Tag: Axar Patel

  • हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल

    हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल


    कोलकाता । कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 40 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपने अभियान का अंत एक सकारात्मक नोट पर किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 203 रन बनाए। टीम की ओर से KL Rahul ने 30 गेंदों में 60 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कप्तान Axar Patel ने 25 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
     कप्तान अक्षर पटेल का बड़ा बयान: “टीम ने हार नहीं मानी”
    मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भले ही परिणाम पक्ष में नहीं रहे, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी हार मानने का रवैया नहीं अपनाया। अक्षर ने कहा, “हम जानते थे कि चीजें सही नहीं चल रही थीं, लेकिन किसी ने हार मानने के बारे में नहीं सोचा। टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी।”

    गलतियों से सीख और आगे बढ़ने की सोच
    दिल्ली कप्तान ने माना कि सीजन में कुछ अहम मौकों पर टीम से गलतियां हुईं, जिनका असर परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों को स्वीकार कर आगे सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ मैचों में छोटे-छोटे पल उनके पक्ष में जाते, तो कहानी कुछ और होती।

    कप्तानी का अनुभव और मानसिक मजबूती
    अक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि शांत दिमाग से लिए गए फैसले ही टीम को सही दिशा में ले जाते हैं। उनके मुताबिक, दबाव में आकर फैसले लेना टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संयम बेहद जरूरी है।

    केकेआर की पारी लड़खड़ाई
    204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 163 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट निकालते रहे।

    हालांकि दिल्ली कैपिटल्स का पूरा सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिरी मैच की जीत ने टीम को सकारात्मक अंत दिया। अक्षर पटेल का संदेश साफ था—हार के बावजूद लड़ाई जारी रखना ही असली पहचान है।

  • आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच

    आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से मात दी। धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का लक्ष्य 19 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज साबित हुआ।
    मैच की शुरुआत दिल्ली के लिए बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल मात्र 5 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि केएल राहुल सिर्फ 9 रन ही बना सके। मिडिल ऑर्डर भी लड़खड़ा गया और साहिल प्रकाश 13 रन तथा ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 74 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद दिल्ली संकट में नजर आ रही थी।
    लेकिन इसके बाद कप्तान Axar Patel और डेविड मिलर ने पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 34 गेंदों में 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। अक्षर पटेल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वहीं David Miller ने भी 28 गेंदों में 51 रन बनाकर टीम को मजबूती दी।
    अंतिम ओवरों में आशुतोष शर्मा ने 10 गेंदों में 24 रन की तेज पारी खेली। वहीं माधव तिवारी और आकिब नबी ने नाबाद रहते हुए तेजी से रन बटोरे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिरी क्षणों में लगाए गए बड़े शॉट्स ने मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया और दिल्ली कैपिटल्स ने जीत दर्ज कर ली।
    इससे पहले पंजाब किंग्स की ओर से बेहतरीन बल्लेबाजी देखने को मिली। कप्तान Shreyas Iyer ने 36 गेंदों में 59 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं प्रियांश आर्या ने 33 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। कूपर कोनोली ने 38 रनों का योगदान दिया, जबकि सूर्यांश शेडगे ने अंतिम ओवरों में तेजी से 21 रन जोड़े।
    दिल्ली की गेंदबाजी में Mitchell Starc और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट हासिल किए। हालांकि पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया।
    यह मुकाबला आईपीएल के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है, जहां दबाव के बीच दिल्ली कैपिटल्स ने बेहतरीन टीमवर्क दिखाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • अक्षर पटेल की लगातार खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स की टीम संतुलन पर संकट

    अक्षर पटेल की लगातार खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स की टीम संतुलन पर संकट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 31वां मुकाबला मंगलवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल की मौजूदा फॉर्म बन गई है, जो टीम के प्रदर्शन और संतुलन दोनों पर असर डाल रही है। कप्तान के तौर पर अक्षर पटेल ने अब तक जिम्मेदारी संभालने की कोशिश जरूर की है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में उनका योगदान इस सीजन में काफी सीमित रहा है।

    अक्षर पटेल को टी20 फॉर्मेट का भरोसेमंद ऑलराउंडर माना जाता है और पिछले सीजनों में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई थी। इसी कारण उन्हें टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि इस सीजन में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। बल्लेबाजी में लगातार असफलता और गेंदबाजी में अपेक्षित प्रभाव न डाल पाने के कारण टीम को वह मजबूती नहीं मिल पा रही है जिसकी उनसे अपेक्षा की जाती है।

    इस सीजन में अक्षर पटेल ने अब तक पांच मैचों में चार बार बल्लेबाजी की है और केवल 29 रन बना सके हैं। उनका औसत बेहद कम रहा है, जिससे मध्यक्रम की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 26 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन बाकी मैचों में उनका योगदान लगभग न के बराबर रहा है। एक ऐसे खिलाड़ी से जो टीम को संकट से निकालने की क्षमता रखता है, इस तरह का प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के लिए चिंता का कारण बन गया है।

    गेंदबाजी में भी अक्षर पटेल का प्रदर्शन औसत रहा है। उन्होंने अब तक पांच विकेट लिए हैं, लेकिन मैच के महत्वपूर्ण मौकों पर वह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए हैं। उनकी भूमिका अक्सर बीच के ओवरों में रन रोकने और दबाव बनाने की होती है, लेकिन इस सीजन में वह लगातार उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं।

    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि टीम का संतुलन ऑलराउंडर्स पर काफी हद तक निर्भर करता है। जब कप्तान ही अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हो तो इसका असर पूरी टीम की रणनीति और आत्मविश्वास पर दिखाई देता है।

    अब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला अक्षर पटेल के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है। इस मैच में उनके पास न केवल अपनी खराब फॉर्म से बाहर निकलने का मौका है, बल्कि टीम को जीत दिलाकर अंक तालिका में मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी होगी। दिल्ली कैपिटल्स उम्मीद करेगी कि उनका कप्तान इस अहम मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन कर टीम को सही दिशा दे सके।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।

  • भारत की धरती पर राशिद खान का 50 धमाका, टी-20I में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

    भारत की धरती पर राशिद खान का 50 धमाका, टी-20I में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने भारतीय सरजमीं पर एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जो अब तक दुनिया का कोई भी गेंदबाज नहीं कर सका था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में दो विकेट झटकते ही राशिद खान भारत में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए। जैसे ही उन्होंने मैच में अपना दूसरा शिकार किया, यह खास उपलब्धि उनके नाम दर्ज हो गई और वे इस फॉर्मेट में भारतीय धरती पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनकर उभरे।

    राशिद खान ने भारत में अब तक 24 टी-20I पारियां खेली हैं और इन मुकाबलों में उन्होंने 50 विकेट हासिल किए हैं। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता और प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। उनकी इकोनॉमी रेट और औसत दोनों ही बेहद प्रभावशाली रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि वे सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं, बल्कि रन रोकने में भी माहिर हैं। भारतीय पिचों पर उनकी तेज रफ्तार लेग स्पिन और सटीक गुगली बल्लेबाजों के लिए लगातार पहेली बनी हुई है।

    इस सूची में दूसरे स्थान पर भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल हैं, जिन्होंने 38 पारियों में 49 विकेट हासिल किए हैं। अक्षर पटेल 48 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 37 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। अर्शदीप सिंह 27 पारियों में 43 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं, जबकि हार्दिक पांड्या ने 53 पारियों में 38 विकेट झटके हैं।

    जसप्रीत बुमराह के नाम 35 पारियों में 36 विकेट दर्ज हैं और भुवनेश्वर कुमार ने 33 पारियों में 34 विकेट लिए हैं। वरुण चक्रवर्ती ने मात्र 16 पारियों में 33 विकेट लेकर अपनी प्रभावशीलता दिखाई है। कुलदीप यादव ने 19 पारियों में 27 विकेट और रवि बिश्नोई ने 20 पारियों में 26 विकेट हासिल किए हैं।

    इन सभी भारतीय गेंदबाजों के बीच राशिद खान का शीर्ष पर पहुंचना उनके असाधारण कौशल और भारतीय परिस्थितियों की गहरी समझ को दर्शाता है। आंकड़े साफ बताते हैं कि भारतीय सरजमीं उन्हें खास तौर पर रास आती है। स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी और भी खतरनाक हो जाती है। वे बल्लेबाजों को न तो खुलकर खेलने का मौका देते हैं और न ही आसानी से रन बनाने देते हैं।

    राशिद खान लंबे समय से आईपीएल में खेलते आ रहे हैं, जिससे उन्हें भारतीय पिचों और हालात की गहरी समझ है। यही अनुभव अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी उनके काम आता है। यही कारण है कि वे भारतीय गेंदबाजों को पीछे छोड़ते हुए इस खास सूची में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं।

    भारत की धरती पर 50 टी-20I विकेट का आंकड़ा छूना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन राशिद ने इसे महज 24 पारियों में हासिल कर इस रिकॉर्ड को और भी खास बना दिया है। मौजूदा फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए कहा जा सकता है कि वे आने वाले समय में इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाएंगे।

  • BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

    BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?

    इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।

    क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।

    सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?

    वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।