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  • एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें

    एजबेस्टन में गिल और अक्षर का शानदार प्रदर्शन, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, भारत की जीत की ये हैं 5 बड़ी वजहें


    बर्मिंघम। भारतीय टीम ने एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर न सिर्फ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी और अक्षर पटेल के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को यादगार जीत दिलाई।

    259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 75 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि, क्रैम्प और हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।

    इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रनों की साझेदारी कर भारत की जीत पक्की कर दी। अक्षर ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि सुंदर ने नाबाद 52 रनों का योगदान दिया।

    गेंदबाजों ने पलटी इंग्लैंड की पारी
    इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआत में मेजबान टीम मजबूत स्थिति में थी और एक समय उसका स्कोर 61 रन पर बिना विकेट के था।

    लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 107 रन तक पहुंचते-पहुंचते छह विकेट गंवाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि जो रूट (76*) और लियाम डॉसन (68) ने सातवें विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को 258 रन तक पहुंचाया।

    भारत की ओर से अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को नियंत्रित रखा।

    भारत की जीत के 5 बड़े कारण

    1. 11 साल बाद एजबेस्टन में इंग्लैंड को मिली हार
    एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड का वनडे रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा था। 2015 के बाद उसने इस मैदान पर लगातार आठ वनडे मुकाबले जीते थे। भारत ने 2014 के बाद पहली बार इसी मैदान पर इंग्लैंड को हराकर उसका विजयी सिलसिला तोड़ दिया।

    2. इंग्लैंड के खिलाफ लगातार छठी वनडे जीत
    भारत की यह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में लगातार छठी जीत है। यह किसी भी दौर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सबसे लंबी जीत की श्रृंखला बन गई है।

    3. गिल का एजबेस्टन में लगातार शानदार प्रदर्शन
    शुभमन गिल का एजबेस्टन से खास रिश्ता बनता जा रहा है। पिछले साल इसी मैदान पर टेस्ट मैच में 269 और 161 रन की यादगार पारियां खेलने वाले गिल ने अब वनडे में भी कप्तानी पारी खेलकर अपनी छाप छोड़ी।

    4. अक्षर पटेल का ऑलराउंड जवाब
    टी20 सीरीज में आलोचनाओं का सामना करने वाले अक्षर पटेल ने वनडे में शानदार वापसी की। उन्होंने पहले गेंद से चार विकेट लिए और फिर नाबाद 57 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    5. यूके दौरे पर भारत की पहली जीत
    इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारत को मौजूदा यूनाइटेड किंगडम दौरे पर पहली जीत मिली। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है।

    एजबेस्टन की इस जीत में कप्तान गिल का नेतृत्व, गेंदबाजों की वापसी और अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बातें रहीं।

  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर

    अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अक्षर पटेल का प्रदर्शन गेंद से इस मुकाबले में शानदार रहा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अक्षर ने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है।

    अक्षर टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से 100 विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन गए हैं। उन्होंने यह मुकाम इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ हासिल किया। अक्षर भारत की तरफ से खेले 98 मुकाबलों में 100 विकेट निकाल चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी 7.37 का रहा है। अक्षर के बाद इस लिस्ट में युजवेंद्र चहल दूसरे नंबर पर काबिज हैं। चहल 80 मैचों में 96 विकेट हासिल कर चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव 54 मुकाबलों में 95 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और वह सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में अक्षर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ 2 रन बनाकर रनआउट हुए।

    इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रनों की अहम पारी खेली। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने अंत के ओवरों में 11 गेंदों में एक चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 24 रन बनाए।

    हालांकि, इंग्लैंड ने 191 रनों के लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इंग्लिश टीम की तरफ से जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में बेथेल ने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि टॉम बैंटन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अक्षर पटेल का ऐतिहासिक धमाका, 100 विकेट का आंकड़ा छूने वाले भारत के पहले स्पिनर बनकर रचा नया कीर्तिमान

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अक्षर पटेल का ऐतिहासिक धमाका, 100 विकेट का आंकड़ा छूने वाले भारत के पहले स्पिनर बनकर रचा नया कीर्तिमान

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर अपनी फिरकी का लोहा मनवाते हुए एक बेहद ऐतिहासिक और दुर्लभ उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अक्षर पटेल ने यह विशेष मुकाम हासिल किया। उन्होंने इस मुकाबले में कसी हुई गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान हैरी ब्रूक का महत्वपूर्ण विकेट चटकाया। इस विकेट को हासिल करने के साथ ही अक्षर पटेल के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे हो गए हैं, जिसने उन्हें एक बेहद खास और विशिष्ट क्लब में शामिल कर दिया है।

    अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रहे 32 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल अब भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 विकेट का जादुई आंकड़ा छूने वाले चौथे गेंदबाज बन गए हैं। इस रिकॉर्ड की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वह यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के इतिहास के पहले स्पिन गेंदबाज हैं। उनसे पहले भारत के लिए यह उपलब्धि केवल तीन तेज गेंदबाजों ने ही हासिल की थी, जिसमें अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या का नाम शामिल है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक कई महान स्पिनरों ने टी20 प्रारूप में देश का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन कोई भी इस प्रतिष्ठित आंकड़े तक नहीं पहुंच सका था, जिससे अक्षर की यह सफलता और अधिक मायने रखती है।

    अक्षर पटेल ने इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को छूने के लिए कुल 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। मैनचेस्टर टी20 मैच के पांचवें ओवर में जब उन्होंने हैरी ब्रूक को अपना शिकार बनाया, तो उन्होंने न केवल मैच में भारत की स्थिति मजबूत की बल्कि अपना नाम भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज करा दिया। भारत के लिए इस प्रारूप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अर्शदीप सिंह 134 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह 121 विकेट और हार्दिक पंड्या 114 विकेट के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं। स्पिन गेंदबाजों की बात करें, तो अक्षर के बाद युजवेंद्र चहल इस सूची में सबसे करीब हैं, जिनके नाम 80 मैचों में 96 विकेट दर्ज हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में अक्षर पटेल ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी और बहुमुखी प्रतिभा के दम पर खुद को सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद और उपयोगी खिलाड़ियों में स्थापित किया है। मैच की शुरुआत में नई गेंद से गेंदबाजी करनी हो या फिर बीच के ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाना हो, भारतीय कप्तान हर मुश्किल परिस्थिति में अक्सर अक्षर पटेल की ओर ही देखते हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ, विकेट के चारों ओर गेंद को टर्न कराने की कला और अत्यधिक दबाव वाले क्षणों में शांत रहकर विकेट निकालने की असाधारण क्षमता उन्हें समकालीन क्रिकेट में अन्य स्पिनरों से काफी अलग बनाती है।

    केवल गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि अक्षर पटेल ने निचले क्रम में आकर कई महत्वपूर्ण अवसरों पर बल्ले से भी टीम इंडिया के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है और मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। यही कारण है कि आज वह क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारतीय राष्ट्रीय टीम का एक अनिवार्य और अटूट हिस्सा बन चुके हैं। 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेटों का आंकड़ा पार करना किसी भी आधुनिक गेंदबाज के करियर की एक महान व्यक्तिगत बानगी माना जाता है। खेल के प्रति उनके समर्पण और निरंतरता को देखते हुए क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यदि उनका यह शानदार प्रदर्शन आगामी मैचों में भी इसी तरह जारी रहा, तो वह जल्द ही भारत के लिए इस प्रारूप में सबसे सफल गेंदबाज बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेंगे।

  • हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल

    हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल


    कोलकाता । कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 40 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपने अभियान का अंत एक सकारात्मक नोट पर किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 203 रन बनाए। टीम की ओर से KL Rahul ने 30 गेंदों में 60 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कप्तान Axar Patel ने 25 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
     कप्तान अक्षर पटेल का बड़ा बयान: “टीम ने हार नहीं मानी”
    मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भले ही परिणाम पक्ष में नहीं रहे, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी हार मानने का रवैया नहीं अपनाया। अक्षर ने कहा, “हम जानते थे कि चीजें सही नहीं चल रही थीं, लेकिन किसी ने हार मानने के बारे में नहीं सोचा। टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी।”

    गलतियों से सीख और आगे बढ़ने की सोच
    दिल्ली कप्तान ने माना कि सीजन में कुछ अहम मौकों पर टीम से गलतियां हुईं, जिनका असर परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों को स्वीकार कर आगे सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ मैचों में छोटे-छोटे पल उनके पक्ष में जाते, तो कहानी कुछ और होती।

    कप्तानी का अनुभव और मानसिक मजबूती
    अक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि शांत दिमाग से लिए गए फैसले ही टीम को सही दिशा में ले जाते हैं। उनके मुताबिक, दबाव में आकर फैसले लेना टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संयम बेहद जरूरी है।

    केकेआर की पारी लड़खड़ाई
    204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 163 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट निकालते रहे।

    हालांकि दिल्ली कैपिटल्स का पूरा सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिरी मैच की जीत ने टीम को सकारात्मक अंत दिया। अक्षर पटेल का संदेश साफ था—हार के बावजूद लड़ाई जारी रखना ही असली पहचान है।

  • आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच

    आईपीएल में बड़ा कारनामा: अक्षर पटेल और डेविड मिलर की पारी से DC ने पलटा मैच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से मात दी। धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का लक्ष्य 19 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज साबित हुआ।
    मैच की शुरुआत दिल्ली के लिए बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल मात्र 5 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि केएल राहुल सिर्फ 9 रन ही बना सके। मिडिल ऑर्डर भी लड़खड़ा गया और साहिल प्रकाश 13 रन तथा ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 74 रन पर 4 विकेट गिरने के बाद दिल्ली संकट में नजर आ रही थी।
    लेकिन इसके बाद कप्तान Axar Patel और डेविड मिलर ने पारी को संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 34 गेंदों में 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। अक्षर पटेल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वहीं David Miller ने भी 28 गेंदों में 51 रन बनाकर टीम को मजबूती दी।
    अंतिम ओवरों में आशुतोष शर्मा ने 10 गेंदों में 24 रन की तेज पारी खेली। वहीं माधव तिवारी और आकिब नबी ने नाबाद रहते हुए तेजी से रन बटोरे और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिरी क्षणों में लगाए गए बड़े शॉट्स ने मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया और दिल्ली कैपिटल्स ने जीत दर्ज कर ली।
    इससे पहले पंजाब किंग्स की ओर से बेहतरीन बल्लेबाजी देखने को मिली। कप्तान Shreyas Iyer ने 36 गेंदों में 59 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं प्रियांश आर्या ने 33 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। कूपर कोनोली ने 38 रनों का योगदान दिया, जबकि सूर्यांश शेडगे ने अंतिम ओवरों में तेजी से 21 रन जोड़े।
    दिल्ली की गेंदबाजी में Mitchell Starc और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट हासिल किए। हालांकि पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया।
    यह मुकाबला आईपीएल के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है, जहां दबाव के बीच दिल्ली कैपिटल्स ने बेहतरीन टीमवर्क दिखाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • अक्षर पटेल की लगातार खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स की टीम संतुलन पर संकट

    अक्षर पटेल की लगातार खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स की टीम संतुलन पर संकट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 31वां मुकाबला मंगलवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल की मौजूदा फॉर्म बन गई है, जो टीम के प्रदर्शन और संतुलन दोनों पर असर डाल रही है। कप्तान के तौर पर अक्षर पटेल ने अब तक जिम्मेदारी संभालने की कोशिश जरूर की है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में उनका योगदान इस सीजन में काफी सीमित रहा है।

    अक्षर पटेल को टी20 फॉर्मेट का भरोसेमंद ऑलराउंडर माना जाता है और पिछले सीजनों में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई थी। इसी कारण उन्हें टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि इस सीजन में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। बल्लेबाजी में लगातार असफलता और गेंदबाजी में अपेक्षित प्रभाव न डाल पाने के कारण टीम को वह मजबूती नहीं मिल पा रही है जिसकी उनसे अपेक्षा की जाती है।

    इस सीजन में अक्षर पटेल ने अब तक पांच मैचों में चार बार बल्लेबाजी की है और केवल 29 रन बना सके हैं। उनका औसत बेहद कम रहा है, जिससे मध्यक्रम की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 26 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन बाकी मैचों में उनका योगदान लगभग न के बराबर रहा है। एक ऐसे खिलाड़ी से जो टीम को संकट से निकालने की क्षमता रखता है, इस तरह का प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के लिए चिंता का कारण बन गया है।

    गेंदबाजी में भी अक्षर पटेल का प्रदर्शन औसत रहा है। उन्होंने अब तक पांच विकेट लिए हैं, लेकिन मैच के महत्वपूर्ण मौकों पर वह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए हैं। उनकी भूमिका अक्सर बीच के ओवरों में रन रोकने और दबाव बनाने की होती है, लेकिन इस सीजन में वह लगातार उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं।

    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि टीम का संतुलन ऑलराउंडर्स पर काफी हद तक निर्भर करता है। जब कप्तान ही अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हो तो इसका असर पूरी टीम की रणनीति और आत्मविश्वास पर दिखाई देता है।

    अब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला अक्षर पटेल के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है। इस मैच में उनके पास न केवल अपनी खराब फॉर्म से बाहर निकलने का मौका है, बल्कि टीम को जीत दिलाकर अंक तालिका में मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी होगी। दिल्ली कैपिटल्स उम्मीद करेगी कि उनका कप्तान इस अहम मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन कर टीम को सही दिशा दे सके।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।

  • भारत की धरती पर राशिद खान का 50 धमाका, टी-20I में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

    भारत की धरती पर राशिद खान का 50 धमाका, टी-20I में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने भारतीय सरजमीं पर एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जो अब तक दुनिया का कोई भी गेंदबाज नहीं कर सका था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में दो विकेट झटकते ही राशिद खान भारत में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए। जैसे ही उन्होंने मैच में अपना दूसरा शिकार किया, यह खास उपलब्धि उनके नाम दर्ज हो गई और वे इस फॉर्मेट में भारतीय धरती पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनकर उभरे।

    राशिद खान ने भारत में अब तक 24 टी-20I पारियां खेली हैं और इन मुकाबलों में उन्होंने 50 विकेट हासिल किए हैं। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता और प्रभावशीलता को भी दर्शाता है। उनकी इकोनॉमी रेट और औसत दोनों ही बेहद प्रभावशाली रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि वे सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं, बल्कि रन रोकने में भी माहिर हैं। भारतीय पिचों पर उनकी तेज रफ्तार लेग स्पिन और सटीक गुगली बल्लेबाजों के लिए लगातार पहेली बनी हुई है।

    इस सूची में दूसरे स्थान पर भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल हैं, जिन्होंने 38 पारियों में 49 विकेट हासिल किए हैं। अक्षर पटेल 48 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 37 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। अर्शदीप सिंह 27 पारियों में 43 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं, जबकि हार्दिक पांड्या ने 53 पारियों में 38 विकेट झटके हैं।

    जसप्रीत बुमराह के नाम 35 पारियों में 36 विकेट दर्ज हैं और भुवनेश्वर कुमार ने 33 पारियों में 34 विकेट लिए हैं। वरुण चक्रवर्ती ने मात्र 16 पारियों में 33 विकेट लेकर अपनी प्रभावशीलता दिखाई है। कुलदीप यादव ने 19 पारियों में 27 विकेट और रवि बिश्नोई ने 20 पारियों में 26 विकेट हासिल किए हैं।

    इन सभी भारतीय गेंदबाजों के बीच राशिद खान का शीर्ष पर पहुंचना उनके असाधारण कौशल और भारतीय परिस्थितियों की गहरी समझ को दर्शाता है। आंकड़े साफ बताते हैं कि भारतीय सरजमीं उन्हें खास तौर पर रास आती है। स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी और भी खतरनाक हो जाती है। वे बल्लेबाजों को न तो खुलकर खेलने का मौका देते हैं और न ही आसानी से रन बनाने देते हैं।

    राशिद खान लंबे समय से आईपीएल में खेलते आ रहे हैं, जिससे उन्हें भारतीय पिचों और हालात की गहरी समझ है। यही अनुभव अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी उनके काम आता है। यही कारण है कि वे भारतीय गेंदबाजों को पीछे छोड़ते हुए इस खास सूची में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं।

    भारत की धरती पर 50 टी-20I विकेट का आंकड़ा छूना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन राशिद ने इसे महज 24 पारियों में हासिल कर इस रिकॉर्ड को और भी खास बना दिया है। मौजूदा फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए कहा जा सकता है कि वे आने वाले समय में इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाएंगे।

  • BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

    BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?

    इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।

    क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।

    सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?

    वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।