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  • बजरंगबली को प्रिय हैं ये भोग, बड़ा मंगल पर मिलेगा विशेष आशीर्वाद

    बजरंगबली को प्रिय हैं ये भोग, बड़ा मंगल पर मिलेगा विशेष आशीर्वाद

    नई दिल्ली । ज्येष्ठ मास के पांचवें बड़े मंगल का पर्व आज 2 जून 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन के संकट दूर होते हैं, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इस दिन बजरंगबली को उनके प्रिय भोग अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है।

    मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करने वाले भक्तों पर उनकी विशेष कृपा बरसती है। बड़े मंगल के अवसर पर कुछ विशेष भोग चढ़ाने से मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

    1. बूंदी का भोग
    हनुमान जी को बूंदी अत्यंत प्रिय मानी जाती है। बड़े मंगल के दिन पूजा के बाद बूंदी का भोग लगाने से घर-परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह भोग भक्तों के जीवन में खुशहाली लाने वाला माना जाता है।

    2. बेसन के लड्डू
    बेसन के लड्डू बजरंगबली के सबसे प्रिय प्रसादों में शामिल हैं। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी को बेसन के लड्डू अर्पित करने और प्रसाद स्वरूप बांटने से बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। इससे परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है।

    3. भुने चने और गुड़
    हनुमान जी को गेंदे या कमल का फूल अर्पित करने के बाद भुने हुए चने और गुड़ का भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि यह उपाय मंगल, शनि और अन्य ग्रहों के दोषों को शांत करने में सहायक होता है। साथ ही घर में चल रहे विवाद और कलह भी कम होते हैं।

    4. मीठा पान
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई विशेष मनोकामना पूरी करनी हो तो हनुमान जी को गुलकंद युक्त मीठे पान का भोग अर्पित करना चाहिए। इससे रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है।

    5. इमरती या जलेबी
    बड़े मंगल के दिन इमरती या जलेबी का भोग चढ़ाने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि अन्य देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद मिलता है। यह भोग सफलता, आत्मबल और शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है।

    सप्ताह के दिनों के अनुसार हनुमान जी के प्रिय भोग
    सोमवार : हलवा
    मंगलवार : गुड़ के लड्डू
    बुधवार : पंचमेवा
    गुरुवार : बूंदी या बूंदी के लड्डू
    शुक्रवार : केसर भात
    शनिवार : इमरती
    रविवार : डंठल वाला पान

    बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और राम नाम का जाप विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से भय, बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं तथा जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

  • आज ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल, जानिए हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

    आज ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल, जानिए हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि


    नई दिल्ली ।
    आज 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए ज्येष्ठ के मंगलवार को विशेष रूप से बजरंगबली की पूजा का महत्व माना जाता है।

    मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने, पूजा-पाठ करने, दान देने और भंडारा करवाने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि इस बार बड़ा मंगल पंचक काल में पड़ रहा है, जिसके चलते कई लोग पूजा के शुभ समय और पंचक के प्रभाव को लेकर सवाल कर रहे हैं।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    दूसरे बड़े मंगल पर पूजा का शुभ समय सुबह 8:55 बजे से दोपहर 1:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा शाम को भी पूजा की जा सकती है। संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:03 बजे से रात 8:06 बजे तक बताया गया है। इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।

    पंचक में भी कर सकते हैं पूजा
    इस बार बड़ा मंगल रोग पंचक में पड़ रहा है। सामान्य तौर पर पंचक में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा पंचक में भी की जा सकती है। कहा जाता है कि पंचमुखी हनुमान की आराधना करने से भय, तनाव और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं। इस दौरान भंडारा करवाना भी शुभ माना गया है। हालांकि नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है।

    ऐसे करें हनुमान जी की पूजा
    बड़ा मंगल पर हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही चमेली के तेल का दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है।

    भक्त इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:-
    “ॐ नमो भगवते पंचवदनाय, पूर्वकपि मुखाय, सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा।”
    इस दिन हनुमान चालीसा, हनुमान बीसा और सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। हालांकि पंचक के दौरान हवन और यज्ञ करने से बचने की सलाह दी गई है।

    इन बातों का रखें ध्यान
    – पूजा के दौरान काले और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें। लाल, पीले और सफेद रंग को शुभ माना गया है।
    – व्रत रखने वाले लोगों को गुस्सा और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
    – पूरे दिन सात्विक भोजन करें और मांसाहार व शराब से परहेज रखें।
    – ब्रह्मचर्य का पालन करना भी शुभ माना गया है।

  • मंगलादित्य योग में चमकेगा दूसरा बड़ा मंगल 2026: मेष, वृश्चिक और मीन राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और धन लाभ के द्वार

    मंगलादित्य योग में चमकेगा दूसरा बड़ा मंगल 2026: मेष, वृश्चिक और मीन राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और धन लाभ के द्वार



    नई दिल्ली। 12 मई 2026, मंगलवार को पड़ने वाला दूसरा बड़ा मंगल इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन मंगलादित्य योग और रुचक योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग के प्रभाव से साहस, सफलता, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ते हैं।

    बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व
    बड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन के संकट दूर होते हैं और आत्मबल में वृद्धि होती है। 2026 का यह दूसरा बड़ा मंगल विशेष योगों के कारण और भी अधिक फलदायी बताया जा रहा है।

    किन राशियों को मिलेगा लाभ
    मेष राशि
    मेष राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत और अवसरों से भरा रहेगा। नौकरी और करियर में अच्छे मौके मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बनेंगे। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक सुधार और भाग्य वृद्धि लेकर आ सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। करियर में बदलाव के अच्छे अवसर मिल सकते हैं और विवाह या रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ेगी।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए यह बड़ा मंगल बहुत शुभ संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत का फल मिलेगा और आर्थिक लाभ के योग बनेंगे। मानसिक शांति और आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ेगी।

    ज्योतिषीय संकेत क्या कहते हैं
    मंगलादित्य योग तब बनता है जब सूर्य और मंगल एक विशेष स्थिति में आते हैं, जो ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। वहीं रुचक योग पंच महापुरुष योगों में से एक है, जो व्यक्ति को साहसी, प्रभावशाली और सफल बनाता है। इन दोनों योगों का संयोग इस बड़े मंगल को अत्यंत शक्तिशाली बना रहा है।

    2026 का दूसरा बड़ा मंगल धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टियों से खास है। यह दिन जहां भक्ति और आस्था का प्रतीक है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह करियर, धन और सम्मान में बड़ी उन्नति का संकेत भी लेकर आ सकता है।

  • ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 2026, सुंदरकांड पाठ की सही विधि और लाभ जानना है जरूरी

    ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 2026, सुंदरकांड पाठ की सही विधि और लाभ जानना है जरूरी

    नई दिल्ली । ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है और यह दिन भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी महीने के एक मंगलवार को भगवान राम और भगवान हनुमान की पहली भेंट हुई थी यही कारण है कि इस पूरे महीने के मंगलवार विशेष महत्व रखते हैं इसके अलावा यह भी माना जाता है कि इसी माह में हनुमान जी को अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था

    वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा इस बार अधिक मास के कारण एक दुर्लभ संयोग बन रहा है जिसमें कुल आठ मंगलवार पड़ रहे हैं आमतौर पर चार या पांच बड़ा मंगल ही होते हैं लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को हनुमान भक्ति के अधिक अवसर मिलेंगे पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा

    इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है सुंदरकांड गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस का एक महत्वपूर्ण भाग है जिसमें भगवान राम की महिमा और हनुमान जी की भक्ति का अद्भुत वर्णन किया गया है धार्मिक मान्यता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

    सुंदरकांड पाठ करने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है पाठ शुरू करने से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करना चाहिए इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें प्रतिमा ऐसी हो जिसमें भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण भी दिखाई दें पाठ करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है

    पाठ के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखना चाहिए और सात्विक भाव से भगवान का स्मरण करना चाहिए सुंदरकांड का पाठ एक बार में पूरा किया जा सकता है या फिर इसे नियमित रूप से कुछ दिनों तक किया जा सकता है कई लोग 11 दिन 21 दिन 31 दिन या 41 दिन तक इसका पाठ करते हैं जिससे विशेष फल की प्राप्ति होती है यदि ब्रह्म मुहूर्त में यह पाठ किया जाए तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुंदरकांड का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है भय और संकट समाप्त होते हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है और उनकी कृपा से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं

    यह व्रत और पाठ केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि यह जीवन में विश्वास शक्ति और धैर्य को मजबूत करने का माध्यम भी है बड़ा मंगल के दिन श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया सुंदरकांड पाठ व्यक्ति के जीवन में सुख शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है

  • Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए खास साल, ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे 8 बड़ा मंगल, दोगुना पुण्य कमाने का मौका

    Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए खास साल, ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे 8 बड़ा मंगल, दोगुना पुण्य कमाने का मौका


    नई दिल्ली। भगवान हनुमान के भक्तों के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़ा मंगल का पर्व इस बार विशेष महत्व लेकर आ रहा है। आमतौर पर जहां चार या पांच बड़ा मंगल होते हैं, वहीं इस साल पूरे आठ बड़ा मंगल पड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और पुण्य कमाने के अधिक अवसर मिलेंगे।

    बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। खासकर उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, सुंदरकांड का पाठ किया जाता है और जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी होता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

    बड़ा मंगल 2026 की तारीखें

    साल 2026 में ज्येष्ठ मास के दौरान पड़ने वाले बड़ा मंगल इस प्रकार हैं-

    पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026

    दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026

    तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026

    चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026

    पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026

    छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026

    सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026

    आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026

    क्यों पड़ रहे हैं 8 बड़ा मंगल

    इस बार आठ बड़ा मंगल पड़ने की खास वजह अधिकमास है। हिंदू पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2083 में 12 की बजाय 13 महीने होंगे। हर तीन साल में सौर और चंद्र कैलेंडर के बीच लगभग 33 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए अधिकमास जोड़ा जाता है। अधिकमास जिस महीने में पड़ता है, वह महीना लगभग दोगुना हो जाता है। साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में ही जुड़ रहा है, जिसकी वजह से यह महीना लंबा हो जाएगा।

    60 दिन तक चलेगा ज्येष्ठ मास

    इस साल ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी। वहीं अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। इस कारण ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिन तक, यानी 29 जून 2026 तक चलेगा। लंबे ज्येष्ठ महीने के कारण इस दौरान कुल आठ मंगलवार पड़ेंगे और सभी को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह भक्तों को अन्य वर्षों की तुलना में बजरंगबली की आराधना के अधिक अवसर मिलेंगे और मान्यता के अनुसार दोगुना पुण्य प्राप्त हो सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है।