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  • सागर शराब कांड में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग, गोविंद सिंह राजपूत बोले दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाए

    सागर शराब कांड में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग, गोविंद सिंह राजपूत बोले दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाए

    सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब से जुड़ी दुखद घटना के बाद मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने उनके परिवार से एक व्यक्ति को कथित तौर पर जोड़कर किए जा रहे दावों पर सफाई दी है। मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में जिस व्यक्ति को उनके परिवार या रिश्तेदार से संबंधित बताया जा रहा है, उसका उनसे कोई संबंध नहीं है।

    गोविंद सिंह राजपूत ने बंडा क्षेत्र की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हृदयविदारक घटना है और वह इससे बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय का सामना करने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।

    मंत्री ने कहा कि घटना के बीच कुछ लोगों द्वारा एक गांव के व्यक्ति को उनके परिवार से जोड़ने का प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि संबंधित व्यक्ति उनका कोई रिश्तेदार नहीं है और उनके नाम को मामले से जोड़कर जानकारी प्रसारित करना गलत है।

    गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने स्वयं सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान या उसका किसी से संबंध कानून के रास्ते में बाधा नहीं बनना चाहिए।

    मंत्री ने कहा कि आरोपी किसी का रिश्तेदार या नातेदार हो अथवा किसी राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव से जुड़ा हो, कानून के सामने किसी को भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस घटना में दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि सागर जिला उनके परिवार को अच्छी तरह जानता है। मंत्री के अनुसार उनका पूरा परिवार शराब, सट्टा और जुआ जैसी गतिविधियों से हमेशा दूर रहा है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कार्यकर्ता को इस प्रकार की गतिविधियों में सहयोग या संरक्षण देने के पक्ष में नहीं हैं।

    मंत्री ने गंभीर घटना के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सच्चाई सामने लाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी व्यक्ति या परिवार को बदनाम करने वाली जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं की जानी चाहिए।

    गोविंद सिंह राजपूत ने दोहराया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति को बदनाम करने के लिए भ्रामक जानकारी फैलाई जाती है, तो ऐसी गतिविधियों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

    बंडा क्षेत्र की घटना को लेकर मंत्री की सफाई का मुख्य केंद्र उनके परिवार से संबंधित बताए जा रहे व्यक्ति के आरोपों को खारिज करना और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग है। उन्होंने जांच में किसी भी तरह के प्रभाव या संबंध को आड़े नहीं आने देने की बात कही है।

    मंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि घटना में वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और अफवाहों के आधार पर किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके बयान में घटना की गंभीरता के बीच तथ्य सामने लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया गया।

  • बांदा में सामुदायिक भवन और मंदिर परिसर का होगा कायाकल्प, करोड़ों की परियोजनाएं शुरू

    बांदा में सामुदायिक भवन और मंदिर परिसर का होगा कायाकल्प, करोड़ों की परियोजनाएं शुरू


    उत्तरप्रदेश । बांदा जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। रविवार को सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती मालती गुप्ता बासू ने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को विकास की नई सौगात दी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।

    कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड महुआ की ग्राम पंचायत अनथुवा से हुई, जहां लगभग 41 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक सामुदायिक भवन (बारात घर) का विधिवत भूमि पूजन किया गया। यह भवन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। अब ग्रामीणों को शादी-विवाह, बैठक, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उन्हें निजी संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र के मोहल्ला खुटला स्थित कालका देवी मंदिर परिसर के समग्र विकास कार्य का शिलान्यास किया। लगभग 1.72 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। योजना में तालाब का सुंदरीकरण, आकर्षक कला मंच का निर्माण, आधुनिक शौचालय, श्रद्धालुओं के लिए गेस्ट हाउस तथा भव्य मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने से मंदिर परिसर न केवल अधिक सुंदर और व्यवस्थित बनेगा, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

    इस अवसर पर सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार तथा नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कराई जाएंगी ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।

    नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती मालती गुप्ता बासू ने कहा कि नगर के धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों का विकास नगर पालिका की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर की सुंदरता बढ़ेगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने सभी नागरिकों से विकास कार्यों में सहयोग करने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का भी आह्वान किया।

    भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका के सभासदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। लोगों ने इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इनके पूरा होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और बांदा में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा।

  • '46 वर्षों बाद: अंत नहीं आरंभ'… प्रो. डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल के सम्मान में सजा यादगार समारोह

    '46 वर्षों बाद: अंत नहीं आरंभ'… प्रो. डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल के सम्मान में सजा यादगार समारोह


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में शिक्षा, साहित्य और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रोफेसर (डॉ.) अश्विनीकुमार शुक्ल की सेवानिवृत्ति पर आयोजित अभिनंदन समारोह भावनाओं, सम्मान और प्रेरणा का अनूठा संगम बन गया। तिंदवारी रोड स्थित होटल रॉयल ऑर्बिट में “46 वर्षों बाद : अंत नहीं आरंभ” शीर्षक से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक हस्तियों ने भाग लेकर डॉ. शुक्ल की गौरवपूर्ण सेवाओं को नमन किया।

    डॉ. शुक्ल के सुपुत्र इंजीनियर आशुतोष शुक्ल द्वारा आयोजित इस समारोह में उनके जीवन के विभिन्न आयामों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी कर्मयोगी के जीवन का अंत नहीं, बल्कि नए अध्याय की शुरुआत होती है। शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सरोकारों के प्रति डॉ. शुक्ल का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के पूर्व कला संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय और पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना उपाध्याय रहे। प्रोफेसर उपाध्याय ने अपने संबोधन में डॉ. शुक्ल की साहित्यिक प्रतिभा, भाषा पर असाधारण पकड़, संपादन कौशल और शिक्षण शैली की सराहना करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षक, अनुशासित व्यक्तित्व और संवेदनशील साहित्यकार बताया।

    समारोह की अध्यक्षता बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. जगन्नाथ पाठक ने की। उन्होंने कहा कि डॉ. शुक्ल ने अपने ज्ञान, अनुभव और सामाजिक दृष्टि से शिक्षा जगत को समृद्ध किया है। महाराष्ट्र के अमलनेर से आए प्रोफेसर डॉ. सुरेश माहेश्वरी ने उनके साथ बिताए साहित्यिक और शैक्षणिक अनुभव साझा करते हुए उनके रचनात्मक व्यक्तित्व की सराहना की।

    कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण वह रहा जब डॉ. शुक्ल के 46 वर्षों के जीवन और कार्यों पर आधारित लगभग 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। उनके अभिन्न मित्र और सेवानिवृत्त इंजीनियर अरुणकुमार तिवारी द्वारा तैयार इस वृत्तचित्र में भारतीय वायुसेना से लेकर उच्च शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र तक की उनकी प्रेरणादायक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। डॉक्यूमेंट्री के दौरान कई अतिथि भावुक भी नजर आए।

    समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और साहित्यकार मधुसूदन दीक्षित द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच संचालन अरुणकुमार तिवारी और मनोज कुमार ‘मृदुल’ ने प्रभावी ढंग से किया। वक्ताओं ने बताया कि डॉ. अश्विनीकुमार शुक्ल ने मात्र 17 वर्ष की आयु में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का दायित्व निभाया। लगभग 17 वर्ष 7 माह तक सैन्य सेवा देने के बाद उन्होंने शिक्षा और साहित्य को अपना जीवन समर्पित कर दिया और हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।

    समारोह में भारतीय वायुसेना के उनके पूर्व साथी, शिक्षाविद, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार और विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अंत में आयोजक इंजीनियर आशुतोष शुक्ल और आकांक्षा दीक्षित ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। प्रीतिभोज के साथ संपन्न हुआ यह समारोह केवल एक विदाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसे कर्मयोगी के सम्मान का उत्सव बन गया, जिसने अपने 46 वर्षों के सफर से समाज, शिक्षा और साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    नई दिल्ली। उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते तापमान के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा जिला मंगलवार को देश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने बांदा समेत कई शहरों में गंभीर लू की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश में बांदा के अलावा उरई में 45.8 डिग्री, झांसी में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई इलाकों में रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बना रहा, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल सकी।

    राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर और फलोदी में 46 डिग्री, जैसलमेर में 45.6 डिग्री और कोटा में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी जयपुर में भी तेज गर्मी रही और अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ब्रह्मपुरी में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक रहा। चंद्रपुर में 46.4 डिग्री, वर्धा में 46 डिग्री, नागपुर के सोनेगांव क्षेत्र में 45.5 डिग्री और गोंदिया में 45.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    हरियाणा में सिरसा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रोहतक में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं पंजाब के बठिंडा में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली के आयानगर, रिज और लोधी रोड क्षेत्रों में तापमान हीटवेव के आधिकारिक मानक से मामूली कम रहा, अन्यथा पूरी राजधानी गंभीर लू की चपेट में आ सकती थी।

    हालांकि मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जल्द राहत मिलने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार 29 मई से राजधानी में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

  • बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व

    बांदा: गजनी गांव में श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, रामाशीष महाराज ने बताया भक्ति और सत्कर्म का महत्व




    नई दिल्ली। बांदा के तिंदवारी क्षेत्र के ग्राम गजनी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य रामाशीष महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन में भक्ति, धर्म और सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला।

    उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भगवान की भक्ति और अच्छे कर्मों के माध्यम से मोक्ष की ओर अग्रसर होना है। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    यह धार्मिक आयोजन श्री अशोक सिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और आध्यात्मिक संदेशों से लाभान्वित हो रहे हैं।