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  • सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम

    सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम


    नई दिल्ली । भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। टोक्यो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं।

    यह जीत सिंधु के करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। साथ ही सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का खिताब जीतने का उनका सात वर्षों का लंबा इंतजार भी समाप्त हो गया।

    फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआती अंक तेजी से जुटाकर बढ़त बनाई। हालांकि अकाने यामागुची ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैलियों का दौर चलता रहा। पहले गेम में एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था लेकिन सिंधु ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में ही मजबूत बढ़त बना ली और लगातार आक्रामक स्मैश तथा सटीक शॉट्स से यामागुची पर दबाव बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचाया लेकिन सिंधु ने अनुभव का शानदार परिचय दिया और लगातार तीन अंक जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। 21-17 से दूसरा गेम जीतते ही सिंधु ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    पूरे टूर्नामेंट में सिंधु का प्रदर्शन शानदार रहा। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के चोटिल होकर हटने से उन्हें राहत जरूर मिली लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया कि वह फिर से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट चुकी हैं।

    यह खिताबी जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय बाद सिंधु ने बड़े मंच पर खिताब जीतकर यह संदेश दिया है कि वह आने वाले विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार रहेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊर्जा मिली है और युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

  • थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर

    थॉमस कप क्वार्टर-फाइनल: आज भारत की अग्निपरीक्षा, चीनी ताइपे से टक्कर


    नई दिल्ली। डेनमार्क में खेले जा रहे प्रतिष्ठित Thomas Cup के नॉकआउट चरण में आज भारत के सामने बड़ी चुनौती है। क्वार्टर-फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मजबूत चीनी ताइपे से होने जा रहा है। चार साल पहले इतिहास रचते हुए खिताब जीतने वाली टीम इंडिया इस बार भी सेमीफाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेगी।

    भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे Lakshya Sen पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। पहले सिंगल्स मुकाबले में उनका सामना दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी Chou Tien-chen से होगा। यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखते हैं।

    भारत ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन चीन के खिलाफ टीम को 2-3 से करीबी हार झेलनी पड़ी। वहीं, चीनी ताइपे ने भी उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बावजूद ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और डेनमार्क के खिलाफ शानदार वापसी कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई।

    डबल्स में भारत की सबसे बड़ी ताकत स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty पर टिकी होगी, जो विश्व रैंकिंग में शीर्ष जोड़ों में शामिल हैं। उनका मुकाबला चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की जोड़ी से होगा, जहां भारतीय जोड़ी से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

    दूसरे सिंगल्स में आयुष शेट्टी के सामने कठिन चुनौती होगी, जहां उनका सामना लिन चुन-यी से होगा। वहीं तीसरे सिंगल्स में अनुभवी Kidambi Srikanth पर जिम्मेदारी होगी कि वे निर्णायक बढ़त दिला सकें। टीम प्रबंधन ने इस मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, खासकर तब जब एचएस प्रणय जैसे खिलाड़ी को इस बार लाइन-अप में शामिल नहीं किया गया है।

    भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि लक्ष्य सेन का सामना इस बार लिन चुन-यी से नहीं होगा, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब तक कमजोर रहा है। इसके अलावा, लक्ष्य सेन ने चाउ टिएन-चेन के खिलाफ हालिया मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

    यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे से पहले शुरू नहीं होगा और इसे लाइव JioHotstar और Star Sports पर देखा जा सकता है।

    कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है, जहां जीत उन्हें सेमीफाइनल के करीब ले जाएगी, जबकि हार टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में हर मैच, हर अंक और हर रैली निर्णायक साबित होने वाली है।