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  • काहिरा हवाई अड्डे पर जब उमड़ा था 'महानायक' के प्रशंसकों का जनसैलाब: खुद अमिताभ बच्चन ने 1991 के उस दौर को बताया था 'राष्ट्रीय संकट'

    काहिरा हवाई अड्डे पर जब उमड़ा था 'महानायक' के प्रशंसकों का जनसैलाब: खुद अमिताभ बच्चन ने 1991 के उस दौर को बताया था 'राष्ट्रीय संकट'

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनके प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में है। अस्सी के दशक में जब इंटरनेट और सोशल मीडिया का नामोनिशान नहीं था, तब भी सात समंदर पार मिडिल ईस्ट के देशों में उनकी दीवानगी चरम पर थी। विशेष रूप से मिस्र यानी इजिप्ट में अमिताभ बच्चन को लेकर ऐसा असाधारण क्रेज देखा गया कि वहां की तात्कालिक सरकार के लिए यह चिंता का विषय बन गया था और अंततः उन्हें एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाना पड़ा था।

    साल 1980 के दौर में मिस्र के सिनेमाघरों में जब भी अमिताभ बच्चन की कोई फिल्म लगती थी, तो टिकट खिड़कियों पर मील लंबी लाइनें लग जाती थीं। इस अभूतपूर्व दीवानगी का सीधा नुकसान मिस्र के स्थानीय फिल्म उद्योग को उठाना पड़ रहा था क्योंकि वहां के क्षेत्रीय सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी कमी हो गई थी और सन्नाटा पसरने लगा था। अपनी घरेलू फिल्म इंडस्ट्री को मंदी से उबारने और उसे संरक्षण देने के उद्देश्य से मिस्र की सरकार ने एक कड़ा आर्थिक और सांस्कृतिक फैसला लेते हुए अमिताभ बच्चन की फिल्मों के प्रदर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था।

    इस सरकारी प्रतिबंध के बावजूद वहां के आम नागरिकों के दिलों से अमिताभ बच्चन का जादू कम नहीं किया जा सका। मिस्र के लोग उनकी फिल्में देखने के लिए नए-नए रास्ते निकालने लगे और वहां के छोटे-छोटे निजी थिएटरों व बंद कमरों में चोरी-छिपे इन फिल्मों का प्रदर्शन किया जाने लगा। उस दौर में जिन लोगों के पास फिल्में देखने के साधन या टेप रिकॉर्डर उपलब्ध नहीं थे, वे हर गुरुवार को स्थानीय कैफे में बड़ी संख्या में एकत्र होते थे और केवल अमिताभ बच्चन की फिल्मों के ऑडियो गाने सुनकर ही अपनी दीवानगी पूरी किया करते थे। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि मिस्र की एक स्थानीय फिल्म में अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म ‘गिरफ्तार’ के एक मुख्य दृश्य को हूबहू कॉपी किया गया था।

    मिस्र में अमिताभ बच्चन के इस दबदबे का सबसे बड़ा नजारा साल 1991 में देखने को मिला जब वे काहिरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए अफ्रीकी महाद्वीप पहुंचे थे। काहिरा हवाई अड्डे पर उनके स्वागत और एक झलक पाने के लिए इतनी विशाल और बेकाबू भीड़ उमड़ पड़ी कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। हवाई अड्डे से लेकर शहर की सड़कों तक हालात इस कदर बेकाबू हो गए थे कि खुद अमिताभ बच्चन ने बाद में अपने एक साक्षात्कार में उस माहौल को एक ‘राष्ट्रीय संकट’ जैसी स्थिति के रूप में याद किया था।

    जिस देश की सरकार ने कभी अपनी स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री के अस्तित्व को बचाने के लिए अमिताभ बच्चन की फिल्मों को प्रतिबंधित कर दिया था, उसी देश को आखिरकार वैश्विक कला और उनके अभिनय के सामने नतमस्तक होना पड़ा। इस ऐतिहासिक दीवानगी और सांस्कृतिक प्रभाव को स्वीकार करते हुए मिस्र सरकार ने साल 2001 में अमिताभ बच्चन को आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया। वहां उन्हें सिनेमा जगत के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘एक्टर ऑफ द सेंचुरी’ के खिताब से नवाजा गया, जो यह साबित करता है कि कला को किसी भी देश की भौगोलिक और प्रशासनिक सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता।

  • मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड

    मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी एसएटीटीई 2026 में प्रतिष्ठित “बेस्ट स्टेट टूरिज्म” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान प्राप्त कर राज्य ने भारत के प्रमुख और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है।

    नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया।

    पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है।

    प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (Haq) को एक बार फिर जबरदस्त सराहना मिल रही है। साल 2025 में थिएटर्स में रिलीज होने के बाद जहां फिल्म को क्रिटिक्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, वहीं अब Netflix पर प्रीमियर के बाद इसे दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से नई तारीफें मिल रही हैं। ताजा नाम इस लिस्ट में जुड़ा है मशहूर फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान का, जिन्होंने यामी की परफॉर्मेंस को “आउटस्टैंडिंग” बताते हुए कहा है कि वह हर बड़े अवॉर्ड के लिए तैयार रहें।

    फराह खान ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘हक’ का पोस्टर शेयर किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा,
    “Yami Gautam, get ready to receive every award! Outstanding performance.
    यानी, “यामी गौतम, हर अवॉर्ड लेने के लिए तैयार हो जाइए, शानदार प्रदर्शन।”
    इतना ही नहीं, फराह ने फिल्म के दूसरे लीड एक्टर इमरान हाशमी की भी जमकर तारीफ की और लिखा,
    “You are the best till date.”

    फराह खान से पहले भी कई नामी सितारे यामी गौतम की तारीफ कर चुके हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने Netflix पर फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था,
    “Just watched Haq on Netflix. Yami Gautam, what a beautiful performance.”
    वहीं, अभिनेता संजय कपूर ने भी इसे “एक बेहतरीन फिल्म” बताते हुए इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की थी।

    फिल्म ‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसका निर्देशन सुपर्ण वर्मा ने किया है। इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि शीबा चड्ढा एक अहम किरदार में नजर आती हैं। फिल्म का निर्माण विनीत जैन, विशाल गुरनानी, जूही पारेख मेहता और हरमन बावेजा ने मिलकर किया है। यह फिल्म जंगली पिक्चर्स, इंसोमनिया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

    ‘हक’ की कहानी भारत के एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट फैसले Mohd. Ahmed Khan v. Shah Bano Begum से प्रेरित है। यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़ा एक अहम मोड़ माना जाता है। फिल्म में यामी गौतम ने बानो नाम की महिला का किरदार निभाया है, जो उस समय न्याय के लिए लड़ती है, जब उसका पति अपनी ही चचेरी बहन से दूसरी शादी कर लेता है।

    कहानी बानो के संघर्ष के जरिए निजी आस्था, सामाजिक परंपराओं और संवैधानिक कानून के टकराव को दिखाती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या एक महिला का हक उसकी धार्मिक और सामाजिक सीमाओं से बड़ा हो सकता है। यामी गौतम की परफॉर्मेंस को खासतौर पर इसलिए सराहा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बानो के दर्द, मजबूती और आत्मसम्मान को बेहद संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा है।

    हालांकि, सकारात्मक समीक्षाओं के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई। ‘हक’ ने दुनियाभर में करीब ₹29 करोड़ का ही कलेक्शन किया। लेकिन अब, 2 जनवरी को Netflix पर रिलीज होने के बाद, ऐसा लग रहा है कि फिल्म को उसका असली दर्शक वर्ग मिल गया है। सोशल मीडिया पर लगातार फिल्म और यामी की एक्टिंग को लेकर तारीफों की बाढ़ आई हुई है।

    OTT रिलीज के बाद मिल रहे प्यार से यामी गौतम भी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
    “HAQ को इतना प्यार और सराहना मिलना मेरे लिए बेहद खास है। एक कलाकार और एक महिला के तौर पर यह प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुत संतोषजनक है। जय हिंद।”

    ‘हक’ ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाती हैं। फराह खान जैसी बड़ी फिल्ममेकर की तारीफ ने यामी गौतम की परफॉर्मेंस को और मजबूत पहचान दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले अवॉर्ड सीजन में ‘हक’ और यामी गौतम कितना कमाल दिखा पाते हैं।

  • ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित करेगा इस्राइल …. नेतन्याहू बोले- इनके लिए हम तोड़ रहे परंपरा

    ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित करेगा इस्राइल …. नेतन्याहू बोले- इनके लिए हम तोड़ रहे परंपरा


    वॉशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक सम्मान (Israel’s highest civilian honor) इस्राइल शांति पुरस्कार (Israel Peace Prize) से सम्मानित किया जाएगा। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने सोमवार को फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये एलान किया। नेतन्याहू ने एलान करते हुए कहा कि इस्राइली सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। 80 साल में यह पुरस्कार किसी भी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है और पहली बार है कि शांति श्रेणी में यह पुरस्कार दिया जाएगा।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस एलान पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान उनके लिए अनापेक्षित था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने लोगों को चौंकाने के लिए कई परंपराएं तोड़ी हैं, इसलिए हमने भी तय किया है कि हम भी एक परंपरा तोड़ेंगे और नई बनाएंगे। वो ये है कि इस्राइल सम्मान, जो 80 साल से किसी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है, उससे राष्ट्रपति ट्रंप को सम्मानित किया जाएगा। भोजन के दौरान हमारे शिक्षा मंत्री ने इसका एलान किया था और यह पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप के इस्राइली और यहूदी लोगों की भलाई में दिए गए योगदान के लिए दिया जाएगा।’

    इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने इस्राइली लोगों के लिए जो किया, हमारी आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में जो मदद की, उसके लिए हम लोग आपके शुक्रगुजार हैं।’


    इस्राइस के स्वतंत्रता दिवस समारोह में किया जाएगा सम्मानित

    इस्राइल पुरस्कार, इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो पारंपरिक रूप से विज्ञान, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने के लिए इस्राइली नागरिकों को दिया जाता है। शांति श्रेणी में यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया था। जुलाई 2025 में, इस्राइल ने पुरस्कार नियमों में संशोधन किया ताकि यह सम्मान किसी विदेशी नागरिक को भी दिया जा सके, जिससे ट्रंप के चयन का रास्ता साफ हो गया। ट्रंप पुरस्कार लेने के लिए इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिया कि वह समारोह में शामिल होने पर विचार करेंगे।