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परिवार शादी में गया था, पीछे हुआ दर्दनाक हादसा: बालाघाट में महिला की मौत
नई दिल्ली। बालाघाट जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कीटनाशक खाने के बाद इलाज के दौरान 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान चटरीटोला निवासी श्यावती पति धीरसिंह मर्सकोले के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।जानकारी के अनुसार, महिला ने मंगलवार रात खेत में उपयोग होने वाला कीटनाशक खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें पहले परसवाड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात करीब 12:30 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टर की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। अब आगे की जांच परसवाड़ा थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।मृतका के बेटे यशवंत मर्सकोले ने बताया कि घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य एक शादी समारोह में गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी मां और छोटी बहन मौजूद थीं। बहन ने ही सूचना दी कि मां ने कीटनाशक खा लिया है। इसके बाद परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।परिजनों के अनुसार, श्यावती लंबे समय से शरीर दर्द और कमजोरी की समस्या से परेशान थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया हो सकता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -

बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी
बालाघाट । बालाघाट से बड़ी खबर सामने आई है जहां जिला मुख्यालय के मां अन्नपूर्णा मंदिर के निकट संचालित करणी ज्वेलर्स में जीएसटी टीम ने छापेमारी कर डेढ़ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई रातभर चली और इसके दौरान सोने और चांदी के स्टॉक में अभिलेखों के मुकाबले भारी अंतर पाया गया।जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में जीएसटी की 8 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। इस टीम का मार्गदर्शन लोकेश कुमार लिल्हारे आयुक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जबलपुर ने किया। टीम ने ज्वेलर्स में जेवरात की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और साथ ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिसर में उपलब्ध सोने और चांदी के स्टॉक की गणना की और इसे करदाता द्वारा अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक से तुलना की। इस तुलना में स्पष्ट रूप से देखा गया कि अभिलेखों की तुलना में स्टॉक में महत्वपूर्ण कमी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस कमी का मूल्य लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। यह संकेत करता है कि करदाता ने लेखांकन और कर देयता के निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की हैं।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई थी। छापेमारी के दौरान टीम ने रिटर्न फाइलों की भी जाँच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर गणना में कोई गड़बड़ी न हुई हो। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला न सिर्फ कर चोरी का है बल्कि यह ज्वेलरी व्यवसाय में होने वाली संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर भी रोशनी डालता है। अब यह देखना बाकी है कि आगे जांच में और क्या खुलासा होता है और इस कार्रवाई का प्रभाव अन्य व्यवसायों पर कैसे पड़ता है।इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि जीएसटी विभाग हर स्तर पर कर अनुपालन पर नजर रख रहा है और किसी भी अनियमित गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।