Tag: Ballia

  • बलिया में लंबे अंतराल के बाद कोरोना की दस्तक, 32 वर्षीय महिला संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

    बलिया में लंबे अंतराल के बाद कोरोना की दस्तक, 32 वर्षीय महिला संक्रमित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमण का नया मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। आदर्श नगर पंचायत सहतवार के वार्ड संख्या-5 की 32 वर्षीय महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने तत्काल निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। जिले में कोरोना के नए मामले ने यह संकेत दिया है कि संक्रमण के प्रति लापरवाही अभी भी जोखिम पैदा कर सकती है, इसलिए एहतियात बरतना आवश्यक है।

    महिला का सैंपल 11 जुलाई को लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में जांच के लिए लिया गया था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद 13 जुलाई को प्राप्त रिपोर्ट में उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए और संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई।

    संक्रमण की पुष्टि के बाद चिकित्सा टीम तुरंत महिला के घर पहुंची और उसकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया। चिकित्सकों ने महिला को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है, जहां उसका उपचार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न होने पर समय रहते आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की श्रृंखला को रोकने के उद्देश्य से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान भी शुरू किया। महिला के संपर्क में आए चार लोगों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई गई। राहत की बात यह रही कि सभी चारों व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे फिलहाल संक्रमण के व्यापक फैलाव की आशंका कम मानी जा रही है, हालांकि विभाग ने निगरानी जारी रखने का निर्णय लिया है।

    जिला स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण के प्रत्येक मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए गए हैं और चिकित्सा दल लगातार स्थानीय स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आगे भी जांच और निगरानी का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।

    कोरोना महामारी के बाद लंबे समय तक जिले में कोई नया मामला सामने नहीं आया था। ऐसे में इस संक्रमण की पुष्टि ने स्वास्थ्य तंत्र को एक बार फिर सतर्क रहने का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण के छिटपुट मामलों को हल्के में लेने के बजाय समय पर जांच, निगरानी और उपचार पर विशेष ध्यान देना जरूरी है ताकि किसी भी संभावित जोखिम को रोका जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, सर्दी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों तो बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि व्यक्तिगत स्वच्छता, आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

  • सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    बलिया। पश्चिम बंगाल सीएम के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए बलिया के राज सिंह ने रिहाई के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।

    राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें एसओजी टीम ने बिना ठोस सबूत के अयोध्या से उठाया था और जबरन दबाव बनाया गया कि वह अपराध स्वीकार करें। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं कि “सच नहीं बताया तो एनकाउंटर कर दिया जाएगा।”

    उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने लगातार उनके निर्दोष होने के सबूत पेश किए, जिनमें घर के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थे, जिससे यह साबित हुआ कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और जांच में सामने आया कि असली आरोपी कोई और है।

    सीबीआई जांच में खुलासा होने के बाद राज सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि असली आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ राज को बाद में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया।

    रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राज सिंह ने कहा कि अगर जांच एजेंसी बदलकर सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तो शायद सच सामने नहीं आ पाता और वह आज जिंदा नहीं होते। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों का आभार जताया कि उन्होंने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई।

    राज सिंह बलिया के आनंद नगर मोहल्ले के रहने वाले हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े बताए जाते हैं। इससे पहले उन पर एक अंडा व्यवसायी की हत्या के मामले में भी आरोप लग चुका है, जिसमें वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

    इस पूरे मामले ने पुलिस की शुरुआती जांच और एसओजी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।