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  • जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को न्याय और राहत समय पर मिल सके।

    गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और हर मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर समाधान किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों की शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। पारिवारिक विवादों के मामलों में उन्होंने पहले आपसी संवाद और समझौते के प्रयास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि हर शिकायत का समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति पूरी तरह संतुष्ट महसूस करे।

    जनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र मरीजों के इलाज का अनुमानित खर्च जल्द तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर बीमारियों के उपचार में हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाए जाएं, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में किसी भी जरूरतमंद को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

    गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने सुबह गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और पूजन किया तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों और गोवंश को गुड़ खिलाया तथा उनकी देखभाल कर रहे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गोवंश के बेहतर संरक्षण और देखभाल के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

  • आयुष्मान कार्ड: साल भर मुफ्त इलाज की सच्चाई और 5 लाख रुपये की सीमा

    आयुष्मान कार्ड: साल भर मुफ्त इलाज की सच्चाई और 5 लाख रुपये की सीमा


    भारत / सरकार ने आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है।

    क्या सच में साल भर मुफ्त इलाज मिलता है?

    आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अक्सर लाभार्थियों के मन में यही सवाल उठता है कि क्या वे पूरे साल अस्पताल में मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। असल में, योजना तकनीकी रूप से साल में असीमित भर्ती की सुविधा देती है, लेकिन 5 लाख रुपये की वार्षिक सीमा तक ही कैशलेस इलाज संभव है।

    5 लाख की वार्षिक सीमा का मतलब

    यह राशि पूरा परिवार के लिए होती है, न कि प्रति व्यक्ति।

    उदाहरण: यदि परिवार में 6 सदस्य हैं, तो 5 लाख रुपये किसी एक सदस्य के इलाज या सभी के इलाज में साझा किए जा सकते हैं।

    वार्षिक सीमा पूरी होने के बाद का खर्च मरीज को खुद वहन करना होगा।

    किस इलाज में मिलता है लाभ?

    योजना मुख्य रूप से गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती इलाज के लिए है।

    OPD, ब्लड टेस्ट, एक्स-रे या मामूली दवाइयाँ योजना में शामिल नहीं।

    गंभीर इलाज जैसे:

    हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट

    प्रोस्टेट कैंसर

    किडनी ट्रांसप्लांट

    कोरोनरी एंजियोप्लास्टी

    न्यूरो सर्जरी

    सभी प्रक्रियाएं कैशलेस होती हैं और मरीज भारी बिल से राहत पाता है।

    घर बैठे बनाएं अपना आयुष्मान कार्ड

    पहले कार्ड बनवाने के लिए कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो गई है।

    Ayushman App डाउनलोड करें और अपने स्मार्टफोन से कार्ड बनवाएं।

    लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर और आधार का उपयोग होता है।

    राज्य और जिले का चयन कर परिवार की पात्रता (Eligibility) चेक की जा सकती है।

    यदि किसी सदस्य का नाम लिस्ट में है लेकिन कार्ड जनरेट नहीं हुआ है, तो ‘Authenticate’ विकल्प से e-KYC पूरी की जा सकती है।

    वेरिफिकेशन के एक हफ्ते के भीतर कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

    आयुष्मान कार्ड गंभीर बीमारियों के लिए साल में कैशलेस इलाज प्रदान करता है, लेकिन यह सुविधा 5 लाख रुपये की वार्षिक सीमा तक ही है और पूरे परिवार के लिए साझा होती है।