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  • भोपाल के कॉलेज में गरबा आयोजन पर विवाद, बाहरी युवकों की एंट्री और गानों को लेकर भिड़े लोग, पुलिस से कार्रवाई की मांग

    भोपाल के कॉलेज में गरबा आयोजन पर विवाद, बाहरी युवकों की एंट्री और गानों को लेकर भिड़े लोग, पुलिस से कार्रवाई की मांग


    भोपाल। भोपाल के सेम कॉलेज में गरबा आयोजन के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। घटना से जुड़े वीडियो में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता को युवक को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। विवाद की वजह फिल्मी गानों पर गरबा करने और कॉलेज में बाहरी युवकों को प्रवेश देने को लेकर जताई गई आपत्ति बताई जा रही है। मामले में बजरंग दल की ओर से बिलखिरिया थाने में शिकायत आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि घटना के सभी पहलुओं और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
    विश्व हिंदू परिषद के मध्य भारत प्रांत मंत्री जितेंद्र चौहान ने आरोप लगाया कि नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजन धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में फिल्मी और अश्लील गाने बजाने के बजाय पारंपरिक गरबा और धार्मिक गीतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर आयोजन के दौरान प्रवेश व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि कार्यक्रम में ऐसे युवक भी मौजूद थे जो कॉलेज के विद्यार्थी नहीं थे।
    जितेंद्र चौहान के मुताबिक स्थानीय छात्रों से गरबा आयोजन के दौरान फिल्मी गाने बजाए जाने की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे थे। इसके बाद संगठन के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। चौहान ने स्पष्ट किया कि वीडियो में जिस युवक को थप्पड़ मारे जाते दिखाई दे रहे हैं वह बजरंग दल का कार्यकर्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई। ऐसे में वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट के आरोपों की अलग-अलग परिस्थितियों में जांच किए जाने की जरूरत है।
    बिलखिरिया थाना प्रभारी को दिए गए शिकायत आवेदन में पुष्पराज यादव ने खुद को भोपाल जिला बजरंग दल का प्रमुख बताया है। आवेदन के मुताबिक 16 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे उन्हें सेम कॉलेज में गरबा आयोजन के दौरान फिल्मी गानों पर डांस होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह अपने साथियों शिवम कुशवाह और यश द्विवेदी के साथ कॉलेज पहुंचे। शिकायत में शिवम कुशवाह को मां कंकाली प्रखंड मंत्री और यश द्विवेदी को बजरंग दल का जिला संयोजक बताया गया है।
    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में मुस्लिम समुदाय के दो से अधिक युवक मौजूद थे। आवेदन के अनुसार जब कार्यकर्ताओं ने फिल्मी गाने बंद करने और आयोजन के स्वरूप पर आपत्ति जताई तो वहां मौजूद युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत में कॉलेज फैकल्टी के नीरज गुप्ता पर बाउंसर बुलाकर कार्यकर्ताओं को बाहर निकलवाने की धमकी देने और संबंधित युवकों का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया गया है। आवेदन में समीर आलम समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
    जितेंद्र चौहान ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में होने वाले गरबा आयोजनों में धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने आयोजकों से पारंपरिक गीतों के इस्तेमाल और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की अपील की। साथ ही कहा कि संगठन ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेगा और जरूरत पड़ने पर विरोध भी करेगा। फिलहाल इस पूरे मामले में युवक को थप्पड़ मारने की घटना और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं।

  • राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की

    राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की


    भोपाल। भोपाल में शनिवार को राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व्यापम चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकालते हुए लिंक रोड की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और राहुल गांधी के पुतले का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की जिससे कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आने दी। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जिस प्रकार सांकेतिक प्रदर्शन किया गया उससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और संत परंपरा से जुड़े प्रतीकों का जिस तरह इस्तेमाल किया गया वह उचित नहीं था और इसी के विरोध में भोपाल में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

    संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से चल रही है। उनके अनुसार मामले में विशेष जांच दल जांच कर रहा है और न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है। उनका कहना था कि जिन लोगों पर आरोप लगे थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि राम मंदिर और हिंदू आस्था को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी का पुतला जलाया गया और प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतले पर आपत्तिजनक व्यवहार भी किया।

    इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि संसद के मानसून सत्र से जुड़ी है जहां निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचे थे। विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। विपक्ष का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल पारदर्शिता और जांच की मांग उठाना था जबकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताया।

    मध्य प्रदेश संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि रामलला और संत परंपरा करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।

    दूसरी ओर विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसका प्रदर्शन कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग से जुड़ा था और इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।

    भोपाल में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर यह संकेत देता है कि धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर देश में बहस लगातार तेज हो रही है। ऐसे मामलों में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अवसर देना रहती है।

  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।