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  • हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना

    हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर किया बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, राजधानी रियाद को बनाया निशाना


    रियाद।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों (Yemen’s Houthi rebels) ने उसकी राजधानी रियाद (Riyadh) को बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile attack) से निशाना बनाने की कोशिश की। शनिवार देर रात सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यह जानकारी दी। गठबंधन यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी समर्थित बलों का नेतृत्व करता है। उसके मुताबिक, मिसाइल को हमले के प्रयास के दौरान ही रोक लिया गया था। यह रियाद को निशाना बनाकर किया गया पहला हमला था, जब से ईरान समर्थित हूतियों और सऊदी समर्थन वाले यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हुई है।


    हूतियों ने सऊदी अरब में और किन जगहों को निशाना बनाने की कोशिश की?

    सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हूतियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू के अलावा ताइफ, बायश और फरासन में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी कोशिश की। गठबंधन के मुताबिक इन प्रयासों को भी नाकाम कर दिया गया। हालांकि, बयान में इन हमलों के बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।


    हूतियों ने हमले को लेकर क्या दावा किया?

    हूतियों ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने रियाद में कुछ ‘संवेदनशील ठिकानों’ और यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको को निशाना बनाया। हूतियों ने दावा किया कि इन हमलों के कारण ‘भारी आग’ लगी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने टिप्पणी के लिए भेजे गए अनुरोध का जवाब नहीं दिया।


    तुर्की ने सऊदी अरब को सैन्य मदद देने का संकेत दिया

    इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने संकेत दिया है कि हाल ही में हुए रक्षा समझौते के तहत तुर्की सऊदी अरब को सैन्य मदद दे सकता है। एक टीवी इंटरव्यू में जब उनसे तीन देशों के उस गठबंधन (जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है) के यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो फिदान ने कहा कि तुर्की को किसी भी सैन्य ज़रूरत को पूरा करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘हम सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर बहुत गंभीर हमले देख रहे हैं। हमारे बीच गठबंधन का समझौता है और हम अपनी बात पर कायम हैं।

    इससे पहले भी सऊदी के तेल ढांचे पर हुआ था हमला
    रियाद पर ताजा मिसाइल हमले की कोशिश से पहले सऊदी अरब के अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला हुआ था। 11 सितंबर को हुए इस हमले के बाद पाइपलाइन का संचालन रोकना पड़ा, जिससे सऊदी के लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल निर्यात प्रभावित हुआ। इसी के चलते सऊदी अरामको ने यूरोप के कम से कम दो रिफाइनिंग ग्राहकों को अक्तूबर में दी जाने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति नहीं करने की जानकारी दी है। सऊदी और इराकी अधिकारियों ने कहा है कि ड्रोन इराक से आए थे, लेकिन हमले के पीछे वास्तव में कौन था, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी अभी सामने नहीं आई है।

  • ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया

    ईरान-USA-इजराइल जंग: मजबूरी में लड़ रहा ईरान, नए सुप्रीम लीडर घायल, UAE ने मिसाइलों को नष्ट किया


    नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी ईरान संघर्ष आज 10वें दिन पहुंच गया है। ईरान ने साफ किया है कि यह जंग उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी में लड़नी पड़ रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस जंग को देश पर जबरन थोप दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल मध्यस्थता या सीजफायर पर चर्चा करना संभव नहीं है, क्योंकि सैन्य टकराव जारी है और प्राथमिकता देश की सुरक्षा पर है।बघाई ने जोर देकर कहा कि ईरान ने जंग शुरू नहीं की थी, और किसी अन्य देश तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान पर हमला नहीं किया गया।

    नए सुप्रीम लीडर पर हमला
    ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल हमले में मौत हुई थी। 1989 से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज अली खामेनेई ने 1979 की इस्लामिक क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी और 1981 में आठ साल के लिए राष्ट्रपति भी रहे।

    उनके उत्तराधिकारी, मुजतबा खामेनेई, बीती रात नए सुप्रीम लीडर घोषित हुए, लेकिन उन्हें हाल ही में इजराइली हमले में चोट लगी। ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि नए नेतृत्व से देश में उम्मीद और एकजुटता बढ़ी है, जबकि अमेरिका और इजराइल के लिए यह निराशाजनक संकेत है।

    UAE ने रोकी ईरान की मिसाइलें और ड्रोन
    संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलें और 17 ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए। युद्ध शुरू होने के बाद UAE की तरफ कुल 253 मिसाइलें और 1,440 ड्रोन दागे जा चुके हैं।

    स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन ईरान ने मजबूती दिखाई
    ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा मजबूत है और नए सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में ईरान और भी एकजुट दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की रक्षा के लिए मजबूरी में जंग लड़नी पड़ रही है, और किसी अन्य क्षेत्र पर आक्रामकता नहीं दिखाई जा रही।

  • ईरान ने तुर्की की ओर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, ईरानी राजदूत तलब

    ईरान ने तुर्की की ओर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, ईरानी राजदूत तलब


    अंकारा। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक Iran ने बुधवार को Turkey की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दाग दी। हालांकि NATO की एयर डिफेंस प्रणाली ने मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस घटना के बाद तुर्की में हड़कंप मच गया और इसे युद्ध में नाटो की पहली प्रत्यक्ष एंट्री के रूप में देखा जा रहा है।

    नाटो की प्रवक्ता Allison Hart ने बयान जारी कर कहा कि संगठन तुर्की को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करता है और अपने सभी सहयोगी देशों के साथ मजबूती से खड़ा है।

    इराक और सीरिया के एयरस्पेस से गुजरी मिसाइल

    तुर्की के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल Iraq और Syria के हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए तुर्की की ओर बढ़ रही थी। इससे पहले कि वह लक्ष्य तक पहुंचती, पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में तैनात नाटो एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे मार गिराया।

    तुर्की प्रेसिडेंसी के कम्युनिकेशन निदेशालय ने बताया कि इंटरसेप्टर का मलबा देश के दक्षिणी प्रांत Hatay Province में गिरा। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    रणनीतिक सैन्य ठिकानों के पास गिरा मलबा

    जिस इलाके में मिसाइल का मलबा गिरा, वह तुर्की के प्रमुख सैन्य अड्डे Incirlik Air Base से लगभग 60 मील दूर बताया जा रहा है। वहीं तुर्की के Kürecik क्षेत्र में नाटो का एक महत्वपूर्ण अर्ली-वॉर्निंग रडार सिस्टम भी मौजूद है, जो बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा माना जाता है।

    तुर्की ने ईरानी राजदूत को किया तलब

    घटना के बाद तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से बातचीत कर कड़ी आपत्ति जताई। इसके साथ ही तुर्की ने Iran के राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर घटना पर जवाब मांगा।

    तुर्की के अधिकारियों ने चेतावनी दी कि देश के खिलाफ किसी भी दुश्मनी भरे कदम का जवाब देने का अधिकार उनके पास सुरक्षित है।

    विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो यह संघर्ष और ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व और यूरोप की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।