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  • योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर में कन्या पूजन कर बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को राम राज्य का आधार बताया

    योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर में कन्या पूजन कर बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को राम राज्य का आधार बताया

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने नवदुर्गा के स्वरूप में नौ कन्याओं का पूजन किया। कन्याओं को तिलक लगाने के साथ चुनरी ओढ़ाई गई। मंदिर परिसर में आयोजित ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट वितरित कीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन देना राम राज्य की स्थापना का मूल आधार है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले पांचवीं कक्षा तक पहुंचने से पहले ही हर पांचवीं बेटी स्कूल छोड़ देती थी। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बच्चे नंगे पैर विद्यालय जाते थे। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। उन्होंने कहा कि सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की।

    योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से प्रदेश के 1.60 करोड़ परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को हर साल दो जोड़ी यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में शिक्षा और बालिकाओं के विकास से जुड़े प्रयासों पर भी जोर दिया गया। ‘शिक्षा की उड़ान’ के तहत बच्चों को अध्ययन के लिए आवश्यक सामग्री देकर उनकी पढ़ाई को प्रोत्साहित किया गया।

    महिला सशक्तिकरण के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं में महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकानों की रजिस्ट्री तथा धनराशि परिवार की महिला मुखिया के नाम पर दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ से अधिक परिवारों को वितरित की गई घरौनियों में भी महिलाओं को मालिकाना अधिकार मिला है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना और तीन करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण को महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों के रूप में प्रस्तुत किया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही विराट किसान मेले का शुभारंभ भी किया गया। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर की चाबियां और कीटनाशक छिड़काव करने वाले यंत्र वितरित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जुड़े उपकरणों और सुविधाओं को किसानों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया।

    मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट देकर सम्मानित किया। वहीं, बेसिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को स्टेशनरी किट प्रदान की गईं। कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, पल्टूराम और रामप्रताप वर्मा सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कन्या पूजन, बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसानों को उपकरणों के वितरण और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।

  • सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

    सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई


    अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पड़ोसी राज्यों से सस्ते धान को अपने यहां खपाने की बिचौलियों की सुनियोजित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगे बलरामपुर जिले में प्रशासन की सख्ती के चलते अब तक 11,300 क्विंटल धान और 48 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यदि यह धान जब्त नहीं किया जाता तो इसे छत्तीसगढ़ के सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेच दिया जाता। इससे बिचौलियों को भारी मुनाफा होता और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।

    समर्थन मूल्य का अंतर बना वजह
    इस पूरे मामले की जड़ राज्यों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का अंतर है। झारखंड में धान की खरीद 2,450 रुपये प्रति क्विंटल उत्तर प्रदेश में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल जबकि छत्तीसगढ़ में सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है यानी छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक का लाभ मिल रहा है। इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए बिचौलिये यूपी और झारखंड से धान खरीदकर छत्तीसगढ़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

    सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी

    बलरामपुर जिला तीन राज्यों की सीमा से लगा होने के कारण बिचौलियों के लिए आसान रास्ता बनता रहा है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। धान की अवैध ढुलाई में लगे ट्रकों, पिकअप वाहनों और ट्रैक्टरों की जांच की गई। इसी दौरान बड़ी मात्रा में धान जब्त किया गया और 48 वाहनों को कब्जे में लिया गया।

    किसानों के हक की रक्षा
    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल सरकारी नुकसान रोकने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी बेहद जरूरी थी। यदि बाहरी राज्यों का धान उपार्जन केंद्रों तक पहुंच जाता, तो असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत होती। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल राज्य के वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों या बाहरी धान की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
    प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीमावर्ती जिलों में पुलिस, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त और जांच करेंगी। उपार्जन केंद्रों पर भी सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि बाहरी धान की पहचान की जा सके।सरकार का मानना है कि ऐसी सख्ती से न केवल बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों में भी भरोसा बढ़ेगा कि उनकी फसल सही दाम पर सुरक्षित रूप से खरीदी जाएगी।इस पूरे अभियान के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ संदेश दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। MSP का फायदा गलत तरीके से उठाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।