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  • मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित

    मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट’ में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

    इसके साथ ही पचमढ़ी यह अंतरराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ‘ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल’ से मान्यता प्राप्त संस्था है।

    मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक ‘सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

    मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक ‘रेप्लिकेबल मॉडल’ (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक

    ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है।

    कठोर परीक्षण में मिली सफलता

    पचमढ़ी का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया।

    पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम

    मप्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।

  • मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित

    मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित


    भोपाल। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ मुख्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) श्री अविनाश शर्मा को वर्ष 
    2025 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया है। श्री शर्मा को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह पदक दिया गया है।

    उल्‍लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय, अनुकरणीय एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।

    श्री अविनाश शर्मा ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय है।

  • नोबेल तो नहीं… मगर ट्रंप को मिला शांति पुरस्कार, इतने खुश हुए…खुद ही उठाकर पहन लिया

    नोबेल तो नहीं… मगर ट्रंप को मिला शांति पुरस्कार, इतने खुश हुए…खुद ही उठाकर पहन लिया


    वाशिंगटन।
    नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) की मांग कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को नोबेल तो नहीं लेकिन फीफा शांति पुरस्कार (FIFA Peace Prize) जरूर मिल गया है। फुटबॉल की वैश्विक संस्था (FIFA) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने नए फीफा शांति पुरस्कार (FIFA Peace Prize) से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार खेल से इतर वैश्विक शांति को ध्यान में रखकर बनाया गया है और ट्रंप इसके पहले विजेता हैं।


    फीफा ने क्यों दिया यह पुरस्कार

    डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रेम किसी से छिपा नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि फीफा द्वारा इस साल से शुरू किया जा रहा है शांति पुरस्कार ट्रंप को ही मिलेगा। वैसे बी फीफा के वर्तमान अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को ट्रंप का करीबी माना जाता है। वह कई बार खुले तौर पर इस बात को कह चुके हैं कि गाजा संघर्ष में युद्धविराम करवाने के लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना ही चाहिए।

    फीफा के अगले विश्वकप के लिए आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में जियानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए ट्रंप को यह पुरस्कार देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “यह आपके लिए एक सुंदर मेडल है, जिसे आप जहां चाहें, वहां पहन सकते हैं।” इसके बाद ट्रंप ने तुरंत ही इसे अपने गले में डाल लिया। इसके साथ ही ट्रंप को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया, जिसमें ट्रंप को ‘दुनिया में शांति और एकता बढ़ाने में योगदान’ देने वाला बताया गया।

    इसके अलावा जियानी ने ट्रंप को एक सोने की ट्राफी भी भेंट की। इस पर आगे ट्रंप का नाम लिखा हुआ था। उन्होंने कहा, “आप इस शांति पुरस्कार के योग्य हैं, अपनी कोशिशों और उपलब्धियों के लिए।

    फीफा शांति पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा, “यह मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है।” इसके बाद उन्होंने अपने परिवार, खासतौर पर अपनी पत्नी मेलानिया का धन्यवाद दिया और मेजबान देशों कनाडा और मेक्सिको के नेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह तीनों देशों के लिए बेहतर रहेगा।