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  • सनस्क्रीन से लेकर आयुर्वेद तक: बदल रहे हैं भारत के स्किन केयर ट्रेंड्स

    सनस्क्रीन से लेकर आयुर्वेद तक: बदल रहे हैं भारत के स्किन केयर ट्रेंड्स


    नई दिल्ली। आजकल स्किन केयर सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह हेल्थ और लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। भारत में बदलते मौसम, प्रदूषण और स्ट्रेस के कारण स्किन प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते स्किन केयर इंडस्ट्री में नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं।

    1. सनस्क्रीन का इस्तेमाल अब “डेली रूटीन” बना

    डर्मेटोलॉजिस्ट लगातार सलाह दे रहे हैं कि सनस्क्रीन अब सिर्फ गर्मियों के लिए नहीं, बल्कि रोजाना जरूरी है।
    UV किरणों से बचाव के लिए SPF 30 से 50 तक की सनस्क्रीन ज्यादा इस्तेमाल हो रही है।

    2. “Skin Barrier Repair” प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड

    आजकल लोग harsh केमिकल्स की बजाय ऐसे प्रोडक्ट्स पसंद कर रहे हैं जो स्किन की natural barrier को ठीक करें।
    Ceramide, Hyaluronic Acid और Niacinamide वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है।

    3. नेचुरल और आयुर्वेदिक स्किन केयर की वापसी

    हल्दी, एलोवेरा, चंदन और नीम आधारित प्रोडक्ट्स फिर से ट्रेंड में हैं।
    लोग केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक स्किन केयर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

    4. “Glass Skin” और “Hydrated Glow” ट्रेंड

    कोरियन ब्यूटी ट्रेंड्स का असर भारत में भी दिख रहा है।
    लोग अब matte लुक से ज्यादा चमकदार और हाइड्रेटेड स्किन पसंद कर रहे हैं।

    5. Dermatologist-led skincare का चलन बढ़ा

    अब लोग सोशल मीडिया टिप्स की बजाय डॉक्टर-प्रमाणित स्किन केयर रूटीन को फॉलो कर रहे हैं।
    Retinol, Vitamin C serum और chemical exfoliation को लेकर जागरूकता बढ़ी है।

    6. गलत स्किन केयर से नुकसान के मामले भी बढ़े

    बिना सलाह के स्टेरॉइड क्रीम, फेयरनेस क्रीम और हार्श केमिकल्स के उपयोग से स्किन डैमेज के केस बढ़ रहे हैं। डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि गलत प्रोडक्ट से स्थायी नुकसान हो सकता है।

  • सर्दियों में देसी घी: रूखी त्वचा के लिए प्राकृतिक मॉइस्चराइजर, पोषण और एंटी-एजिंग का असरदार उपाय

    सर्दियों में देसी घी: रूखी त्वचा के लिए प्राकृतिक मॉइस्चराइजर, पोषण और एंटी-एजिंग का असरदार उपाय


    नई दिल्ली।  सर्दियों का मौसम आते ही रूखी, खिंची और बेजान त्वचा एक आम समस्या बन जाती है। ठंडी हवा, हीटर का इस्तेमाल और गरम पानी से नहाने की आदत त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेती है। ऐसे में जहां बाजार के कई मॉइस्चराइजर केवल ऊपरी परत को मुलायम बनाते हैं, वहीं शुद्ध देसी घी त्वचा को गहराई से पोषण देने का एक प्राकृतिक और प्रभावी विकल्प बनकर सामने आया है।

    2025 की रिपोर्ट Necole Bitchie और Healthline के अनुसार, देसी घी में मौजूद विटामिन A, D, E और K के साथ-साथ प्राकृतिक फैटी एसिड त्वचा की नमी को लॉक करने, सूजन कम करने और फाइन लाइन्स को रोकने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में घी को न सिर्फ खाने बल्कि त्वचा पर लगाने के लिए भी लाभकारी माना गया है।विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में त्वचा की बैरियर लेयर कमजोर हो जाती है, जिससे Transepidermal Water Loss TEWL बढ़ता है। घी इस बैरियर को मजबूत करता है और त्वचा को अंदर से रिपेयर करने में मदद करता है। आयुर्वेदिक परंपरा में इस्तेमाल होने वाला शतधौत घृत 100 बार धुला घी विशेष रूप से स्किन हाइड्रेशन बढ़ाने, जलन कम करने और एक्जिमा व सोरायसिस जैसी समस्याओं में राहत देने के लिए जाना जाता है।

    टॉपिकल इस्तेमाल की बात करें तो घी सूखी, फटी और संवेदनशील त्वचा के लिए सुरक्षित माना गया है। सर्दियों में फटे होंठ, रूखे हाथ, ड्राई पैच और फटी एड़ियों पर घी लगाने से त्वचा जल्दी मुलायम होती है। यही नहीं, बच्चों की मालिश और बीमारी के बाद स्किन रिकवरी में भी देसी घी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है।हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि घी का टेक्सचर काफी रिच और ऑयली होता है। ऐसे में एक्ने-प्रोन या बहुत तैलीय त्वचा पर इसका ज्यादा इस्तेमाल पोर्स ब्लॉक कर सकता है, जिससे पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए ऐसी त्वचा वाले लोगों को घी को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले पैच टेस्ट करना चाहिए या सिर्फ बहुत सूखे हिस्सों पर सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

    त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि घी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स झुर्रियों दाग-धब्बों और सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा ज्यादा स्वस्थ और जवां दिखती है। रात में सोने से पहले हल्के हाथों से घी लगाने से त्वचा को गहरी नमी और पोषण मिलता है।इस रूप में देसी घी सर्दियों में केवल एक पारंपरिक घरेलू नुस्खा नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से समर्थित स्किन केयर विकल्प भी है। सही मात्रा और सही त्वचा प्रकार के अनुसार इसका इस्तेमाल करने से यह सर्दियों में त्वचा की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि त्वचा बहुत संवेदनशील हो, तो विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।