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  • शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग

    शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग


    मध्‍यप्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदरवास थाना क्षेत्र के चितारा गांव में तेज हवाओं और बारिश के चलते चार मकानों की टीन शेड उड़ गईं। घटना के समय घरों में मौजूद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई मकानों की टीन शेड हवा में उड़ गईं। चितारा गांव निवासी भरत जाटव के घर में उस समय उनका दिव्यांग भाई छोटू जाटव, पत्नी मायावती, मां श्रीयाबाई और चार बच्चे मौजूद थे। अचानक छत की टीन शेड उड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई मकानों को नुकसान पहुंच गया। भरत जाटव के अलावा विजय जाटव, लखन जाटव और इमरत जाटव के मकानों की टीन शेड भी तेज आंधी में उड़ गईं। बारिश के कारण घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अनाज भी भीगकर खराब हो गया।

    इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। विजय जाटव की मोटरसाइकिल पर टीन शेड का हिस्सा गिर गया, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुए इस नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि कई लोगों के लिए यह मकान और उसमें रखा सामान ही उनकी जीवनभर की पूंजी है।

    गांव के लोगों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर इतना ज्यादा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि मौसम सामान्य होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की टीन शेड उड़ गई हैं, उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।

  • अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस

    अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पिपरोदा अटलपुर गांव में एक किसान पर कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सूचना देने के शक में हमला कर दिया गया। आरोप है कि तीन लोगों ने पहले किसान के ट्रैक्टर में टक्कर मारी और बाद में लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    पीड़ित अर्जुन सिंह गुर्जर ने बदरवास थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह गांव में लाल साहब गुर्जर के घर के सामने खड़ा था। इसी दौरान गांव के रहने वाले सादान गुर्जर, रामकृष्ण गुर्जर और राजू गुर्जर ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने आते ही उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

    अर्जुन सिंह के अनुसार जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में बताया गया है कि सादान गुर्जर ने लाठी से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। इसके बाद राजू गुर्जर ने उसके दाहिने हाथ पर और रामकृष्ण गुर्जर ने बाएं हाथ की उंगली के पास लाठी से हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि तीनों हमलावरों ने मिलकर उसे जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपने ट्रैक्टर से उसके ट्रैक्टर में टक्कर मारकर नुकसान भी पहुंचाया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    मारपीट और हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ित को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। ग्रामीणों को आता देख तीनों आरोपी वहां से भाग निकले। घटना के बाद घायल किसान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश और अवैध रेत कारोबार का विवाद है। अर्जुन सिंह का कहना है कि सादान, रामकृष्ण और राजू गुर्जर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़े हुए हैं। उन्हें शक था कि उनके अवैध कारोबार की जानकारी रेंज विभाग और पुलिस तक अर्जुन सिंह के परिवार द्वारा पहुंचाई जाती है। इसी संदेह और रंजिश के चलते आरोपियों ने हमला किया।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने बदरवास थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत कारोबार से जुड़े विवादों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप

    शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बदरवास थाना क्षेत्र स्थित सिंध नदी के रिजौदी घाट पर बुधवार रात माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत खनन और परिवहन में लगे 13 वाहनों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में 10 ट्रैक्टर और 3 हाइड्रा वाहन शामिल हैं। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, माइनिंग विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सिंध नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर माइनिंग विभाग ने बदरवास थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार देर रात जब टीम रिजौदी घाट पहुंची तो वहां अवैध रूप से रेत निकालने और ढोने का काम चल रहा था।

    अचानक हुई छापेमारी को देखकर वाहन चालक और खनन से जुड़े लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद माइनिंग विभाग और पुलिस ने मौके पर मौजूद 13 वाहनों को जब्त कर लिया। सभी जब्त वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से बदरवास थाना परिसर में पुलिस की निगरानी में खड़ा कराया गया है।

    अधिकारियों का कहना है कि रिजौदी घाट पर की गई यह कार्रवाई हाल के समय में जिले की सबसे बड़ी खनन विरोधी कार्रवाइयों में से एक है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अवैध खनन करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

    माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। रिजौदी घाट से कुल 13 वाहन जब्त किए गए हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

    माइनिंग विभाग की कार्रवाई केवल रिजौदी घाट तक सीमित नहीं रही। विभाग ने गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध उत्खनन के दौरान एक जेसीबी मशीन को पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    जब्त किए गए वाहनों और मशीनों से जुड़े सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद संबंधित वाहन मालिकों और खनन गतिविधियों में शामिल लोगों पर नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में सिंध नदी के कई घाट लंबे समय से अवैध रेत कारोबार का केंद्र बने हुए हैं। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में ताजा कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।