्ली।देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई हैजहां एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट पर यात्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर यात्री को शारीरिक चोटें आईं और यह सब उसकी 7 साल की बेटी के सामने हुआजिससे पूरा परिवार मानसिक सदमे में है।पीड़ित यात्री की पहचान अंकित दीवान के रूप में हुई हैजिन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। उनके मुताबिकयह घटना उस समय हुई जब वे अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। उनके साथ एक चार महीने का शिशु भी थाजो स्ट्रोलर में था।

    अंकित का आरोप है कि सुरक्षा जांच के दौरान एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें एक अलग लाइन से जाने के लिए कहाजो आमतौर पर स्टाफ के लिए आरक्षित रहती है। इसी दौरान कुछ कर्मचारी उनके आगे लाइन तोड़ते नजर आए। जब अंकित ने इसका विरोध कियातो वहां मौजूद एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट कैप्टन वीरेंद्र से उनकी बहस हो गई।पीड़ित यात्री के अनुसारपायलट ने उनसे बेहद अपमानजनक भाषा में बात की और कहा,क्या आप पढ़े-लिखे नहीं हैं? क्या साइन नहीं पढ़ सकते? बात बढ़ने पर कथित तौर पर पायलट ने उन पर हाथ उठा दिया। इस हमले में अंकित को चोटें आईं और खून तक निकल आयाजिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    अंकित ने बताया कि इस पूरी घटना का सबसे गहरा असर उनकी 7 साल की बेटी पर पड़ा हैजिसने अपने पिता को अपनी आंखों के सामने पिटते देखा। बच्ची अब भी डरी हुई है और परिवार इस घटना के बाद मानसिक तनाव से गुजर रहा है। अंकित का कहना है कि इस विवाद के चलते उनकी पूरी छुट्टियां बर्बाद हो गईं।सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया। यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन स्टाफ के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस ने तत्काल प्रतिक्रिया दी।

    एयरलाइन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि आरोपी पायलट को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।एयरलाइन के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि घटना के समय संबंधित कर्मचारी किसी अन्य एयरलाइन की फ्लाइट से यात्री के रूप में यात्रा कर रहा थालेकिन फिर भी उसका व्यवहार कंपनी की आचार संहिता के खिलाफ है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में यह दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षासम्मान और विश्वास कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि सभी कर्मचारियों से पेशेवर और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और एयरपोर्ट प्रशासन व एयरलाइन दोनों पर निगाहें टिकी हैं। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन स्टाफ की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा

    इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा


    नई दिल्ली। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों और DGCA की कार्रवाई के बाद अब एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि 3, 4 और 5 दिसंबर को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

    इंडिगो ने कहा कि दिसंबर के पहले हफ्ते में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रा योजनाएं बाधित हुईं। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने का भी फैसला किया है। ऐसे यात्रियों में वे लोग शामिल हैं जिनकी फ्लाइट बार-बार रीशेड्यूल हुई, जिनकी यात्रा कई बार बदली गई या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

    कंपनी के अनुसार, ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीनों तक वैध रहेगा और यात्री इसे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं। मुआवजा राशि DGCA की गाइडलाइन्स के आधार पर दी जाएगी, जिसमें फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई परेशानी को ध्यान में रखा जाएगा।

    इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें। मुआवजा और वाउचर क्लेम करने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी वहीं भेजी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान हो सके।